अजहर मामले में बोला चीन, कार्रवाई आतंकियों को शरण देने के समान नहीं

Samachar Jagat | Friday, 29 Mar 2019 05:19:19 PM
Speak in Azhar case China

बीजिंग। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी की सूची में  शामिल करने की राह में बार-बार रोड़े अटकाने की अपनी हरकत का बचाव करते हुए चीन ने शुक्रवार को उन अमेरिकी आरोपों को खारिज किया कि उसका कृत्य हिंसक इस्लामी समूह को प्रतिबंध से बचाने सरीखा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार को चीन की मुसलमानों के प्रति शर्मनाक पाखंड की आलोचना करते हुए कहा था कि चीन अपने यहां 10 लाख से ज्यादा मुसलमानों को प्रताड़ित कर रहा है लेकिन दूसरी तरफ वह हिंसक इस्लामिक आतंकी समूह को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध से बचाता है।

चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करवाने के भारत के प्रस्ताव को बाधित किए जाने के चीन के कदम के संदर्भ में यह बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने शुक्रवार को यहां मीडिया से कहा कि अगर ऐसा है तो जिस देश ने सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में अधिकतम तकनीकी अड़चनें खड़ी कीं उसे ज्यादा आतंकियों को शरण देने वाला होना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि संरा प्रतिबंध समिति में तकनीकी रोक लगाने की परंपरा समिति के नियमों के अनुरूप है। अमेरिका के प्रत्यक्ष संदर्भ के बगैर गेंग ने कहा कि अगर कोई देश तकनीकी रोक की वजह से चीन पर आतंकियों को शरण देने का आरोप लगाता है तो क्या इसका मतलब यह है कि क्या ऐसे रोक लगाने वाले सभी देश आतंकियों को प्रश्रय दे रहे हैं? अगर इसका कोई अर्थ निकलता है तो क्या हम कहें कि अधिकतम अड़चन खड़ी करने वाला देश आतंकियों का सबसे बड़ा प्रश्रयदाता है?



 

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