भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए गणेश चतुर्थी पर करें इन मन्त्रों का जाप

Samachar Jagat | Tuesday, 11 Sep 2018 07:00:01 AM
To please Lord Ganesha on Ganesh Chaturthi, chanting of these mantras

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धर्म डेस्क। भगवान  गणेश विधा, बुद्धि और बल प्रदान करने वाले हैं, जब भी किसी शुभ कार्य की शुरुआत की जाती है तो सबसे पहले भगवान गणेश की स्थापना कर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। कुछ मंत्र ऐसे हैं जिनका जाप करने से व्यक्ति को बुद्धि और धन-संपदा की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इन खास मंत्रों के बारे में  ......

किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले करें इस मंत्र का जाप  :-

ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।

छोटी-छोटी बातों को लेकर खुश और दुखी होते रहते हैं इस अक्षर से नाम शुरू होने वाले जातक

Take these measures today to please Lord Ganesha

भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जाप :-

ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।

विद्या और बुद्धि प्राप्त करने के लिए करें इस मंत्र का जाप :-

श्री गणेश बीज मंत्र ऊँ गं गणपतये नमः ।।

सिद्धियां प्राप्त करने के लिए करें इस मंत्र का जाप :-

एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए आज करें ये उपाय

गणेश कुबेर मंत्र :-

ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।

संकटनाशक  गणेश  स्तोत्र :-

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्र विनायकम् ।

भक्तावासं स्मरेन्नित्यायुष्कामार्थसिद्धये ॥1॥

प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।

तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ॥2॥

लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।

सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥3॥

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् ।

एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ॥4॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः ।

न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिश्च जायते ॥5॥

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।

पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥6॥

जपेद् गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासैः फलं लभेत् ।

संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः ॥7॥

अष्टाभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत् ।

तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥8॥

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भगवान शिव के भी परमप्रिय सेवक हैं धन के देवता कुबेर, प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जाप

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