07 दिसंबर : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Friday, 07 Dec 2018 03:50:19 PM
07 December top 10 news in hindi

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

राजस्थान विस चुनाव: वसुंधरा ने झालरापाटन, गहलोत ने जोधपुर और जबकि पायलट ने जयपुर में डाला अपना वोट

Rajasthan assembly elections 2018 news


जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज झालवाड़ जिले की झालरापाटन एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने जयपुर में अपना वोट डाला। राजे ने झालरापाटन में मतदान केन्द्र संख्या 31 ए पर अपना मत डाला। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से कहा कि इस बार भी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत तय हैं क्योंकि लोग विकास को लेकर मतदान कर रहे हैं।

इस मौके गहलोत ने दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सरकार बनायेगी क्योंकि पिछले पांच साल में बीजेपी सरकार के पास लोगों को बताने के लिए कुछ भी नहीं हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस के समय की कुछ योजनाओं को बंद किया और विकास का कोई काम नहीं करने से लोगों में उसके प्रति भारी गुस्सा हैं। इसी तरह पायलट ने जयपुर के किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में जालूपुरा स्थित मतदान केन्द्र पर अपने मताधिकार का उपयोग किया। पायलट टोंक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। इस मौके उन्होंने कहा कि रोजगार, किसान, गरीब आदि मुद्दों को लेकर मतदान होगा और उन्हें पूरी उम्मीद हैं कि कांग्रेस की सरकार बनेगी जो जनता की सरकार होगी।

इनके अलाव केन्द्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर के वैशाली नगर में अपना मत डाला। प्रदेश के मतदाताओं को मेरी शुभकामनाएं। लोकतंत्र के इस महापर्व को मनाएं, स्वयं मतदान करें एवम सभी को प्रेरित करें। मतदान आपका अधिकार ही नहीं नैतिक कर्तव्य भी है।

लोकतंत्र के पर्व में अपनी भागीदारी अवश्य निभाएं। इस मौके उन्होंने कहा कि मतदान की ताकत से ही देश में सुधार हुआ हैं और एक एक वोट की ताकत से गरीब को सुविधा मिली हैं। उन्होंने कहा कि आज पड़ने वाले हर वोट की बड़ी कीमत हैं। इसी तरह पाली में केन्द्रीय मंत्री पी पी चौधरी तथा उदयपुर में राज्य के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास ने उदयपुर में अपने मतदान का उपयोग किया। इसी प्रकार कोटा में पूर्व सांसद इज्यराज सिंह ने लाईन में खड़े होकर अपना मत डाला। 

भगोड़े आर्थिक अपराधियों को छुपने की जगह ना मिले इसके लिए प्रयासरत है सरकार : मोदी

Government is trying to find fugitive economic criminals not to replace them: Modi

नयी दिल्ली। भ्रष्टाचार पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को दुनिया में कहीं भी सुरक्षित पनाहगाह ना मिले इसके लिये उनकी सरकार प्रयासरत है और आशा है कि यह कोशिश रंग लाएगी। दैनिक जागरण के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा उत्पादक और उपभोक्ता को जितना संभव हो पाए उतना पास लाया जाए। भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, हमारी नीति स्पष्ट भी है और सख्त भी।

उन्होंने कहा कि जो आर्थिक अपराध करने वाले हैं, भगोड़े हैं, उनको दुनिया में कहीं भी सुरक्षित पनाहगाह ना मिले इसके लिए भारत ने कुछ सुझाव अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच रखे हैं। विश्वास है कि हमारी यह मुहिम रंग लाएगी। मोदी ने कहा कि पिछले दिनों अर्जेंटीना में जी-20 शिखर सम्मेलन में आए नेताओं से उनकी बातचीत हुई। उन्होंने अपनी बातें दुनिया की ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के बीच रखी।

उन्होंने जोर दिया कि गरीबों के सशक्तिकरण के माध्यम तैयार करने का यह काम सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहने वाला, आने वाले समय में इसका विस्तार होना है। हमारा प्रयास है कि तकनीक की मदद से बिचौलियों को हटाया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में सम्पर्क से लेकर संचार तक, प्रतिस्पर्धा से लेकर सुविधा तक, जीवन के हर पहलू को तकनीक से जोडऩे का प्रयास हो रहा है। तकनीक और मानवीय संवेदनाओं की शक्ति से सुविधाजनक जीवन जीने का माहौल सुनिश्चित किया जा रहा है।

मोदी ने कहा कि आज बड़े लक्ष्यों, कड़े और बड़े फैसलों का अगर साहस सरकार कर पाती है, तो उसके पीछे एक मजबूत सरकार है, पूर्ण बहुमत की सरकार है। न्यू इंडिया के लिए सरकार का पूरा ध्यान सामर्थ्य, संसाधन, संस्कृति और सुरक्षा पर है। उन्होंने कहा कि विकास की पंचधारा यानि बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को भसचाई और जन-जन की सुनवाई, इसी को केंद्र में रखते हुए सरकार आगे बढ़ रही है। 

संरा ने हंसा मेहता के योगदान को याद किया

Sara remembers Hans Mehta contribution

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारतीय समाज सुधारक एवं शिक्षाविद हंसा जीवराज मेहता के मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा वाले ऐतिहासिक दस्तावेज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनकी सराहना की है। गुतारेस, गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक प्रदर्शनी से संबंधित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज को आकार देने में महिलाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर भारत की हंसा मेहता, जिनके बिना हम लोग केवल पुरुषों के अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा पर बात कर रहे होते, न कि मानवाधिकारों पर। इस प्रदर्शनी में मेहता सहित दूसरी प्रेरणादायी महिलाओं के योगदान को दर्शाया गया है।

हंसा मेहता भारत की महान समाज सुधारक, शिक्षाविद् और उत्कृष्ट लेखिका थीं। उन्होंने 1947-48 में संरा मानवाधिकार आयोग में भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर इस वैश्विक संगठन के लिए काम किया। मानवाधिकारों के ऐतिहासिक ऐलान को लैंगिक रूप से अधिक संवदेनशील बनाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

वे भारत का संविधान बनाने वाली संविधान समिति की सदस्य भी थीं। गुतारेस ने पाकिस्तान की बेगम शाइस्ता इकरामउल्ला, डोमिनिक गणराज्य की मिनर्वा बेरनाडिनो, ब्राजील की बेर्था लुट्ज और उरूग्वे की इसाबेल डी विदेल के योगदान की भी प्रशंसा की। 

तालिबानी नेताओं पर प्रतिबंध नहीं लगाने पर भारत ने की संयुक्त राष्ट्र की आलोचना

India has criticized the UN for not banning Taliban leaders

संयुक्त राष्ट्र। अफगानिस्तान में तबाही और हिंसा फैलाने वाले तालिबान के नए नेताओं पर प्रतिबंध नहीं लगाने के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र की कड़ी आलोचना की, साथ ही अफगानिस्तान में आंतकवाद को लेकर इशारो ही इशारों में पाकिस्तान पर भी निशाना साधा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर एनम गंभीर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अफगानिस्तान में हालात को लेकर हुई चर्चा के दौरान कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाने वाले आतंकवादियों की अमन में कोई दिलचस्पी नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य कुछ और ही है। आतंकी और उनके समर्थकों ने अपने नियंत्रण वाले भू-भाग पर मादक पदार्थों और अवैध खनन का उद्योग खड़ा कर दिया है। वे अफगानिस्तान के लोगों के संसाधन चुराकर हिसा और आतंकवाद को पोषित कर रहे हैं।

गंभीर ने कहा कि अफगानिस्तान के लोग बेहतर जीवन और शांतिपूर्ण भविष्य चाहते हैं लेकिन उनके सामने हाल के दिनों में चुनौतियों बढ़ी हैं। उन्होंने हाल ही में जारी वैश्विक आतंकवाद सूचकांक का उल्लेख किया। सूचकांक में अफगानिस्तान को आतंकवाद के मामले में दुनिया का सबसे खतरनाक देश बताया गया था।

इसके अनुसार 2017 के दौरान दुनियाभर में आतंकवाद के कारण हुई कुल मौतों में से एक-चौथाई मौतें अकेले अफगानिस्तान में ही हुई हैं। अफगानिस्तान को लेकर संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए गंभीर ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद संयुक्त राष्ट्र ने इस समस्या के स्रोत से निबटने के लिए संकल्प नहीं दिखाया है।

सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति तालिबान के नए नेताओं पर प्रतिबंध लगाने या तालिबान के मारे जा चुके नेताओं की संपत्ति जब्त करने से इनकार कर अफगानिस्तान और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की उम्मीदों पर खरी उतरने में नाकाम रही है।

उन्होंने आगे कहा कि गत उदाहरणों से हम यह जानते हैं कि अफगानिस्तान में अमन और पूरे विश्व में शांति और सुरक्षा आपस में जुड़े हैं।गंभीर ने इशारों ही इशारों में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा इन हमलों की योजना बनाने और इन्हें अंजाम देने का काम आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह बन चुके अफगानिस्तान के पड़ोस की ओर से किया जा रहा है। यहीं पर वर्षों से तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, आईएस, अल-कायदा और इनसे जुड़े प्रतिबंधित संगठनों लश्कर ए तैय्यबा तथा जैश ए मोहम्मद को पनाह दी जा रही है।

एबीसीडी 3 के लिए वरूण धवन ने मांगी इतनी फीस, पढक़र आप भी हो जाएंगे हैरान

Varun demand 21 crores fee for ABCD-3

एंटरटेनमेंट न्यूज। रेमो डिसूजा की फिल्म एबीसीडी 2 में बॉलीवुड अभिनेता वरूण धवन भी मुख्य भूमिका में नजर आए थे। यह फिल्म साल 2013 में आई फिल्म एबीसीडी का सिक्वेल थी। इस पहली फिल्म में सिर्फ सारे डांसर नजर आए थे और बॉलीवुड का कोई चेहरा नहीं था। इसके बाद रेमो ने साल 2015 में इसका सीक्वल एबीसीडी 2 बनाया, जिसमें बॉलीवुड के चोकलेटी बॉय वरूण धवन और श्रद्धा कपूर लीड रोल में नजर आए थे।

मीडिया खबरो की माने तो अब रेमो डिसूजा ने इस कड़ी को एक ओर कदम आगे बढ़ा रहे हैं और इस फिल्म का एक और सीक्वल बनाने जा रहे है। रेमो अपनी अगली फिल्म एबीसीडी-3 में भी वरूण धवन को लेना चाह रहे हैं। वहीं खबरे आ रही है कि एबीसीडी-3 में काम करने के लिए वरूण धवन ने भारी भरकम फीस की मांग की है।

मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार  बॉलीवुड के चॉकलेटी हीरो वरूण धवन ने अपनी आने वाली फिल्म एबीसीडी-3 के लिए 21 करोड़ की फीस मांगी है। बॉलीवुड निर्देशक रेमो डिसूजा एबीसीडी का तीसरा संस्करण बनाने जा रहे हैं। फिल्म में वरूण धवन और कैटरीना कैफ की अहम भूमिका होगी। बताया जा रहा है कि वरूण ने एबीसीडी-3 के लिए 21 करोड़ रुपए की फीस मांगी है।

यह फिल्म 3डी में शूट होगी। इस फिल्म में कैटरीना कैफ एक पाकिस्तानी डांसर की भूमिका निभा रही हैं। वहीं इस फिल्म में शक्ति मोहन भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। इसे भव्य तरीके से फिल्माया जाएगा। ये फिल्म पहले इस साल के अंत तक शुरू होने वाली थी लेकिन अब जनवरी-फरवरी में फ्लोर पर जाएगी और एक ही शेड्यूल में पूरी की जाएगी। वरुण और कटरीना को एक ही बार में सारी शूटिंग खत्म करने को कहा गया है क्योंकि फिल्म 3डी में भी रिलीज होने वाली है। इसलिए पोस्ट प्रोडक्शन का काफी काम करना होगा।

फिल्म जीरो में अपने किरदार से खुश नहीं है कैटरीना, कहा अब नहीं करूंगी कभी ऐसी फिल्म

Katrina does not want to work in a film like Zero

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड की बार्बी गर्ल कैटरीना कैफ अभी शाहरूख खान के साथ फिल्म जीरो में नजर आ रही है। वहीं कैफ का कहना है कि वह इस तरह की फिल्मों में दोबारा काम नहीं करना चाहती। मीडिया रिपोट्र्स की माने तो बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ अब जीरो जैसी फिल्म में काम करना नहीं चाहती हैं।

आनंद एल राय के निर्देशन में बनी फिल्म जीरो में शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ की मुख्य भूमिका है। जीरो में शाहरुख बउआ नाम के बौने का किरदार निभा रहे हैं जबकि कैटरीना अभिनेत्री का, वहीं अनुष्का एक वैज्ञानिक बनी हैं जो व्हीलचेयर पर हैं। कैटरीना कैफ ने बताया है कि वह अब कभी भी जीरो जैसी फिल्म में काम नहीं करना चाहती।

कैटरीना कैफ को फिल्म से नहीं बल्कि अपने किरदार से दिक्कत है। कैटरीना जीरो में बबीता नाम की हीरोइन का किरदार निभा रही है। यह एक ऐसा किरदार है जो अंधेरे, अकेलापन, डिप्रेशन वाली जिंदगी जीती है। कैटरीना ने बताया कि है यह काम बहुत इंस्पाइरिंग और चैलेंज से भरा था लेकिन फिल्म में मैंने जिस तरह का किरदार निभाया वो कुछ खास मनोरंजन से भरा नहीं था।

हम 10 दिन या कहें 2 हफ्ते के काम के बाद ब्रेक लेते थे और जब भी मैं वापस सेट पर लौटती थी तो आनंद सर से सिर्फ ये कहती थी कि मैं वापस बबीता के डिप्रसिंग किरदार में नहीं जाना चाहती। इसपर आनंद सर सिर्फ इतना कहते थे कि मुझे पता है बच्चा, पर करना पड़ेगा। कैटरीना फिल्म में हमेशा से अनुष्का का किरदार निभाना चाहती थीं। कैटरीना ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का जिक्र भी किया था लेकिन आनंद एल राय उन्हें हमेशा से बबीता के रोल में ही देखना चाहते थे। जीरो फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी।

अश्विन की फिरकी में उलझे ऑस्ट्रेलियाई, अभी भी 59 रन पीछे

Ashwin and fast bowlers returned India to match

खेल डेस्क। अनुभवी ऑफ स्पिनर आर अश्विन की शानदार गेंदबाजी की के कारण ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक सात विकेट खोकर 192 रन बना लिए है। दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया की और से ट्रैविस हेड (61) और मिशेल स्टार्क (8) क्रीज पर मौजूद थे। इससे पहले रविचन्द्रन अश्विन ने आस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम को सस्ते में समेट दिया जबकि तेज गेंदबाजों ने रनगति पर अंकुश लगाकर पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन शुक्रवार को भारत का पलड़ा भारी कर दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी सत्र में ट्रेविस हेड (नाबाद 61) और पैट कमिंस (10) ने 50 रन की साझेदारी की लेकिन आखिर में कमिंस के आउट होने से भारत ने फिर दबाव बना दिया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर ऑस्ट्रेलिया ने 88 ओवर में सात विकेट पर 191 रन बना लिए थे।

अश्विन ने 33 ओवर में 50 रन देकर तीन विकेट लिए। वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 34 और ईशांत शर्मा ने 31 रन देकर दो-दो विकेट अपने नाम किए। ऑस्ट्रेलिया टीम अभी भी भारत की पहली पारी के 250 रन से अभी भी 59 रन पीछे है और उसके तीन ही विकेट बाकी हैं। चाय के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दस रन और आठ ओवर के भीतर दो विकेट गंवा दिए। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। पीटर हैंडस्कंाब (34) आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे जो बुमराह को कट शॉट खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे कैच दे बैठे। इसके बाद ईशांत ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन (पांच) को उसी अंदाज में पवेलियन भेजा।

ऑस्ट्रेलिया के छह विकेट 127 रन पर गिर गए जिसके बाद हेड और कमिंस ने सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की। हेड ने अपना दूसरा टेस्ट अर्धशतक 103 गेंदों में पूरा किया। कमिंस को बुमराह ने पगबाधा आउट किया। लंच के बाद अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के दो बल्लेबाजों को आउट किया। पहले शॉन मार्श (दो) ने लंच के तुरंत बाद अपना विकेट गंवा दिया। पहले ही ओवर में अश्विन को आक्रामक शाट खेलने के प्रयास में वह आउट हो गए। उस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीन विकेट पर सिर्फ 59 रन था। उस्मान ख्वाजा (28) और हैंडस्कंाब ने चौथे विकेट के लिए 28 रन जोड़े। हैंडस्कांब ने मोहम्मद शमी को कुछ शुरूआती चौके लगाकर रनगति को आगे बढ़ाया। अश्विन ने 40वें ओवर में ख्वाजा को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। वह विकेट के पीछे ऋषभ पंत को कैच देकर आउट हुए। भारत ने डीआरएस रिव्यू पर यह विकेट हासिल किया।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर उस समय चार विकेट पर 87 रन हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक दो विकेट 57 रन पर गंवा दिए थे। ईशांत शर्मा ने उनकी पारी की तीसरी गेंद पर आरोन फिंच (0) को आउट किया। ख्वाजा और टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस (26) ने कुछ देर संभलकर खेलने की कोशिश की। दोनों ने 20. 4 ओवर में 45 रन जोड़े। यह भारत के शीर्ष चार विकेटों से लिए हुई किसी भी साझेदारी से बड़ी थी। भारतीय तेज गेंदबाजों ने काफी रफ्तार के साथ गेंद डाली। बुमराह ने तो एक समय 150 किमी की गति से भी गेंदबाजी की लेकिन कई बार अच्छी लैंग्थ नहीं पकड़ सके। अश्विन को 12वें ओवर में गेंद सौंपी गई जिसने हैरिस को परेशान किया। लंच से पहले हैरिस को अश्विन ने सिली प्वाइंट पर लपकवाया। इससे पहले मोहम्मद शमी (छह) दूसरे दिन जोश हेजलवुड की पहली ही गेंद पर आउट हो गए जिन्होंने विकेट के पीछे कैच थमाया। इसके साथ ही भारतीय पारी का अंत हो गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए हेजलवुड ने 52 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस और नाथन लियोन को दो-दो विकेट मिले। 

आखिर क्यों दिन-रात के टेस्ट मैच कराना चाहता है क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया

Cricket Australia wants India to play the day-night Test on the next tour

खेल डेस्क। भारत के खिलाफ सीरीज के पहले क्रिकेट टेस्ट में दर्शकों की कमी को देखते क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बीसीसीआई से दिन-रात्रि टेस्ट के विरोध पर पुनर्विचार की अपील करते हुए शुक्रवार कहा कि उन्हें अगले दौरे पर एडीलेड में दूधिया रोशनी में मैच खेलना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने कहा कि टेस्ट के पहले दिन मैदान में 23,802 दर्शक पहुंचे जो 2013 में इस मैदान के पुननिर्माण के बाद सबसे कम है। यह चिंता करने वाली बात है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या दर्शकों की कम संख्या ने उन्हे इस बात के लिए प्रेरित किया कि एडिलेड में टेस्ट क्रिकेट दिन-रात्रि में खेला जाए तो उन्होंने कहा है कि बिल्कुल, प्रशंसक क्या चाहते है यह काफी मायने रखता है और उनकी मौजूदगी यह बता भी रही है। पिछले वर्षों में यहंा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक पिछले साल इस मैदान में एशेज के पहले मैच के लिए 55,000, उससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के लिए 32,255 और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट के पहले दिन मैदान में 47,441 दर्शक मौजूद थे। गुरुवार को दर्शकों की यह संख्या चार साल पहले भारत के खिलाफ यहां खेले गए मैच के पहले दिन से भी कम थी। उस मैच में 25,619 दर्शक मैदान में मौजूद थे। उन्होंने एसईएन रेडियो से कहा है कि इस में कोई शक नहीं कि दिन-रात्रि टेस्ट के प्रशंसक हमसे दूर हुए है।

हम एडीलेड में फिर से दिन-रात्रि टेस्ट मैच की तरफ लौटना चाहेंगे। रोबर्टस ने कहा उन्हें उम्मीद है कि बीसीसीआई 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के अगले दौरे पर दिन रात्रि टेस्ट खेलने के लिए तैयार होगा। उन्होंने कहा है कि हम ऐसा ही उम्मीद कर रहे। हम एक बार में एक कदम लेंगे। हम यह मानते है कि टेस्ट को लेकर उनका नजरिया अलग है। उम्मीद है कि प्रशंसकों की भावनाओं को ध्यान में रखकर हम दिन-रात्रि टेस्ट में खेल सकते है।

माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कार्यवाही के खिलाफ याचिका पर ईडी को नोटिस

Notice to ED on petition against Mallya for proceeding to declare fugitive economic offender

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए मुंबई की एक अदालत में चल रही कार्यवाही को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने याचिका पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा। धन शोधन रोकथाम कानून के तहत विशेष कोर्ट में चल रही सुनवाई के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है।

ईडी ने विशेष अदालत से लंदन में रह रहे उद्योगपति माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की थी।

माल्या की याचिका पर शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया लेकिन मुंबई की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने से मना कर दिया। बंबई उच्च न्यायालय ने हाल ही में माल्या की अपील खारिज कर दी थी जिसके बाद माल्या ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 361 अंक की अच्छी बढ़त बनाकर बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes by a good gain of 361 points

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार की शुरूआत बढ़त के साथ हरे निशान पर हुई और कारोबार की समाप्ति पर भी ये बढ़त के साथ ही हरे निशान पर बंद हुआ। बढ़त के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 361.12 अंक यानि 1.02 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 35,673.25 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी में भी कारोबार की समाप्ति पर बढ़त देखने को मिली और ये 92.55 अंक यानि 0.87 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,693.70 के स्तर पर बंद हुआ। 

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला और लाल निशान पर ही बंद हुआ। कारोबार की शुरूआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 190.16 अंक यानि 0.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,694.25 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 572.28 अंक यानि 1.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,312.13 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी कारोबार की शुरूआत में 64.75 अंक यानि 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,718.15 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 181.75 अंक यानि 1.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,601.15 के स्तर पर बंद हुआ। 

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