सरकार ने कहा-विदेशों में रखी गई ब्लैकमनी का आधिकारिक अनुमान नहीें

Samachar Jagat | Tuesday, 07 Aug 2018 03:01:50 PM
Government said- Black Money is not official estimate of overseas

नई दिल्ली। विदेशों में छुपाकर रखे गए कालेधन का अब तक आधिकारिक अनुमान नहीं लगाया जा सका है फिर भी देश के भीतर और बाहर बेहिसाबी आय और सम्पत्ति के संबंध में एक अध्ययन कराया गया है और इसे संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति को सौंप दिया गया है।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि विदेशों में रखे गए कालेधन का आधिकारिक अनुमान नहीं लगाया गया है लेकिन देश के बाहर और भीतर बेहिसाबी आय एवं सम्पत्ति को लेकर राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान, राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक संस्थान परिषद और राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान से अध्ययन कराया गया है।

सरकार के उत्तर के साथ अध्ययन रिपोर्ट संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति को दे दिया गया है। गोयल ने कहा कि 2 लाख शेल कम्पनियों का पंजीयन रद्द कर दिया गया है जिनमें से केवल 5000 कम्पनियां वापस आ सकी हैं। इसके बाद 80000 शेल कम्पनियों को नोटिस जारी किया गया है और बेनामी सम्पत्तियों का पता लगाया जा रहा है। शेल कम्पनियों के खिलाफ आयकर भी कार्रवाई कर रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि स्विटजरलैंड में जमा कालेधन के बारे में जानकारी मिलनी शुरु हो गई हैं। एचएसबीसी बैंक से कालेधन को लेकर जो सूची आयी है उसकी जानकारी मिलने में दिक्कत आ रही है। स्विटजरलैंड की सुप्रीम कोर्ट में एक मामला चल रहा था जिसने दस दिन में जानकारी देने का आदेश दिया है।

एचएसबीसी बैंक की सूजी मामले में 199 शिकायतें दर्ज करायी गयी है। पनामा मामले में 426 नाम आये हैं जिनमें से 62 के खिलाफ जांच की जा रही है और कालेधन को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं।

गोयल ने कहा कि सरकार के प्रयासों से आयकर देने वाले लोगों की संख्या बढी है और पिछले 4 वर्ष में यह वृद्धि 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कालेधन के मामलों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है और विदेश में इससे प्रतिष्ठा बढी है। गत 4 वर्ष के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढा है।



 

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