असम में अलर्ट के बीच जारी होगी एनआरसी की अंतिम लिस्ट

Samachar Jagat | Saturday, 31 Aug 2019 10:17:33 AM
Final list of NRC will be released amid alerts in Assam

इंटरनेट डेस्क। असम में अलर्ट जारी किया हुआ है। जिसके अंतर्गत पूर्वोत्तर राज्य असम के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण दिन है। यहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का प्रकाशन किया जाएंगा।


loading...

इस अंतिम सूची को लेकर तमाम अटकलें लगाए जाने के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।  इस सूची से जिन लोगों का नाम नहीं होगा, उनके लिए नागरिकता का संकट खड़ा हो जाएगा। एनआरसी सूची पर राज्य के लोगों को कई तरह की आशंकाएं सता रही हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि अगर सूची में उनका नाम नहीं हुआ तो उनके साथ क्या होगा? क्या उन्हें विदेशी माना जाएगा।

असम में अंतिम एनआरसी का प्रकाशन शनिवार (31 अगस्त) को किया जाएगा। असम एकमात्र राज्य है जहां पर वर्ष 1951 के बाद सूची में पहली बार संशोधन किया जा रहा है। असम में अवैध प्रवासियों को राज्य से हटाने के लिए 2010 में एनआरसी को अपडेट करने की शुरुआत की गई थी। असम के दो जिले बारपेटा और कामरूप जिले से शुरू हुई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 में राज्य को एनआरसी अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया। 2015 में शीर्ष अदालत की निगरानी में इसका काम फिर शुरू हुआ।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रकाशित होने जा रही अंतिम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जो लोग छूट गये हैं उनकी चिंताओं पर राज्य सरकार ध्यान देगी। साथ ही सुनिश्चित करेगी कि किसी को अनावश्यक उत्पीड़न नहीं हो। मुख्यमंत्री ने यहां एक बयान में कहा कि जब तक अपीलकर्ता की याचिका विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) में विचाराधीन है तब तक उन्हें विदेशी नहीं माना जा सकता। इसलिए उन्होंने राज्य में बराक, ब्रह्मपुत्र, पर्वतीय तथा मैदानी क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि अमन चैन बनाये रखें और परिपक्व समाज की मिसाल पेश करें। सोनोवाल ने यह भरोसा भी दिलाया कि जिन लोगों के नाम एनआरसी में शामिल नहीं किये गये हैं, उन्हें अपील दाखिल करने का मौका मिलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) में उनका पक्ष सुना जाएगा। उन्होंने कहा कि एफटी में अपील दाखिल करने की समयावधि 60 दिन से बढ़ाकर 120 दिन की जाएंगी। जिससे कि सूची से छूट गएं सभी लोगों को एक समान अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआरसी हजारों लोगों के अथक प्रयासों का नतीजा है और असम की जनता के बिना शर्त समर्थन के कारण यह संभव हो पाया है।
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.