डायबिटीज: दूर की कीजिए इंसुलिन ओर टाइप 1-2 से जुड़ी सबसे बड़ी भ्रांति

Samachar Jagat | Monday, 02 Sep 2019 01:13:22 PM
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इंटरनेट डेस्क। भारत में बहुत तेजी से पैर पसार चुकी डायबिटीज यानि मधुमेह बीमारी का सबसे बड़ा तोड़ सिर्फ इससे बचने के उपाय और परहेज है। अगर आप डायबिटीज से पीडि़त हैं तो इसके परहेज और सजगता ही आपको स्वस्थ्य रख सकते हैं। डायबिटीज आज हर घर में पहुंच चुकी है। इससे पीडि़त मरीज को हर कदम फूंक फूंक कर रखना पड़ता है। डाइट, समय, दवाई जैसी चीजों को लेकर बहुत ही केयरफुल यानि सावधान रहना पड़ता है।


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इसका सही परहेज ही इसका इलाज है। इसको लेकर कुछ भ्रांतियां भी हैं जो डायबिटीज में टाइप-1, टाइप-2 से लेकर इंसुलिन से जुड़ी हैं। मरीजों को लगता है कि टाइप-1 और इंसुलिन तो डायबिटीज की लास्ट स्टेज हैं।  शुगर यानि डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज भारत में सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं वल्र्ड हैल्थ रिपोर्ट में भी यह बात सामने आ चुकी है कि भारत का हर तीसरा व्यक्ति डायबिटीज से पीडि़त है। पैदा होते बच्चों में डायबिटीज के लक्षण पाए जा रहे हैं। इसे एक तरह से जींस बीमारी भी कहा जाता है।

अगर घर, परिवार में एक भी  सदस्य को हो जाए तो धीरे-धीरे सब इसके घेरे में आ जाते हैं। हालांकि,  यह बात सिद्धांतिक नहीं है बल्कि लोगों की सोच और नजरिए के आधार पर कही जाती है। आज हम आपको इससे जुड़ी पूरी जानकारी देते हैं ताकि आपका वहम दूर होगा ओर आप एक स्वस्थ ओर बेपरवाह जिंदगी जी सकेंगे।

डायबिटीज जिसे मधुमेह  भी कहा जाता है, उपापचय  ( Metabolism) संबंधी बीमारी है जिसमें लंबे समय तक उच्च रक्त शर्करा यानि हाई ब्लूड शुगर का स्तर होता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब आना, प्यास की बढ़ोतरी और भूख में वृद्धि होती है। 

मधुमेह से हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी फेल, पैर अल्सर, आंखें की रोशनी कम होना, सांस भरना जैसी गंभीर बीमारिया हो जाती हैं। इसके अलावा ज्यादा स्टेज बढऩे से मरीज कोमा, में भी जा सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है।

डायबिटीज दो प्रकार की होती है टाइप-1, टाइप-2

टाइप-1 केस हालांकि, कम पाए जाते हैं लेकिन, ऐसी स्थिति में मरीज बहुत गंभीर स्टेज से गुजरता है, टाइप-1 डायबिटीज से पीडि़त मरीजों के इंसुलिन बिल्कुल नहीं बनता।

टाइप-2  में मरीज के पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता, जिसकी पूर्ति समय-समय पर इंजेक्शन ओर दवाईयों के जरिए होती है।

इंसुलिन यानि मधुसूदनी अग्न्याशय (Pancreas) के भाग लैंगरहैन्स ( Langerhans) की द्विपिकाओं (Binoculars) की बीटा कोशिकाओं  (Beta cells) से स्त्रावित  (Flavored) होने वाला एक हार्मोन है। रासायनिक संरचना की दृष्टि से यह एक पेप्टाइड (Peptide) हार्मोन है जिसकी रचना 51 अमीनो अम्ल से होती है। यह शरीर में ग्लूकोज के उपापचय (Metabolism) को नियंत्रित करता है।

इंसुलिन के प्राथमिक संरचना की खोज ब्रिटिश आण्विक जीवशास्त्री फ्रेड्रिक सैंगर ने की थी। इस कार्य के लिए उन्हें 1958 में रासायनिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

नियमित एक्सरसाइज, सही आहार, पैदल चलना, खाने का बैलेंस जैसी चीजों पर ध्यान देकर मधुमेह पर कंट्रोल किया जा सकता है।



 

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