महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बाद भी सरकार गठन की कोशिशें जारी

Samachar Jagat | Thursday, 14 Nov 2019 02:18:34 PM
3146959144775278

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग तो है लेकिन सरकार बनाने की कवायद अब भी जारी है. कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना मिल कर सरकार बनाने में जुटी है और तीनों दलों ने एक समन्वय समिति बनाने का फैसला किया है. समिति में तीनों दलों के पांच-पांच सदस्य होंगे. सरकार बनाने की कोशिशों के बीच शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. मुलाकात के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में सरकार गठन को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और उचित समय आने पर फैसला लिया जाएगा. महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने उद्धव ठाकरे के साथ बैठक को शिष्टाचार भेंट बताया और कहा कि वे मिल रहे हैं यह अपने आप में सकारात्मक कदम है. ठाकरे ने उपनगर के एक होटल में थोराट, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण और वरिष्ठ कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे से मुलाकात की. राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक दिन बाद हुई यह बैठक करीब एक घंटे तक चली.

उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि सब कुछ ठीक चल रहा है. बातचीत सही दिशा में चल रही है और उचित समय आने पर फैसले की घोषणा की जाएगी. बाद में जब थोराट से पूछा गया कि क्या बैठक नई सरकार के गठन की दिशा में सकारात्मक रही, इस पर उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के साथ हमारी बैठक शिष्टाचार भेंट थी. हम मुलाकात कर रहे हैं, यह बात अपने आप में सकारात्मक कदम है. माणिकराव ठाकरे ने कहा कि आगे की बातचीत के लिए मैत्रीपूर्ण माहौल बनाने के लिए यह बैठक हुई.

राष्ट्रपति शासन घोषित होने के कुछ घंटे बाद उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन के माध्यम से महाराष्ट्र में स्थिर सरकार की उम्मीद जताई थी. लंबे समय तक प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ वैचारित मतभेदों की जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा और महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को एक साथ काम करने का तरीका मिल सकता है, तो यह वर्तमान स्थिति में भी संभव है. उद्धव ने कहा कि शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा मिलकर सरकार बनाने का फॉर्मूला खोज लेंगे.

उन्होंने कहा कि शिवसेना को भी कांग्रेस और एनसीपी की तरह न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है. उद्धव ने कहा कि शिवसेना ने कांग्रेस और राकांपा से पहली बार 11 नवंबर को संपर्क किया था. इससे भाजपा का यह आरोप गलत साबित होता है कि शिवसेना चुनाव परिणाम के बाद से ही कांग्रेस और राकांपा के संपर्क में थी. सोमवार को शिवसेना राज्यपाल के सामने सरकार बनाने के लिए जरूरी राकांपा और कांग्रेस का समर्थन पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाई थी.

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा को दी गई समय सीमा समाप्त होने से पहले ही शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया गया. कांग्रेस और राकांपा के साथ संभावित गठजोड़ के बारे में ठाकरे ने कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं कि किस प्रकार विभिन्न विचारधाराओं वाले दलों ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. उद्धव ने इस दौरान राज्यपाल पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि हमने तीन दिन का समय मांगा था, राज्यपाल ने छह महीने का समय दे दिया है. 

इससे पहले कांग्रेस-एनसीपी की बैठक के बाद कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि तीनों दलों के बीच साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय हुए बगैर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता. उन्होंने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा था कि कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया. कांग्रेस नेताओं के साथ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि दोनों दल विचार विमर्श कर एक आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे कि शिवसेना को समर्थन देना है तो नीतियां और कार्यक्रमों की रूपरेखा कैसी होनी चाहिए.

कांग्रेस ने भी राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की आलोचना की और और आरोप लगाया कि उन्होंने न्याय का हनन किया है और संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया है. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पर एनसीपी, शिवसेना और भाजपा को सरकार बनाने के लिए बहुमत साबित करने के लिए मनमाने ढंग से समय देने का आरोप भी लगाया. सुरजेवाला ने कहा कि यह बेईमानी से भरा हुआ और राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि राज्यपाल कोश्यारी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करके लोकतांत्रिक न्याय का हनन किया है और संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.