26 मई : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Sunday, 26 May 2019 03:54:05 PM
26 May top 10 news

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

कांग्रेस के लिए 'असेट' और 'लाइबिलिटी' दोनों हैं राहुल गांधी : संजय कुमार

Rahul Gandhi is both Asset and Liability for Congress

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद से राहुल गांधी के नेतृत्व एवं पार्टी के संगठन को लेकर उठ रहे सवालों पर राजनीतिक विश्लेषक और सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष 'असेट' और 'लाइबिलिटी' दोनों हैं। उन्होंने पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए बड़े नेताओं के बीच टकराव दूर करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

कुमार ने कहा कि 2019 की यह करारी हार कांग्रेस के लिए अप्रत्याशित है क्योंकि उसके खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी। इसलिए लगता है कि कांग्रेस को इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था और जिस तरह की हार हुई है उसमें तो नेतृत्व की जिम्मेदारी निश्चित तौर पर बनती है। राहुल और गांधी परिवार से हटकर किसी दूसरे नेता को कांग्रेस का नेतृत्व सौंपने की जरूरत के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष पद छोड़ दें और गांधी परिवार के बाहर का कोई दूसरा व्यक्ति अध्यक्ष बन जाए तो शुरुआत के कुछ महीने बहुत मुश्किल होंगे और बिखराव की स्थिति होगी। 

तब पार्टी के लिए एकजुट रहना मुश्किल हो जाएगा। हो सकता है कि आगे चलकर चीजें ठीक हो जाएं। कुमार ने कहा, ''मेरा मानना है कि राहुल 'असेट' और 'लाइबिलिटी' दोनों हैं। राहुल गांधी 'लाइबिलिटी' हैं क्योंकि वह पार्टी के पक्ष में वोटों को लामबंद नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ, वह 'असेट' भी हैं क्योंकि उनकी वजह से पार्टी एकजुट है। इस चुनाव में कांग्रेस की गलतियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने काफी नकारात्मक प्रचार करने की कोशिश की। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति पर आरोप लगाने की कोशिश की जिसकी जनता के बीच बहुत विश्वसनीयता है। उन्हें बहुत पहले ही समझ जाना चाहिए था कि आपकी बात जनता के बीच स्वीकार नहीं की जा रही। 

इस चुनाव में कांग्रेस की अच्छी छवि और मजबूत साख नहीं बन पाई। कुमार ने माना कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विमर्श में जनता कांग्रेस की विचारधारा को नकार रही है। उन्होंने कहा कि अब भी बड़े पैमाने पर लोगों को यही लगता है कि कांग्रेस की विचारधारा बहुसंख्यक विरोधी और अल्पसंख्यक समर्थक है। वे मानते हैं कि यह पार्टी अल्पसंख्यक तुष्टीकरण कर रही है और उसे बहुसंख्यकों की चिंता नहीं है। जबकि भाजपा के बारे में लोगों को लगता है कि वह बहुसंख्यकों के पक्ष में है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की यह छवि कब टूटती है।

कांग्रेस में नई जान फूंकने के उपायों के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करना होगा। बड़े-बड़े नेताओं के बीच टकराव बहुत ज्यादा हैं, जिसे दूर करना होगा। जिले और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं से लगातार वार्तालाप की जरूरत है। नेताओं को समय पर सड़क पर आने और जनता के साथ संपर्क साधने की जरूरत है।

लोकसभा चुनाव में मिला जनादेश नए भारत का, नया उत्तर प्रदेश बनाने का जनादेश है : योगी

This new India, the mandate to create a new Uttar Pradesh Yogi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि लोकसभा चुनाव में मिला जनादेश नए भारत का, नया उत्तर प्रदेश बनाने का जनादेश है। यह जनादेश उन राजनीतिक दलों को करारा जवाब है जिन्होंने समाज कल्याण के नाम पर गरीबों को ठगा और जाति की राजनीति की। योगी ने कहा कि सपा-बसपा का अवसरवादी गठबंधन जाति की राजनीति पर निर्भर था लेकिन हमने जाति, सम्प्रदाय या धर्म से ऊपर उठकर नागरिकों के विकास की बात की। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जनता ने भाजपा को वोट किया। योगी ने प्रचंड जनादेश का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिया ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को मिला व्यापक जनादेश नयए भारत का, नया उत्तर प्रदेश बनाने के लिए है। यह जनादेश जातिवाद, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। यह सपा के गुंडों पर विजय है जो हमारी माताओं, बहनों का उत्पीड़न करते थे, जो व्यापारियों और उद्योगपतियों से गुंडा टैक्स वसूलते थे। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी। अपराधियों, भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं की मिलीभगत से राज्य में अपराध धंधा बन गया था लेकिन मौजूदा सरकार ने अपराध के प्रति ''कतई बर्दाश्त नहीं’’ :ज़ीरो टॉलरेंस: की नीति अपनाई है।

पिछले दो साल में उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई, भले ही वे किसी जाति, धर्म या राजनीतिक पृष्टभूमि के हों। योगी के सहायकों द्बारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा के शासनकाल में 3539 मुठभेड़ हुईं, 8135 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस की आत्मरक्षा की कार्रवाई में 75 अपराधी मारे गए। सर्वाधिक वांछित 2764 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 13,886 ने आत्मसमर्पण किया। योगी ने कहा कि राज्य में पिछले दो साल में एक भी दंगा नहीं हुआ।

भारत की नई सरकार से बातचीत को तैयार पाकिस्तान :कुरैशी

Pakistan ready to negotiate with Indias new government Qureshi

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि उनका देश भारत की नई सरकार से सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत को तैयार है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान की खबर के अनुसार कुरैशी ने शनिवार रात मुल्तान में एक इफ्तार पार्टी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों को क्षेत्र की समृद्धि और शांति के लिए बातचीत कर मुद्दों को सुलझाना चाहिए। इससे दो दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने बड़े बहुमत से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है और नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बृहस्पतिवार को मोदी की जीत पर उन्हें बधाई दी थी और क्षेत्र की शांति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी। खान ने अंग्रेजी और उर्दू में ट्वीट किया था, मैं भाजपा और सहयोगी दलों की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देता हूं। दक्षिण एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए उनके साथ काम करने को लेकर आशान्वित हूं। खान ने अप्रैल में कहा था कि उन्हें विश्वास है कि अगर आम चुनाव में मोदी जीतते हैं तो भारत के साथ शांति वार्ता करने तथा कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बेहतर अवसर मिल सकता है।

भारत में आम चुनाव के नतीजे पाकिस्तान के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि नई दिल्ली में नई सरकार भारत-पाकिस्तान के संबंधों के भविष्य की दिशा पर विचार करेगी। पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में दरार और बढ़ गई थी। चुनाव परिणामों की घोषणा से एक दिन पहले ही कुरैशी और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन परिषद के विदेश मंत्रियों की बैठक में एक दूसरे का हालचाल पूछा था। कुरैशी ने स्वराज को संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों के समाधान की पाकिस्तान की इच्छा से अवगत कराया था।

ओबामा के द्बारा नियुक्त एक कार्यकर्ता रूपी जज ने हमारे खिलाफ दक्षिणी दीवार को लेकर फैसला सुनाया है :ट्रंप

Trump criticized the judge who stopped construction of the wall

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर दीवार बनाने पर अस्थायी रोक लगाने वाले संघीय जज के निर्णय की आलोचना करते हुए उन्हें 'ओबामा (पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा) की ओर से नियुक्त किया गया एक और कार्यकर्ता’ बताया। ट्रंप ने शनिवार को ट्वीट किया,''ओबामा के द्बारा नियुक्त एक अन्य कार्यकर्ता रूपी जज ने हमारे खिलाफ दक्षिणी दीवार को लेकर फैसला सुनाया है जो पहले से ही निर्माणाधीन है। यह फैसला सीमा सुरक्षा के खिलाफ और मादक पदार्थ तस्करी, मानव तस्करी जैसे अन्य अपराधों के पक्ष में है। हम इस अपील पर त्वरित कार्यवाही चाहते हैं। ट्रंप ने जापान से ट्वीट कर संघीय जज के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ट्रंप इस समय जापान की राजकीय यात्रा पर हैं।

द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार शुक्रवार को कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले के जिला जज हेयवुड एस गिलियम जूनियर ने फैसला सुनाया कि कांग्रेस की सहमति के बिना धन का इस्तेमाल कर दीवार का निर्माण करना अदालत की नजर में ट्रंप का फैसला कानूनी चुनौती है। आदेश केवल दो परियोजनाओं के लिए लागू किया गया, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उन्होंने महसूस किया कि चुनौती देने वालों को यह पक्ष रखने की गुंजाईश है कि राष्ट्रपति ने गलत तरीके से कांग्रेस की इच्छाओं की अनदेखी कर रक्षा मंत्रालय के पैसे को इसमें लगाया। अमेरिका-मैक्सिको के बीच सीमा पर दीवार का निर्माण ट्रंप के चुनावी अभियान के मुख्य मुद्दों में से एक था। वह इसका निर्माण घुसपैठ रोकने और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने तथा अन्य के हितों के रूप में देखते हैं।

अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर सहित बॉलीवुड की तमाम ​हस्तियों ने सूरत अग्निकांड पर जताया शोक

Amitabh Bachchan and Javed Akhtar condoled the Surat fire

मुंबई। अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर समेत बॉलीवुड की कई हस्तियों ने गुजरात के सूरत में वाणिज्यिक परिसर में घटी आग की घटना में 20 बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। मृतकों में अधिकतर किशोर छात्र हैं। इनमें से कुछ छात्रों की मौत दम घुटने से हुई जबकि कई छात्रों ने आग से बचने के लिए खिड़कियों से कूदने के बाद जान गंवा दी।

घटना के एक वीडियो क्लिप में तक्षशिला परिसर में कुछ छात्रों को इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल से कूदते देखा जा सकता है। अमिताभ ने ट्वीट कर कहा कि वह बता नहीं सकते कि इस घटना को लेकर कितने दुखी हैं और पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, सूरत में भयानक त्रासदी .. एक विनाशकारी आग और उसकी चपेट में आए 14 से 17 साल के बच्चों की इमारत से कूदने से मौत...ऐसा दुख जिसे जाहिर नहीं किया जा सकता...प्रार्थना।’’ 

वहीं गीतकार जावेद अख्तर ने घटना को ’’बड़ी त्रासदी’’ बताते हुए देशभर में अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्त बनाने के लिए कहा। उन्होंने घटना को बहुत बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा, मैं पीड़ितों के परिवार और उनके मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हमारे देश के सभी शहरों की नगरपालिकाओं को अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहिए। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, श्रद्धा कपूर, उर्मिला मातोंडकर और अभिनेता आर माधवन आर माधवन सहित बॉलीवुड की तमाम ​हस्तियों ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है।

सलमान खान चाहते हैं उनकी इस ख्वाहिश को पूरा करें प्रियंका चोपड़ा

Salman wished that  Priyanka Chopra Promot Film Bharat

मुंबई। बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की ख्वाहिश है कि प्रियंका चोपड़ा उनकी फिल्म भारत का प्रमोशन करें। सलमान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'भारत’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। फिल्म के ट्रेलर और गानों को फैन्स ने काफी पसंद किया है। इस फिल्म में सलमान खान के अपोजिट कैटरीना कैफ दिखाई देंगी। 

हालांकि पहले लीड रोल के लिए प्रियंका चोपड़ा को साइन किया गया था लेकिन ऐन टाइम पर उन्होंने फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया था। 'भारत’ के प्रमोशन के दौरान सलमान कई बार फिल्म छोड़ने के कारण प्रियंका की आलोचना कर चुके हैं। सलमान ने अब कहा है कि प्रियंका कम से कम 'भारत’ को प्रमोट तो कर ही सकती हैं। 

सलमान ने कहा कि प्रियंका अभी फिल्म में नहीं हैं लेकिन उन्हें इसकी स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई थी। उल्लेखनीय है कि अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी भारत में सलमान और कैटरीना के अलावा दिशा पाटनी, जैकी श्रॉफ, तब्बू और सुनील ग्रोवर भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म ईद के मौके पर पांच जून को रिलीज होगी।

करियर का चौथा विश्वकप खेल रहे मोर्गन के कंधों पर है टीम इंग्लैंड को खिताब तक ले जाने की जिम्मेदारी

England wants first World Cup win history

नई दिल्ली। अपने करियर का चौथा विश्वकप खेल रहे  इंग्लैंड के अनुभवी कप्तान इयोन मोर्गन के कंधों पर टीम इंग्लैंड को खिताब तक ले जाने की जिम्मेदारी है। मोर्गन ने पिछले 10 वनडे मैचों में टीम के लिए 113.20 के स्ट्राइक रेट से 420 रन बनाए हैं और अहम स्कोरर हैं। आपको बता दें कि इंग्लैंड टीम को वनडे विश्वकप-2019 खिताब की सबसे बड़ी दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन यह भी सच है कि क्रिकेट के खेल के जन्मदाता माने जाने वाले इंग्लैंड पर इस आईसीसी टूर्नामेंट को पहली बार जीतने और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठा इतिहास रचने का भी सबसे अधिक दबाव है।

इंग्लैंड एंड वेल्स की मेजबानी में 30 मई से आईसीसी विश्वकप शुरू होने जा रहा है और यहां की सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली पिचों पर घरेलू टीम को सबसे अधिक फायदा मिलता दिख रहा है। वर्ष 2015 के आईसीसी टूर्नामेंट में पहले ही राउंड में बाहर हो गई इंग्लैंड की टीम इस बार दुनिया की नंबर एक विश्वकप टीम के तौर पर उतर रही है, ऐसे में उसकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।

इंग्लैंड की टीम वर्ष 1979, 1987 और 1992 में फाइनलिस्ट रही थी लेकिन विश्वकप के 44 वर्षों के इतिहास में उसने कभी भी खिताब नहीं जीता। वह वर्ष 1975 और 1983 में सेमीफाइनलिस्ट रही थी जबकि 2008 में सुपर-8 चरण तक ही पहुंची। वर्ष 2011 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंची इंग्लैंड के लिए हालांकि 2015 का सत्र बेहद निराशाजनक रहा जहां उसे बांग्लादेश के हाथों हारकर पहले ही राउंड में बाहर होना पड़ा था।  मेजबान टीम से हालांकि 2019 के सत्र में बड़े उलटफेर की उम्मीद है जो कई स्टार खिलाड़ियों के साथ उतर रही है। टीम में कप्तान इयोन मोर्गन, जोस बटलर, बेन स्टोक्स, जो रूट बल्लेबाज़ी क्रम के धुरंधर खिलाड़ी हैं। 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच के दौरान चोटिल हुए इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड

England fast bowler Mark Wood injured

साउथम्पटन। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच के दौरान चोटिल हो गए और उन्हें आधे मैच के बाद ही स्कैन कराने के लिए अस्पताल जाना पड़ा। वुड को शनिवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में केवल 3.1 ओवर करने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा था। वुड के बायें पांव में दर्द है। वह टखने की चोट से पहले भी परेशान रहे हैं।

इंग्लैंड के लिए अच्छी खबर यही है कि वह दौड़कर पवेलियन लौटे थे। इसके बाद वह स्कैन के लिए अस्पताल गए और मैच में आगे नहीं खेल पाए। इंग्लैंड ने यह मैच 12 रन से गंवाया। इंग्लैंड के कार्यवाहक कप्तान जोस बटलर ने कहा, देखते हैं कि सुबह उसकी स्थिति कैसी रहती है।

यह उसके लिए चिंता का विषय हो सकता है। हम उसके लिए सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करते हैं। इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन उंगली में चोट के कारण इस मैच में नहीं खेल पाए थे लेकिन उनके गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उद्घाटन मैच तक पूरी तरह फिट होने की संभावना है।

अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध का लाभ उठाने के लिए ब्याज दरों में कटौती करे भारत: फिक्की प्रमुख

India to reduce interest rates to take advantage of US-China trade war FICCI chief

बीजिंग। भारत को ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए और कृषि उपज के निर्यात के लिए नीतियों में एकरूपता लानी चाहिए ताकि भारतीय निर्यातक अमेरिका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध का लाभ उठा सकें। उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने यह बात कही। कारोबारी यात्रा पर चीन आए सोमानी ने कहा कि राजग सरकार को अपने दूसरे कार्यकाल में चीन से बड़े निवेश हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए और चीन के मशीनी विनिर्माताओं को भारत में संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। 

सोमानी ने कहा कि अमेरिका और चीन ने एक - दूसरे के निर्यात पर भारी शुल्क लगा रखा है। यह भारतीय निर्यात की कुछ श्रेणियों के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध जारी रहता है तो यह कुछ क्षेत्रों में भारतीय निर्यात के लिए अच्छा अवसर है। सोमानी ने कहा, यदि आप प्रतिस्पर्धी बनते हैं तो हम चीन को इन क्षेत्रों में पछाड़ सकते हैं लेकिन सरकार को इसमें सहयोग करना होगा क्योंकि उत्पादन की लागत बहुत अधिक है। यह हमारे उत्पादों को प्रतिस्पर्धी नहीं बनने देते हैं। 

उन्होंने कहा, इसके अलावा हमारे यहां ब्याज दर सर्वकालिक उच्च स्तर पर है, जो हमारे उत्पादों को प्रतिस्पर्धी नहीं बनाते हैं। यह एक समस्या है। हमारी मुद्रास्फीति दर नीचे है, करीब 3 प्रतिशत के आस - पास है। ऐसे में बैंकों को 10, 11 प्रतिशत पर कर्ज देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में एक या डेढ प्रतिशत तक की कमी करने की जरूरत है। 

सोमानी ने कहा कि सरकार को लगातार नीतियां अपनाकर कृषि निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन में कृषि उपज के लिए भारी संभावनाएं हैं क्योंकि वह शुद्ध आयातक है। अब जब व्यापार युद्ध चल रहा है तो भारत को चीन को सोयाबीन का निर्यात बढ़ाना चाहिए ताकि वह अमेरिकी निर्यात की जगह ले सके। 

सोमानी ने कहा, दुर्भाग्यवश भारतीय कृषि नीति में एकरूपता नहीं है, जब कीमतें ऊपर जाती हैं तो भारत निर्यात पर रोक लगा देता है। हमें नीतियों में एकरूपता लाकर कृषि उत्पादों का बड़ा निर्यातक बनना चाहिए। जब कीमतें बढ़े तो सरकार को निर्यात घटाने के बजाए आयात करना चाहिए।

शीर्ष 10 कंपनियों में से सात का बाजार पूंजीकरण 1.42 लाख करोड़ रुपए बढ़ा, रिलांयस को सर्वाधिक लाभ

Market capitalization of seven of the top 10 companies increased by Rs 1.42 lakh crore

नई दिल्ली। आम चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत के बीच शेयर बाजारों में तेजी से सेंसेक्स की शीर्ष दस कंपनियों में से सात का बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह कुल मिलाकर 1.42 लाख करोड़ रुपए बढ़ा। बृहस्पतिवार को चुनाव परिणामों की घोषणा के दौरान बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 40,124.96 अंक के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। भाजपा के चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें जीतने के बाद बाजार में तेजी का रुख रहा। शुक्रवार को समाप्त सप्ताह में सेंसेक्स की शीर्ष दस कंपनियों में सात का बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) कुल मिलाकर 1,42,468.1 करोड़ रुपए बढ़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के बाजार पूंजीकरण में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई। आरआईएल का एम-कैप 45,069.66 करोड़ रुपए बढ़कर 8,47,385.77 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का एम-कैप 31,816.24 करोड़ रुपए की बढ़त के साथ 3,16,466.72 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 26,586.43 करोड़ बढ़कर 2,78,269.34 करोड़ रुपए और एचडीएफसी का एम-कैप 23,024.22 करोड़ रुपए चढ़कर 3,66,235.80 करोड़ रुपए हो गया। कोटक महिंद्रा बैंक का पूंजीकरण 10,157.84 करोड़ रुपए बढ़कर 2,88,981.46 करोड़ रुपए जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का एम-कैप 2,911.52 करोड़ रुपए बढ़कर 3,78,650.09 करोड़ रुपए और एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 2,902.17 करोड़ रुपए बढ़कर 6,46,462.22 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 

वहीं, दूसरी ओर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार पूंजीकरण 17,523.6 करोड़ रुपए गिरकर 7,69,107.53 करोड़ रुपए, आईटीसी का एम-कैप 13,791 करोड़ रुपए फिसलकर 3,55,684.20 करोड़ रुपए और इंफोसिस का पूंजीकरण 6,269.42 करोड़ रुपए गिरकर 3,09,953.84 करोड़ रुपए रह गया। शीर्ष दस कंपनियों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले पायदान पर रही। इसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, आईटीसी, भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, कोटक महिद्रा बैंक और आईसीआईसीआई का स्थान रहा।

 



 

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