भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर शत्रुध्न सिन्हा ने केन्द्र सरकार पर किया हमला

Samachar Jagat | Monday, 26 Aug 2019 10:35:52 AM
Shatrughan Sinha attacked the central government for India's economy

इंटरनेट डेस्क। अभिनेता से नेता बने शत्रुध्न सिन्हा लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़कर कर कांग्रेस पार्टी का हाथ थामा था। भारत देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था को लेकर केन्द्र सरकार को आम जनता के कटघरे में लाकर रख दिया।


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कांग्रेसी नेता शत्रुध्न सिन्हा ने एक के बाद एक सात ट्वीट करके देश के प्रधानमंत्री का ध्यान अपनी ओर आकृर्षित करने की कोशिश की है। शत्रुध्न सिन्हा ने कहा कि सर, आर्थिक मंदी पर स्पष्ट रूप् से अभी हर किसी से बात करने का मुद्दा है। क्या आपको नहीं लगता कि हमें इसके बारें में कुछ करना चाहिएं ? वित्तीय संस्थान और आज आर्थिक मंदी काल के दौर से गुजर रहा है। बाजार के वित्तीय संस्थान और बाजार खुद आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। निजी क्षेत्र के व्यवसाय आशंकित है और यहां तक कि आम लोग भी सरकार की तरफ आंखे उठाएं देख रहा है। आम लोग केन्द्र सरकार से आशा की किरण ढूंढ रहे है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से 15 अगस्त को अपनी तारीफों के पुल बांधे चले जाते है। इसी के साथ उन्होंने लिखा कि मंदी के कारण कई उद्योग प्रभावित हो रहे है। जिसमें कृषि से लेकर आॅटोमोबाइल, साुबन से लेकर शैंपू तक और कपडद्यों से लेकर बिस्कुट तक शामिल है। टैक्सटाइल, एविएशन, आॅटोमोबाइल, नाॅन-बैंकिंग फाइनेंस और कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री को भी बहुत अधिक मंदीकाल का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यहां तक कहा कि मंदी के कारण बेरोजगारों की दर में भी 6 प्रतिशत की वृद्वि हुई है। जोकि 45 वर्षों में भी सबसे ज्यादा है। तीन करोड़ से अधिक बेरोजगार आज रोजगार की तलाश मेे घूम रहे है। इसी के साथ उन्होंने अपयने ट्वीट के माध्यम से कहा कि आर्थिक स्थिति का एक गंभरी प्रमाण पारले जी बिस्कुट कंपनी है, जिसमें मांग में गिरावट के चलते 10 हजार कर्मचारियों को निकालने का निर्णय लिया है। जिसके बिस्कुट हम सभी खाकर बडे़ हुएं है। बिस्कुट वास्तव में चूर-चूर होने लगे है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि भारतीय उड्डयन उद्योग अपने सबसे खराब मंदी के दौर से गुजर रहा है, यह तो अभी आगाज है, आगे देखना होगा कि होता क्या है। इस गड़बड़ी का कारण आखिर क्या है ? नोटबंदी ? जीएसटी ? नीतियां ? हम विचार करते है।

लेकिन हम यह भी जानते है कि माननीय प्रधानमंत्री महोदय हीरो है। छठे ट्वीट के माध्यम से सिन्हा ने लिखा कि इस अर्थव्यवस्था को आखिर कौन बचाएगा, कृप्या एक अस्थिर और संघर्षशील अर्थव्यवस्थ्ज्ञा को पुनर्जीवित करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप और राहत के पैकेज का प्रस्ताव पास करना चाहिएं।

उन्होंने अंत ट्वीट में लिखा कि गायक किशोर कुमार के द्वारा बरसों पहले एक गीत गाया था, जिसमें लिखा था कि आने वाला पल, जाने वाला है, हो सके तो इसमें, जिदंगी बिता दो, पल जो ये जाना वाला है.... भारत की जनता को अभी भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद रखती है। 
 



 

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