हरिद्बार में कांवड मेला चरम पर, लाखों कांवडिए गंतव्य की ओर रवाना

Samachar Jagat | Monday, 12 Feb 2018 01:52:41 PM
Kandal Mela at Haridar, lakhs of Kanvadi leaves towards destination

हरिद्बार। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी हरिद्बार में हर की पौडी सहित आस-पास के सभी घाटों में बम बम भोले के जयकारे लगते नजर आ रहे है और लाखों कांवड़िए हरिद्बार से जल भर कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं। शरदीय कांवड में हांलाकि श्रावणमास के मेले की अपेक्षा कम ही भीड़ होती है। लेकिन महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए अलग-अलग राज्यों से यहां रोजाना हजारों कांवडिए जल भरने आते हैं।

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ये सभी कांवडिये 13 और 14 फरवरी को अपने अपने अभीष्ठ शिवालयों में जलाभिषेक कर अपनी यात्रा को विराम देगें। महाशिवरात्री 13 फरवरी को है जैसे-जैसे यह नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे दूर-दूर से आए शिवभक्तों की भीड हर की पौड़ी पर बढ़ती नजर आ रही है। गंगा जल लेने के लिए रोज लगभग दो लाख से अधिक श्रद्बालु हरिद्बार पहुंच रहे हैं। गंगा जल लेने के बाद बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए पैदल अपने कन्धों पर कांवड रखकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे है। 

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वहीं शिवभक्तों की भीड देखकर स्थानीय दुकानदारों के चेहरे पर भी खुशी की लहर देखी जा सकती है। बाजारों में हर तरफ कांवड़ और कांवड़ बनाने की सामग्री की खूब बिक्री हो रही है। लेकिन प्रशासन ने मानों इनकी सुविधा के लिए आखों पर पट्टी बंध रखी है। शिवभक्तों को बिगडी व्यवस्थाओं के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

शास्त्रों के अनुसार क्यों नहीं लगाना चाहिए झाड़ू को पैर

राजमार्ग पर लंबा जाम और सड़कें टूटी हुई हैं, जिससे शिवभक्तों सहित यहां के स्थानीय लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार इस बार 13 फरवरी की रात से चतुर्दशी आरंभ हो रही है। शिवरात्री पर्व का संयोग 14 फरवरी की मघ्यरात्री तक रहेगा। इस दौरान जलाभिषेक के अलावा जप तप एवं दान करने से विशेष पुण्यफल कर प्राप्ति होती है।-एजेंसी



 

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