थाईलैंड की कोर्ट ने छोटा शकील के करीबी के प्रत्यर्पण के लिए भारत के पक्ष में दिया फैसला

Samachar Jagat | Thursday, 09 Aug 2018 02:36:44 PM
Thailand court decides in favor of India for extradition of Chhota Shakeel

मुंबई। थाईलैंड की एक कोर्ट ने गैंगस्टर छोटा शकील के करीबी सहायक मुदस्सर हुसैन सय्यद उर्फ मुन्ना झिंगाडा के प्रत्यर्पण के लिए भारत के अनुरोध के पक्ष में फैसला सुनाया है। झिंगाडा को पाकिस्तान अपना नागरिक होने का दावा करने की कोशिश कर रहा था।

एक अधिकारी ने गुरुवार को यहां बताया कि बैंकॉक में एक कोर्ट ने कल फैसला सुनाया और यह थाई भाषा में है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुंबई अपराध शाखा की ‘‘जीत’’ बताया। अदालत का यह आदेश अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि भझगाडा के प्रत्यर्पण से पाकिस्तान में दाऊद के होने के भारत के दावे को मदद मिल सकती है।

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दाऊद 1993 मुंबई के श्रंखलाबद्ध बम धमाकों का मुख्य आरोपी है। इन धमाकों में करीब 257 लोग मारे गए थे, 713 गंभीर रूप से घायल हुए थे और 27 करोड़ रुपए की संपत्ति बर्बाद हुई थी। मुंबई अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि थाईलैंड की अदालत ने झिंगाडा के भारतीय नागरिक होने के कारण उसके प्रत्यर्पण के लिए भारत के अनुरोध के पक्ष में फैसला सुनाया।

उन्होंने बताया कि अदालत ने झिंगाडा को फैसले को चुनौती देने के लिए एक महीने का समय दिया है। इस बीच थाईलैंड में भारतीय दूतावास उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उसके खिलाफ एक वारंट जारी करेगा। मुंबई में जोगेश्वरी का रहने वाला और छोटा शकील का करीबी साथी 50 वर्षीय भझगाडा दाऊद के कहने पर छोटा राजन को मारने 2000 में बैंकॉक गया था।

राजन उस हमले में बच गया था लेकिन उसका करीबी सहयोगी रोहित वर्मा मारा गया था।हमले के बाद भझगाडा पाकिस्तान भाग गया था और वह पाकिस्तानी पासपोर्ट के साथ 2001 में थाईलैंड लौटा। इसके बाद उसे थाईलैंड में गिरफ्तार कर लिया गया और राजन पर हमले के मामले में दोषी ठहराया गया। अधिकारी ने बताया कि झिंगाडा को 16 साल की जेल की सजा हुई।

पिछले कुछ वर्षों से भारत लगातर उसके प्रत्यर्पण की कोशिश में लगा हुआ था। पाकिस्तान भी थाई अधिकारियों को उसका पाकिस्तानी पासपोर्ट और स्कूल छोडऩे का प्रमाणपत्र देकर कूटनीतिक माध्यमों से उसकी हिरासत पाने की कोशिश कर रहा था।

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अधिकारी ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने उसकी उंगलियों के निशान, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और उसके परिजन के डीएनए नमूने देकर झिंगाडा की राष्ट्रीयता के ठोस सबूत दिए थे। अपराध शाखा की टीम प्रक्रिया को तेज कराने के लिए 2016 में थाईलैंड गई थी। 



 

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