किसानों को सलाह, आम के बागों में खिले बौर पर न करें दवा का छिडक़ाव :उद्यान विभाग

Samachar Jagat | Tuesday, 13 Mar 2018 10:37:42 AM
advise farmers,  bloom in mango gardens, do not spraying of medicines: garden department

लखनऊ। उद्यान विभाग ने आम उत्पादकों को सलाह दी कि आम की अगेती फसल के बौर खिले हुए हैं और ऐसे में उस पर दवा का छिडक़ाव न करें। उद्यान विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि आम के बौर के समय विशेष सावधानियां बरतने की जरुरत है। आम के बौर पर किसी तरह की दवा का छिडक़ाव नहीं करें।

मध्यम और देर से पकने वाली प्रजातियों में भी बौर निकल आएं है लेकिन अभी खिले नहीं हैं, इन पर पाउडरी मिल्ड्यू और  भुनगा कीट लगने की संभावना रहती है, जिसके नियंत्रण के लिए सलाह दी जाती है। किसानों को सलाह दी गई जिन पेड़ों पर बौर खिला नहीं हैं उन पर घुलनशील गंधक दो ग्राम प्रति लीटर पानी तथा साथ में कीटनाशक क्यूनालफास या क्लोरोपाइरीफास या डायमेथोएट दो मिली प्रति लीटर पानी या कार्बरिल चार ग्राम प्रति लीटर पाली या इमिडाक्लोरप्रिड-3.5 मिली प्रति 10 लीटर पानी की दर से प्रथम बार छिडक़ाव करें।

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द्वितीय छिडक़ाव की सलाह फल सेट हो जाने और फल सरसों के दाने के बराबर हो जाने के स्थिति में कैलिक्सीन /कैराथेन एक मिली प्रति लीटर पानी के साथ प्रथम बार छिडक़ाव के लिए सुझाए गए दवा में से किसी एक दवा के साथ छिडक़ाव करें।

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आम जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं और बाग में भुनगा या गालमिज का प्रकोप हो तो तृतीय छिडक़ाव में, प्रथम छिडक़ाव में सुझाए गए दवाओं में से किसी एक का छिडक़ाव करें। साथ ही साथ बाग में यदि कीड़ों का प्रकोप नहीं हो तो बोरेक्स 8-10 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से छिडक़ाव करने की सलाह दी गई है। इसके साथ यह भी सुझाया गया है कि फल सेट हो जाने के बाद बाग में सिंचाई करें तथा निरन्तर नमी बनाए रखें।



 

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