आज भी इस मंदिर में भक्तों को दर्शन देने के लिए खड़े हैं भगवान कृष्ण

Samachar Jagat | Monday, 16 Apr 2018 05:07:39 PM
Lord Krishna is still standing in the temple to give a glimpse to the devotees
Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

धर्म डेस्क। भगवान कृष्ण और राधा के मंदिर जगह-जगह पर बने हुए हैं और यहां आकर पूरी श्रद्धा से भक्त इनकी पूजा-आराधना करते हैं। जहां भगवान राम अपनी पत्नी सीता के साथ मंदिरों में विराजमान हैं वहीं श्री कृष्ण अपनी प्रेयसी राधा के साथ पूजे जा रहे हैं। भगवान ने राम रूप में जहां लोगों को एक पत्नी व्रत का पालन करना सिखाया, वहीं कृष्ण रूप में आकर प्रेम को ही सर्वोपरि बताया। इसी कारण श्री कृष्ण और राधा की सभी जगहों पर पूजा होती है। वहीं भगवान श्री कृष्ण का विवाह रुक्मणी से हुआ था और एक मंदिर ऐसा भी है जहां पर इनकी पूजा की जाती है।

जानिए! दूध से जुड़े कुछ शकुन-अपशकुन के बारे में .......

भगवान के दर्शनों के लिए लोग न जाने क्या-क्या करते हैं, लोग करोड़ों वर्षों तक तपस्या करते हैं। इसके बाद भी उन्हें भगवान के दर्शन नहीं होते हैं। लेकिन इस मंदिर में भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए खड़े रहते हैं। जो भी भक्त यहां भगवान के दर्शनों के लिए आते हैं, भगवान उन्हें दर्शन देते हैं। 

धनवान बनने के लिए व्यक्ति की कुंडली में होने चाहिए ये योग

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के पंढलपुर में स्थित विट्ठल रुकमणि मंदिर पूरे विश्व में विख्यात है, यहां की मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए कई युगों से यहां खड़े हैं और माना जाता है की ये ऐसे ही कई युगों तक खड़े रहेंगे। पौराणिक कथाओं के अनुसार रुक्मणि श्रीकृष्ण से रूठकर यहां तपस्या करने आईं थीं तब भगवान श्री कृष्ण उन्हें मनाने यहां आए तो उन्हें अपने भक्त पुंडलिक का भी स्मरण हो आया, कृष्ण उन्हें दर्शन देने रुक गए और दूसरी तरफ रुकमणि प्रतीक्षा में खड़ी रह गईं।

धन वृद्धि के लिए दीपक जलाते समय करें इन नियमों का पालन

साल बीतकर युग बन गए लेकिन अभी तक इस मंदिर में भगवान कृष्ण और रूक्मणी खड़े हुए हैं । यहां रुकमणि रुठी खड़ी हैं तो श्रीकृष्ण अपने कमर पर हाथ रखे हुए खड़े हैं। यहां पर भगवान कृष्ण शेषनाग के नीचे एक ईंट पर खड़े अपने भक्त का इंतज़ार कर रहे हैं। दूर-दूर से भगवान के दर्शन करने के लिए भक्त इस मंदिर में आते हैं, यहां की मान्यता के अनुसार जो भी भक्त भगवान से यहां कुछ मांगता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।

Source-Google

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

जानिए कौन था सहस्त्रार्जुन और क्या था इसका रावण से संबंध

 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.