वास्तु शास्त्र के अनुसार यात्रा पर जाते समय इन बातों का रखें ध्यान

Samachar Jagat | Sunday, 08 Jul 2018 10:02:44 AM
According to Vastu Shastra, keep these things in mind while traveling

धर्म डेस्क। वास्तुशास्त्र का अर्थ होता है चारों दिशाओं से मिलने वाली ऊर्जा तरंगों का संतुलन। यदि ये तरंगें संतुलित रूप से आपको प्राप्त हो रही हैं, तो घर में सुख और शांति बनी रहेगी। ऐसे में वास्तु को अपने अनुसार बनाए रखने के लिए कुछ विशेष प्रयासों को किया जाना आवश्यक है। इन प्रयासों के माध्यम से आप अपने घर को वास्तुदोष से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में.....

घर में लेटबाथ के एकसाथ होने से उत्पन्न होता है वास्तुदोष, उठानी पड़ती हैं ये परेशानियां

कभी भी यात्रा में पूरा परिवार एक साथ घर से ना निकले, आगे पीछे जाएं इससे यश की वृद्धि होगी।

सूर्यास्त के समय अगर आपके घर पर कोई दूध, दही या प्याज मांगने आए तो इन तीनों चीजों को देने से साफ मना कर दें क्योंकि सूर्यास्त के समय किसी बाहरी व्यक्ति को ये तीनों चीजें देने से घर की बरक्कत समाप्त हो जाती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार ऑफिस में कुछ इस तरह का होना चाहिए कर्मचारियों के बैठने का स्थान

मुख्य द्वार के पास कभी भी कूड़ादान ना रखें आपको बता दें कि वास्तुशास्त्र में घर के मुख्य द्वार के पास कूड़ादान रखने से दोष उत्पन्न होता है और इससे आस-पास के लोगों से व्यवहार खराब होता है।

छत पर कभी भी अनाज या बिस्तर ना धोएं इससे ससुराल से संबंध खराब होने लगते हैं।

स्नान के बाद गीले या एक दिन पहले के प्रयोग किए गए तौलिए का प्रयोग ना करें इससे संतान हठी व परिवार से अलग होने लगती है अपनी बात मनवाने लगती है अतः रोज साफ सुथरा और सूखा तौलिया ही प्रयोग करें। 

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

बड़े काम की हैं वास्तु पर आधारित ये छोटी-छोटी बातें, घर से तनाव और परेशानियों को रखती हैं दूर



 

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