डायनासोर की उत्पत्ति के राज से हट रहा है पर्दा

Samachar Jagat | Tuesday, 17 Apr 2018 04:22:22 PM
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लंदन। डायनोसोर पृथ्वी से कैसे विलुप्त हो गए, इसकी कई वजहें बताई गई हैं और कई काल्पनिक कहानियां भी गढ़ी गई हैं लेकिन इसके बारे में बहुत ही कम जानकारी है कि इनकी उत्पत्ति कैसे हुई थी? एक अध्ययन में इसी पर प्रकाश डालने की कोशिश की गई है। ऐसा सामान्य तौर पर माना जाता है कि डायनासोर पृथ्वी से 6.6 करोड़ वर्ष पहले धरती पर उल्का पिंड के प्रभाव की वजह से विलुप्त हो गए थे।

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एक अध्ययन से पता चला है कि 23.2 करोड़ साल पहले जब बड़े पैमाने पर जीव पृथ्वी से लापता होने लगे थे तभी डायनोसोर का विस्तार होना शुरू हो गया था। इस अध्ययन में प्रागैतिहासिक काल से पहले की जीवों की उत्पत्ति पर प्रकाश डाला गया है।

‘नेचर कम्यूनिकेशन्स ’ में प्रकाशित एक अध्ययन में इटली के म्यूजियम ऑफ साइंस , यूनिवर्सिटिज ऑफ फेरेरा एंड पाडोवा और ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के वैज्ञानिकों ने बताया है कि डायनासोर का विस्तार भी एक संकट से ही हुआ था, इस संकट को मास इक्सटिंक्सन यानी सामूहिक तौर पर विनाश कहा जाता है।

इस संकट के दौरान पृथ्वी से बड़ी संख्या में जीव और पौधे विलुप्त हो गए थे। डायनासोर की उत्पत्ति मध्यजीवीय युग के शुरुआती काल ( ट्रायिजिक काल ) की शुरुआत से बहुत पहले करीब 24.5 करोड़ वर्ष पहले हुई थी।

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लेकिन इसके 1.3 करोड़ वर्ष बाद भी वह पृथ्वी पर दुर्लभ ही थे। उत्तरी इटली के डोलोमाइट्स में मिले डायनासोर के अवशेषों के बारे में अध्ययनकर्ताओं का कहना है, पहले डायनासोर के निशान नहीं मिलते हैं लेकिन बाद में कई डायनोसोर के निशान मिलने लगते हैं।

ब्रिस्टल में रिसर्च एसोसिएसट एवं म्यूजियम ऑफ साइंस के निरीक्षक ने बताया कि  हम यह देखकर उत्साहित हैं कि डायनासोर के पैरों के निशान और अस्थिपंजर इसी कहानी की ओर इशारा करते हैं। हमने कुछ समय तक डोलोमाइट्स में डायनासोर के पैरों के निशान का अध्ययन किया था। इससे पृथ्वी पर डायनासोर के नामो निशान नहीं होने से लेकर इनकी संख्या में बढ़ोतरी होने का पता चलता है। 



 

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