बजट में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ठोस कार्यक्रम या योजना नहीं : कांग्रेस

Samachar Jagat | Friday, 12 Jul 2019 01:47:03 PM
No concrete program or plan to speed up the country's economy in budget: Congress

नई दिल्ली। विपक्षी कांग्रेस ने 2019-20 के केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि इसमें देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कोई ठोस कार्यक्रम या योजना नहीं है।

उच्च सदन में बजट पर चल रही चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस की वानसुक सियाम ने कहा कि बजट से बहुत अपेक्षाएं थीं लेकिन इसमें न तो अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कोई समुचित तथा ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर दो रुपये का अधिभार लगाना एवं उत्पाद शुल्क में बढ़ोत्तरी ऐसे समय बड़ा झटका है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम स्थिर हैं। वानसुक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2019 के शुरूआती तीन माह में 5.8 फीसदी रही है जो पिछले पांच साल में सबसे कम है। 

पूर्वोत्तर क्षेत्र से आने वाली वानसुक ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए बजट में जो आवंटन किया गया है वह रेल, सडक़ से लेकर विभिन्न अवसंरचनाओं के सृजन के लिए, युवाओं को रोजगार मुहैया कराने तथा अन्य विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त नहीं है।

इसी पार्टी के रोनाल्ड सापा लाउ ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डीओएनईआर) के लिए बजट में किया गया आवंटन केवल 1,047 करोड़ रूपये है। यह आवंटन 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से सबसे कम है। विकास की दृष्टि से पूर्वोत्तर क्षेत्र को पिछड़ा हुआ बताते हुए लाउ ने कहा कि इस क्षेत्र को विकास की धारा से जोडऩा जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर परिषद की स्वायत्तता के लिए भी पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाना जरूरी है।

केंद्रीय मंत्र एवं आरपीआई(ए) नेता रामदास अठावले ने कहा कि जनजातीय विभाग के लिए आवंटन 43.6 फीसदी बढ़ा कर 81,347 करोड़ रुपये किया गया है जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों तथा पिछड़े वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबी दूर करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। सरकार अपने अच्छे कार्यों के आधार पर 2024 में पुन: बहुमत हासिल करेगी।

मनोनीत सोनल मानसिंह ने कहा कि सरकार को कलाकारों के लिए ‘‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’’ की तरह कोई रोजगार गारंटी देने के बारे में विचार करना चाहिए ताकि उन्हें पूरे साल काम की दिक्कत न हो सके। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय के आवंटन में सात फीसदी की वृद्धि किए जाने की सराहना भी की।

भाजपा के विजय गोयल ने बजट को विकासोन्मुखी एवं रोजगारोन्मुखी बताते हुए कहा कि इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। किसान कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटन बढ़ाया गया एवं तीन करोड़ से अधिक व्यापारियों को पेंशन देने का निर्णय भी राहत देने वाला है।

इसी पार्टी के कैलाश सोनी ने मध्यप्रदेश के सागर से नरसिंहपुर एवं छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर तक सीधी ट्रेन चलाए जाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि हर ट्रेन में सामान्य डिब्बे होने चाहिए।

भाजपा के ही जीवीएल नरसिंह राव ने कहा कि देश को आजाद हुए 70 साल से अधिक समय हो गया लेकिन अर्थव्यवस्था और सकल घरेलू उत्पाद दोगुना नहीं हो पाया। अब यह लक्ष्य रखा गया है और इसे पूरा करने के लिए सबको एकजुट हो कर काम करना होगा।

इसी दल के डॉ अनिल अग्रवाल ने कहा कि ‘‘हर घर नल, हर घर जल’’ बहुत बड़ा एवं चुनौतीपूर्ण कार्य है लेकिन जलशक्ति मंत्रालय इसके लिए पूरी कोशिश करेगा। भाजपा के ही आर के सिन्हा ने कहा कि बजट भले ही लोकलुभावन न लगे लेकिन इसके दूरगामी सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। 

इसी पार्टी के महेश पोद्दार ने कहा कि विश्व की आबादी में 18 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले हमारे देश में पानी की उपलब्धता केवल चार फीसदी है। ऐसे में ‘‘हर घर नल, हर घर जल’’ बड़ी चुनौती है। 

एनपीएफ सदस्य के जी केन्ये ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार पर खास ध्यान देना चाहिए ताकि वहाँ अलगाववाद की भावना सिर न उठाने पाए। अन्नाद्रमुक सदस्य एन गोकुलकृष्णन ने कहा कि देश के विकास में राज्यों की भी भागीदारी होती है और उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। -(एजेंसी)



 

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