6 अप्सराओं के गर्भ से हुआ था भगवान शिव के इस पुत्र का जन्म

Samachar Jagat | Sunday, 05 Aug 2018 07:04:02 AM
This son of Lord Shiva was born from the womb of 6 Apsars

धर्म डेस्क। भगवान शिव के दो पुत्रों का वर्णन हिंदू शास्त्रों में मिलता है, जिनके नाम कार्तिकेय और गणेश हैं। भगवान शिव के दोनों ही पुत्रों के जन्म की कथा बहुत ही रोचक है। हम आपको यहां शिव पुत्र कार्तिकेय का जन्म कैसे हुआ इसके बारे में बता रहे हैं, आपको बता दें कि कार्तिकेय के जन्म को लेकर अनेक कथाएं प्रचलित हैं, हम आपको यहां कार्तिकेय के जन्म से जुड़ी दो प्रमुख कथाओं के बारे में बता रहे हैं, आइए जानते हैं इन रोचक कथाओं के बारे में .......

जब तारकासुर नामक दैत्य का आतंक चारों ओर फैल गया और देवताओं को भी पराजय का सामना करना पड़ा, तब सभी देवताओं ने ब्रह्माजी से प्रार्थना की। देवताओं ने ब्रह्माजी से तारकासुर का नाश कैसे होगा इसके बारे में पूछा तो ब्रह्माजी ने कहा कि इस दैत्य का वध शिव-पार्वती के पुत्र के हाथों होगा। इसके बाद सभी ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रार्थना की जिसके पश्चात कार्तिकेय का जन्म हुआ और उसने तारकासुर का वध कर देवताओं की दैत्यों से रक्षा की। 

वहीं एक दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार कार्तिकेय का जन्म 6 अप्सराओं के 6 अलग-अलग गर्भों से हुआ था और फिर वे 6 अलग-अलग शरीर एक में ही मिल गए थे। पार्वती ने इन छः सिरों को जोड़कर एक सिर में परिवर्तित किया। इस तरह कार्तिकेय का जन्म हुआ। कृत्तिकाओं यानि अप्सराओं ने इन्हें अपना पुत्र बनाया था, इसी कारण इनका नाम कार्तिकेय पड़ा।

( इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )

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