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Samachar Jagat | Friday, 13 Jul 2018 04:31:19 PM
13 july latest top ten news

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क्या शाह दुष्कर्म पर बीजेपी विधायक की टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे : शिवसेना

Will Shah apologize for comment of BJP legislator on rape: Shiv Sena

मुंबई। शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि क्या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उत्तर प्रदेश से पार्टी के एक विधायक की उस टिप्पणी के लिये माफी मांगेंगे जिसमें उन्होंने कहा था कि भगवान राम भी बलात्कार की घटनाओं को रोक नहीं सकते हैं। शशि थरूर की ‘ हिंदू पाकिस्तान ’ वाली टिप्पणी के लिए बीजेपी के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की मांग करने के बाद शिवसेना का यह बयान आया है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘ सामना ’ में कहा कि थरूर ने कहा कि अगर बीजेपी वर्ष 2019 (लोकसभा) चुनाव जीतती है तो भारत ‘ हिंदू पाकिस्तान ’ बन जाएगा। संक्षेप में कहें तो अगर (नरेन्द्र) मोदी फिर से सत्ता में आते हैं तो भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाएगा। शिवसेना ने कहा कि आरएसएस का यही एजेंडा है और थरूर ने इसे कांग्रेस के मंच से कहा है।

तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने बुधवार को यह कहकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया कि अगर बीजेपी फिर से सत्ता में आई तो वह संविधान को बदल देगी और हिंदू पाकिस्तान के निर्माण के लिये मार्ग प्रशस्त करेगी। बीजेपी ने भारतीय लोकतंत्र एवं हिंदुओं पर हमले के लिए गुरुवार को राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा था।

शिवसेना ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी थरूर की टिप्पणी के लिये माफी मांगें। लेकिन उन्हें यह समझने की जरूरत है कि थरूर तो सिर्फ बीजेपी की भाषा में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उसके एक विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा था कि यहां तक कि भगवान राम भी बलात्कार की घटनाओं को रोक नहीं सकते।

उनकी यह टिप्पणी हिंदुओं का अपमान है। क्या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को उनकी (विधायक की) टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगनी चाहिए? बीजेपी विधायक ने हाल में कहा था , ‘‘ अगर भगवान राम भी आ जायेंगे तब भी बलात्कार की घटना पर नियंत्रण नहीं हो पाएगा। 

किरण रेड्डी ने की कांग्रेस में वापसी, बोले- यह पार्टी ही मेरी पहचान है

Kiran Reddy return to Congress, say- this party is my identity

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी शुक्रवार को फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि इसी पार्टी से ही उनकी पहचान है और आज वह अपने ‘परिवार’ में वापस लौटे हैं। रेड्डी ने 4 वर्ष पहले तेलंगाना राज्य बनने के समय कांग्रेस छोडक़र अलग पार्टी बना ली थी। कांग्रेस में शामिल होने से पहले रेड्डी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की।

कांग्रेस के आंध्र प्रदेश प्रभारी ओमन चांडी, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला , वरिष्ठ नेता पल्लम राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन. रघुवीर रेड्डी और राज्य के कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में किरण कुमार रेड्डी कांग्रेस में शामिल हुए। सुरजेवाला ने कांग्रेस में उनका स्वागत करते हुए कहा कि रेड्डी ने पहले भी कांग्रेस की सेवा की है और आगे भी सेवा करते रहेंगे। पार्टी में शामिल होने के बाद रेड्डी ने कहा कि मैं खुश हूं कि आज कंाग्रेस में मेरी वापसी हुई है। मैं कांग्रेस से जुदा नहीं रह सकता। मेरे परिवार और मेरी पार्टी की जो भी पहचान है वो कांग्रेस  की वजह से है। उन्होंने कहा कि मुझे राहुल गांधी से मिलकर खुशी हुई। मौजूदा समय में यह जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के हाथों को मजबूत किया जाए।

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी तब तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को न्याय को नहीं मिल सकता। रेड्डी ने कहा कि मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए राज्यसभा में आंध्र और तेलंगाना के लिए जो वादे किए थे उनको पूरी तरह लागू करने की जरूरत है। वाईएसआर कांग्रेस के साथ गठबंधन की किसी संभावना के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने कहा कि वह आम कार्यकर्ता की तरह कांग्रेस में शामिल हुए हैं, इसलिए फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कह पाएंगे।

किरण कुमार रेड्डी ने फरवरी, 2014 में कांग्रेस छोड़ दी थी और ‘जय समयक्या आंध्र पार्टी’ का गठन किया था। वह 25 जून, 2011 से एक मार्च, 2014 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान आंध्र प्रदेश के बंटवारे की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई और तेलंगाना राज्य का गठन हुआ। 

महबूबा मुफ्ती बोलीं, PDP को तोडऩे के प्रयासों के ‘बेहद खतरनाक’ परिणाम होंगे 

Mehbooba Mufti, PDP will be extremely dangerous results of the efforts to break 

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आई पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी को तोडऩे के केंद्र के किसी भी प्रयास के बेहद खतरनाक परिणाम होंगे। भाजपा राज्य में पीडीपी के गठबंधन से अलग हो गई थी और उसने महबूबा की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिसके बाद 19 जून को उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

उन्होंने यहां मीडिया से कहा कि मेरी पार्टी मजबूत है। मतभेद हैं जिन्हें सुलझा लिया जाएगा। यदि पीडीपी को तोडऩे के प्रयास हुए , जैसा 1987 में हुआ था जब लोगों के वोटों पर डाका डाला गया था और एमयूएफ (मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट) को कुचलने के प्रयास हुए थे , तो इसके परिणाम बेहद खतरनाक होंगे।

महबूबा ने साल 1987 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए उस घटनाक्रम का याद किया जिसके चलते प्रतिबंधित हिज्बुल मुजाहिदीन का सुप्रीमो सैयद सलाउद्दीन और जेकेएलएफ प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक ‘‘उभरे’’ थे। सलाउद्दीन अब पाकिस्तान में है। महबूबा ने कहा कि जिस तरह हर परिवार में मतभेद होते हैं उसी तरह हर दल में भी मतभेद होते हैं जिन्हें सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के दखल के बगैर कोई दरार नहीं आ सकती।

वर्ष 1987 में लोगों के वोटों पर डाका डाला गया तो उससे एक सलाउद्दीन और एक यासीन मलिक तैयार हुआ। नक्शबंद साहिब में शहीदों के कब्रिस्तान में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद महबूबा ने मीडिया से बात की। यहां उन लोगों को दफनाया गया है जिन्हें वर्ष 1931 में इसी दिन डोगरा महाराजा हरि सिंह के निरंकुश शासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सैनिकों ने मौत के घाट उतार दिया था।

राज्य सरकार के गिरने के बाद पीडीपी के कई विधायक महबूबा के नेतृत्व के खिलाफ मुखर हो गए थे और उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहने के दौरान महबूबा ने भाई-भतीजावाद और पक्षपात किया। महबूबा के बयान पर प्रतिक्रिया में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीडीपी टूट भी जाती है तो इससे कश्मीरी लोगों को कोई फर्क नहीं पडऩे वाला।

उन्होंने ट्वीट किया , ‘‘ मैं इस तरह बताता हूं , ताकि सब याद रखें कि पीडीपी के टूटने से एक भी नया आतंकी तैयार नहीं होगा। कश्मीरी लोगों के मतों को विभाजित करने की खातिर ही दिल्ली में बनाई गई पार्टी के अंत का लोगों को कोई दुख नहीं होगा। 

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने किया डिजिटल सहयोग पर पैनल का गठन 

United Nations chief made panel on digital cooperation

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने साइबर सुरक्षा के खतरों और घृणास्पद भाषण में वृद्वि से जुड़ी चिंताओं का निराकरण करने के उद्देश्य से डिजिटल सहयोग पर अपनी तरह के पहले पैनल का गठन किया है। उन्होंने पैनल सचिवालय के कार्यकारी निदेशक के रूप में वरिष्ठ भारतीय राजनयिक अमनदीप सिंह गिल को नामित किया है।

डिजिटल सहयोग पर उच्चस्तरीय पैनल की सह - अध्यक्षता अमेरिकी समाजसेवी मेलिंडा गेट्स और चीन स्थित कंपनी अलीबाबा के संस्थापक जैक मा करेंगे। इसमें कुल 20 सदस्य होंगे जिसमें उद्योग , नागरिक समाज और अकादमी से जुड़ी हस्तियां भी शामिल होंगी। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव गुतारेस ने कल यहां संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा कि डिजिटल तकनीक अर्थव्यवस्थाओं और समाज को तेज गति से बदल रही है।

साथ ही , दुनिया ने साबइर सुरक्षा खतरों , साइबर युद्ध के जोखिम , घृणा फैलाने वाले भाषणों में बढोतरी और निजता के उल्लंघन जैसे नवाचार के खराब पक्ष का समाधान करना शुरू कर दिया है। एक वैश्विक समुदाय के रूप में , हमें डिजिटल युग में सुरक्षा , समानता , नैतिकता और मानवाधिकारों के बारे में प्रश्नों का सामना करना पड़ता है।

गुतारेस ने पूर्व राजनयिक जोवान कुर्बालिजा के साथ पैनल के सचिवालय के कार्यकारी निदेशक के रूप में गिल को नामित किया है। गिल भारतीय राजदूत और जिनेवा में निरस्त्रीकरण पर कांफ्रेंस के स्थाई प्रतिनिधि हैं। वह 1992 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे और वह तेहरान , कोलंबो और जिनेवा में भारतीय मिशनों में कार्यरत रहे हैं। गुतारेस ने पैनल की घोषणा करते हुए कहा कि यह अपनी तरह का पहला पैनल है जिसमें प्रौद्योगिकी , लोक नीति , विज्ञान और अकादमी के क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं और पुरूष शामिल होंगे। 

'संजू' को लेकर राजकुमार हिरानी का बड़़ा खुलासा, फिल्म को लेकर लोगों ने दी थी ये सलाह

Rajkumar Hirani's big disclosure about Sanju, the advice given by the people about the film

मुंबई। बॉलीवुड के जाने माने फिल्मकार राज कुमार हिरानी के निर्देशन में बनी फिल्म संजू ने बॉक्स ऑफिस पर ताबरतोड़ कमाई की हैं। बता दें कि फिल्म की अबतक कमाई जारी हैं। फिल्म को लोगोंं का प्यार तो मिला ही है साथ ही इसे क्रिटिक्स द्दारा भी सरहा गया हैं। फिल्म को लेकर अब निर्देशक हिरानी ने चौंकाने वाला खुलासा किया हैं। 

जी हां हिरानी का कहना है कि कई लोगों ने उनसे फिल्म संजू नही बनाने को कहा था। राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी फिल्म संजू हाल ही में प्रदर्शित हुई है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपर डुपर हिट साबित हुयी है। फिल्म में संजय दत्त के जीवन में आए उतार-चढ़ाव को दर्शाया गया है।

राजकुमार हिरानी ने कहा कि जब वह फिल्म संजू पर काम कर रहे थे, तब उनकी भेंट कई ऐसे लोगों से हुई जो उन्हें यह फिल्म नहीं बनाने की सलाह दे रहे थे ,इसके पीछे उन लोगों ने यह कारण दिया था कि संजय दत्त का जीवन बहुत ही डार्क है। ऐसे में ऐसे व्यक्तियों पर बनी फिल्में नहीं चलती, इसलिए आपको यह फिल्म नहीं बनानी चाहिए। आपका करियर खत्म हो जाएगा।

हिरानी ने कहा, जब मैं फिल्म संजू बनाने वाला था, तो कई सारे लोग मेरे पास यह सलाह लेकर आते थे कि यह एक डार्क व्यक्ति के जीवन पर बन रही है, जिसके चलने के आसार बहुत ही कम है तो इसे आपको नहीं बनाना चाहिए। अन्यथा आपका करियर समाप्त हो सकता है। अब जब फिल्म संजू चल गई है, तो वही सभी लोग अब फिल्म को लेकर बहुत ही अच्छी बातें कर रहे हैं।

ये है बॉलीवुड की बार्बी गर्ल कैटरीना कैफ की जिंदगी से जुड़ी अनदेखी तस्वीरें, देखिए

Unseen Pictures related to Katrina Kaif's life, see

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड में बार्बी गर्ल कही जाने वाली अभिनेत्री कैटरीना कैफ फिल्म इंडस्ट्री में टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में शामिल हैं। उनकी अपकमिंग फिल्मों पर नजर डाले तो कैटरीना जल्द ही आमिर खान और अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तां में नजर आने वाली हैं।

कैटरीना कैफ की जिंदगी से जड़ी कुछ ऐसी अनकही अनदेखी तस्वीरें और किस्सें है जिनसे शायद ही उनके फैंस वाकिफ हो। आज हम आपके सामने कैटरीना की जिंदगी की कुछ ऐसी तस्वीरें साझा करने जा रहे है जो शायद ही पहले किसी ने देखी हो। 16 July 1983 में हांगकांग में जन्म लेने वाली कैटरीना कैफ का नाम है Katrina Turquotte कैट के पिता मोहम्मद कैफ मूल रूप से कश्मीरी है और इनकी मात्र सुजेन जो कि ब्रिटेन की एक वकील और सामाजिक कार्यकर्त्ता थी।

कैटरीना जब भारत आई तो इन्होने आपने नाम को बदलकर कैटरीना कैफ कर लिया क्योंकि एक तो भारत में पिता के नाम को अपनाने का चलन है और साथ ही इस सरनेम के साथ भारत में लोग इनके नाम को सहजता से बुला भी पाएंगे तो कैटरीना ने अपने नाम के साथ पिता का सरनेम जोड़ दिया। फैमिली की बात करें तो कैटरीना के परिवार में उनके अलावा तीन बड़ी बहन (स्टेफ़नी, क्रिस्टीन और नताशा), तीन छोटी बहन (मेलिस्सा, सोनिया और इसाबेल) और एक बड़ा भाई जिसका नाम माइकल है।

फिल्मी सफर

कैटरीना कैफ ने 14 वर्ष की उम्र में मॉडलिंग से अपने करियर की शुरूआत की। लेकिन इस दौरान उनकी मुलाकात कैजाद गुस्ताद से हुई। कैजाद गुस्ताद उन दिनों बूम बना रहे थे। उन्होंने कैटरीना को बूम में काम करने का प्रस्ताव दिया जिसे कैटरीना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। कमजोर पटकथा के कारण बूम बॉक्स ऑफिस पर कोई धूम नहीं मचा सकी।  साल 2005 में कैटरीना कैफ को एकबार फिर से अमिताभ के साथ 'सरकार' में काम करने का अवसर मिला लेकिन फिल्म की सफलता के बावजूद उन्हें कोई खास फायदा नहीं मिला।

इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'मैने प्यार क्यों किया' कैटरीना कैफ के सिने करियर की पहली सुपरहिट फिल्म साबित हुई। बताया जाता है कि यह फिल्म कैटरीना को सलमान खान की वजह से मिली थी। इस फिल्म की सफलता के बाद कैटरीना को फिल्म इंडस्ट्री में अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गए। इसके बाद साल 2006 में आई फिल्म हमको दीवाना कर गए में पहली बार कैटरीना अक्षय कुमार के साथ नजर आई।

इस फिल्म से इनकी जोड़ी को काफी पसंद किया गया। जिसके बाद निर्माता इस जोड़ी को भुनाने लगे। हमको दीवाना कर गए के बाद अक्षय और कैटरीना की जोड़ी वर्ष 2007 में प्रदर्शित फिल्म 'नमस्ते लंदन' में नजर आई। यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद इस जोड़ी ने वेलकम, सिंह इज किंग, दे दना दन, और 'तीसमार खान' जैसी कई फिल्मों में एक साथ काम किया।

कैटरीना की जोड़ी सलमान के साथ 'मैंने प्यार क्यूं किया', 'पार्टनर' और 'एक था टाइगर' जैसी फिल्मों में पसंद की गई। कैटरीना कैफ को फिल्म इंडस्ट्री में आए हुए लगभग एक दशक हो चुके है और इस दौरान उन्होंने शाहरुख, सलमान, ऋतिक रोशन और अक्षय कुमार जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम किया है।

कैटरीना कैफ के करियर में फिल्मों पर नजर डाले तो अपने एक दशक के करियर में कैटरीना ने कई बड़ी और सुपर हिट फिल्मों में काम किया हैं। इस लिस्ट में रेस, न्यूयार्क, ब्लू, अजब प्रेम की गजब कहानी, राजनीति, जिंदगी ना मिलेगी दुबारा, मेरे बद्रर की दुल्हन, जब तक है जान, धूम-3, बैंगबैंग फैंटम और फितूर प्रमुख है।

हिमादास ने रचा इतिहास, विश्व जूनियर एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी

Himadas created history, became the first Indian woman to win gold in world junior athletics

टेम्पेयर (फिनलैंड)। हिमा दास ने गुरुवार को यहां इतिहास रचा जब वह आईएएएफ विश्व अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के महिला 400 मीटर फाइनल में खिताब के साथ विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनी। खिताब की प्रबल दावेदार 18 साल की हिमा दास ने 51.46 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जिसके बाद भारतीय खेमे ने जबर्दस्त जश्न मनाया। वह हालांकि 51.13 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रही।

हिमादास से पहले भारत की किसी भी महिला ने विश्व चैंपियनशिप के किसी भी स्तर पर स्वर्ण पदक नहीं जीता था। वह विश्व स्तर पर ट्रैक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। चौथे नंबर की लेन में दौड़ रही हिमा दास अंतिम मोड़ के बाद रोमानिया की आंद्रिया मिकलोस से पिछड़ रही थी लेकिन अंत में काफी तेजी दिखाते हुए वह बाकी धावकों से काफी आगे रही।

मिकलोस ने 52.07 सेकेंड के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि अमेरिका की टेलर मेनसन ने 52.28 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता।असम की हिमा दास ने दौड़ के बाद कहा कि विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर मैं काफी खुश हूं। मैं स्वदेश में सभी भारतीयों को धन्यवाद देना चाहती हूं और उन्हें भी जो यहां मेरी हौसलाअफजाई कर रहे थे।

वह भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की सूची में शामिल हो गई जिन्होंने 2016 में पिछली प्रतियोगिता में विश्व रिकार्ड प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता था। विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भारत के लिए इससे पहले सीमा पूनिया (2002 में चक्का फेंक में कांस्य) और नवजीत कौर ढिल्लों (2014 में चक्का फेंक में कांस्य) पदक जीत चुके हैं।

हिमा मौजूदा अंडर 20 सत्र में सर्वश्रेष्ठ समय निकालने के कारण यहां खिताब की प्रबल दावेदार थी। वह अप्रैल में गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की 400 मीटर स्पर्धा में तत्कालीन भारतीय अंडर 20 रिकार्ड 51. 32 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रही थी। इसके बाद गुवाहाटी में हाल में राष्ट्रीय अंतर राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने 51.13 सेकेंड के साथ अपने इस रिकार्ड में सुधार किया। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिले सुमारिवाला ने हिमा दास को स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई दी।

टेस्ट में भी कुलदीप और चहल को उतार सकते हैं : कोहली

Can take Kuldeep and Chahal in Tests: Kohli

नाटिंघम। भारतीय कप्तान विराट कोहली इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की आगामी श्रृंखला में भी अपने ‘ट्रंपकार्ड’ कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को उतार सकते हैं जिन्होंने सीमित ओवरों के मैचों में उम्दा प्रदर्शन किया है। कुलदीप दो टेस्ट खेल चुके हैं लेकिन चहल ने अभी 5 दिवसीय क्रिकेट नहीं खेला है।

कोहली ने कल पहला वनडे जीतने के बाद कहा कि टेस्ट टीम के चयन में कुछ भी संभव है और कुछ सरप्राइज भी हो सकते हैं। कुलदीप का दावा पुख्ता है और चहल का भी। जिस तरह से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को उन्हें खेलने में परेशानी हो रही है, हम उन्हें उतार भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन अभी फोकस अगले दो मैचों पर है , खासकर अगले मैच पर।

मौसम शानदार है और दर्शक भी। यह दौरा लंबा है और आगे हमें काफी कठिन क्रिकेट खेलना है। कोहली ने कुलदीप के अलावा नाबाद 137 रन बनाने वाले उपकप्तान रोहित शर्मा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि  बीच के ओवरों में कलाई के स्पिनरों की भूमिका अहम होगी। बीच के ओवरों में अधिक समय देने से वे और धारदार गेंदबाजी करेंगे। कुलदीप का प्रदर्शन शानदार रहा।

मैने पिछले कुछ अर्से में वनडे क्रिकेट में ऐसी गेंदबाजी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि रोहित ने लंबे समय तक बल्लेबाजी की और फिनिशर की भूमिका निभाइ। इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने कहा कि उनके बल्लेबाजों को श्रृंखला में वापसी के लिए भारतीय स्पिनरों को बेहतर ढंग से खेलना होगा। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ स्पिनरों को खेलना चुनौतीपूर्ण है। हम इस मैच में अच्छा नहीं खेल सके। हमें एक टीम के रूप में बेहतर प्रदर्शन करना होगा और अपनी कमजोरियों से पार पाना होगा।

आईएचएच हेल्थकेयर फोर्टिस में करेगा 4,000 करोड़ रुपए का निवेश

IHH Healthcare will invest Rs 4,000 crore in Fortis

नई दिल्ली। फोर्टिस हेल्थकेयर ने आज कहा कि उसके निदेशक मंडल ने मलेशिया की आईएचएच हेल्थकेयर बरहाद को कंपनी का नियंत्रण सौंपने का निर्णय किया है। इसके लिए आईएचएच नकदी के संकट से जूझ रही देश की दूसरी सबसे बड़ी अस्पताल श्रृंखला फोर्टिस में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसी के साथ फोर्टिस का कई महीनों से निवेशक चुनने को लेकर जारी जद्दोजहद समाप्त हो गई।

फोर्टिस के निदेशक मंडल ने आईएचएच के 4,000 करोड़ रुपये निवेश करने की बोली को स्वीकार किया। जबकि उसके प्रतिद्वंदी टीपीसी-मनिपाल कंपनी समूह ने 2,100 करोड़ रुपये निवेश करने एवं मनिपाल हॉस्पिटल्स और फोर्टिस हेल्थकेयर का विलय करने का प्रस्ताव किया था। आईएचएच को इस निवेश के बदले फोर्टिस हेल्थकेयर में 31' हिस्सेदारी मिलेगी जिसके लिए उसे तरजीही आधार पर 170 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से शेयर आवंटित किए जाएंगे।

इसके बाद आईएचएच इसी दर पर एक खुली पेशकश में अतिरिक्त 26' शेयरधारिता लेगी जिसकी लागत अतिरिक्त 3,300 करोड़ रुपये आएगी। फोर्टिस को की गई यह पेशकश गुरुवार के उसके शेयर बंद मूल्य से 20' अधिक है। फोर्टिस ने एक बयान में बताया कि प्रस्तावित लेनदेन को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद सात कारोबारी दिनों में पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। इस मंजूरी प्रक्रिया को पूरा करने में 60 से 75 दिन लगने की उम्मीद है।

इस सौदे में कंपनी के शेयरधारकों को खुली पेशकश के जरिए अपने निवेश से बाहर निकलने का विकल्प भी दिया गया है। आईएचएच के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तान सी लेंग का कहना है कि इस अधिग्रहण से उसे पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका मिलेगा। आईएचएच की पेशकश तीसरी ऐसी पेशकश है जिसे फोर्टिस ने इस साल स्वीकार किया है।

इससे पहले एक प्रस्ताव को शेयरधारकों ने भी खारिज कर दिया था। फोर्टिस को लेकर पहले मुंजाल-बर्मन परिवारों और रेडिएंट लाइफ केयर ने बोली लगायी थी लेकिन इस बार में उन्होंने बोली लगाने से किनारा कर लिया।- एजेंसी

मामूली गिरावट के साथ बंद हुए Sensex-Nifty

Sensex-Nifty closed with modest declines

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत मामूली घटत-बढ़त के साथ हुई। कारोबार शुरु होते ही जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में बढ़त देखने को मिली वहीं निफ्टी ने लाल निशान पर कारोबार शुरू किया लेकिन कारोबार की समाप्ति पर घरेलू शेयर बाजार बढ़त बनाए रखने में नाकामयाब रहा और कारोबार की समाप्ति पर ये औंधे मुंह जा गिरा। गिरावट के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 6.78 अंक यानि 0.019 प्रतिशत की गिरावट के साथ 36,541.63 के स्तर पर बंद हुआ। 

सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी पर भी कारोबार की समाप्ति पर गिरावट हावी रही और ये लाल निशान पर पहुंचकर 4.30 अंक यानि 0.039 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,018.90 के स्तर पर बंद हुआ। गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियों निवेशकों (एफपीआई) की जबरदस्त लिवाली के दम पर बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 282.48 अंक की छलांग लगाकर अब तक के उच्चतम स्तर 36,548.41 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी भी 74.90 अंक की बढ़त में पांच माह के बाद 11,000 अंक के पार 11,023.20 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स बढ़त के साथ 36,424.23 अंक पर खुला।

कारोबार के दौरान यह 36,422.08 अंक के निचले और 36,699.53 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर को छूता हुआ गत दिवस की तुलना में 0.78 प्रतिशत की तेजी में 36,548.41 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने पहली बार 36,699.53 अंक के स्तर को छुआ। सूचकांक की 30 में से 17 कंपनियां हरे और शेष 13 लाल निशान में बंद हुई। रिलांयस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सर्वाधिक 4.42 प्रतिशत की बढ़त रही। निफ्टी ने शुरुआत ही 11,000 के पार 11,006.95 अंक से की। यह कारोबार के दौरान 11,078.30 अंक के दिवस के उच्चतम और 10,999.65 अंक के निचले स्तर से होता हुआ गत दिवस के मुकाबले 0.68 प्रतिशत की बढ़त में 11,023.20 अंक पर बंद हुआ।

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