मंदसौर घटना: बच्ची का बयान दर्ज, शिवराज बोले-‘नरपिशाचों’ को फांसी की सजा दिलाने की कोशिश करेंगे

Samachar Jagat | Friday, 06 Jul 2018 09:31:41 AM
Mandsaur incident: The girl's statement was recorded

इंदौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर में बर्बर सामूहिक बलात्कार की शिकार 7 वर्षीय स्कूली छात्रा का पुलिस ने गुरुवार रात बयान दर्ज किया। इस बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दोनों आरोपियों को कोर्ट से जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाये जाने की हरमुमकिन कोशिश की जाएगी। पीडि़त बच्ची मंदसौर से करीब 200 किलोमीटर दूर इंदौर के एमवाईएच में 27 जून की रात से भर्ती है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से उसकी कुशलक्षेम के बारे में पूछा।

शिवराज ने मीडिया से कहा कि उन नरपिशाचों (आरोपियों) ने बच्ची से दुष्कर्म कर समूची मानवता को कलंकित किया है। हम मामले में अपनी ओर से जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगे और हरमुमकिन कोशिश करेंगे कि अदालत में इन आरोपियों को मौत की सजा सुनाई जाए और वे फांसी के फंदे तक यथाशीघ्र पहुंचें।

मुख्यमंत्री ने मंदसौर सामूहिक बलात्कार काण्ड के दोनों आरोपियों को ’’धरती पर बोझ’’ करार देते हुए कहा कि उन्हें इस दुनिया में रहने का कोई हक नहीं है। शिवराज ने एमवाईएच में बच्ची के पिछले सात दिन से जारी इलाज पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उसकी शिक्षा और उसके लालन-पालन से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियां प्रदेश सरकार उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर रोक के लिए जरूरत इस बात की भी है कि समाज में संस्कारों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि आजकल कम उम्र के लडक़े पॉर्न फिल्में देखकर गलत राह पकड़ लेते हैं। हम समाज को गंदी फिल्मों के खिलाफ जगाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही, बेटियों की मान-मर्यादा से जुड़ी विषयवस्तु को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

मंदसौर में स्कूली छात्रा से सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कथित इजाफे को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ हमले तेज कर दिये हैं। प्रतिक्रिया मांगे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में राजनीति के बजाय मिल-बैठकर चर्चा की जानी चाहिए कि बलात्कार की घटनाओं पर किस तरह रोक लगाई जा सकती है।

इस बीच, मंदसौर के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एमवाईएच प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद इंदौर के इस सरकारी अस्पताल में पुलिस ने सामूहिक बलात्कार पीडि़त बच्ची का गुरुवार रात बयान दर्ज किया। इस दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी भी मौजूद रही। उन्होंने कहा कि पुलिस इसी हफ्ते मामले में कोर्ट में आरोपपत्र दायर करने की कोशिश कर रही है।

मंदसौर में आरोपियों ने बच्ची को 26 जून की शाम स्कूल की छुट्टी के बाद कथित तौर पर लड्डू खिलाने का लालच देकर उस समय अगवा कर लिया था, जब वह पैदल अपने घर जा रही थी। अमानवीय दुराचार के बाद कक्षा तीन की छात्रा को जान से मारने की नीयत से उस पर धारदार हथियार से हमला भी किया गया था। वह 27 जून की सुबह शहर के बस अड्डे के पास झाडिय़ों में लहूलुहान मिली थी। मामले में पुलिस ने इरफान (20) एवं आसिफ (24) को गिरफ्तार किया है।



 

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