घर के छोटे-छोटे काम बड़े जीवन की ओर ले जाते हैं

Samachar Jagat | Thursday, 16 May 2019 11:14:57 AM
Small tasks at home lead to big life

भारतीय संस्कृति का आधार स्तंभ है-घर। सब कुछ घर से सृजित होता है, निर्माण होता है, आगे बढ़ता है और संवरता-संभलता है जीवन। घर मात्र सीमेंट-रोड़ी का मिक्चर मात्र नहीं है यह तो संस्कारों, विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं का सागर है। ऐसे में घर का निर्माण उसमें निवास करने वाले सभी सदस्यों के योगदान से ही संभव और सफल हो सकता है। घर अनेक दायित्वों के मिश्रण का नाम है, घर अनेक जिम्मेदारियों के वहन करने का नाम है, घर सबके सहयोग का नाम है, कुल मिलाकर घर का मतलब आत्मियता, अपनापन, प्रेम और सम्मान है। इसलिए एक घर में पूरे समाज की झलक दिखाई देती है, पूरे देश का एक तरह से आइना होता है घर। घर में सभी सदस्य बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हर एक सदस्य की अपनी भूमिका होती है, अपना स्थान होता है।

यदि प्रत्येक सदस्य अपने कामों की स्वयं जिम्मेदारी ले ले तो फिर घर में खुशियों का कोई ठिकाना ही नहीं रहेगा। पहनने-ओढ़ने-बिछाने के कपड़ों की ही बात हो तो यदि हर सदस्य अपने स्वयं के कपड़े साफ करना शुरू कर दे, उन पर आयरन करना शुरू कर दे तो फिर सभी सदस्यों पर जिम्मेदारी आ जाती है, कोई सदस्य किसी पर भार नहीं बनता है। ऐसे ही भोजनोपरान्त झूंठे बर्तन साफ करने की बात हो तो उसे भी प्रत्येक सदस्य को बड़ी ही ईमानदारी और जिम्मेदारी से पूरा करना चाहिए, साथ में भोजनोपरान्त झूंठे बर्तनों को तुरंत सिंक में रखने का प्रयास करें। जब सुबह बिस्तर छोड़ा जाता है तो अक्सर लोग अपने बिस्तर को यौं ही अस्त-व्यस्त छोड़ देते हैं, बेडसीट, चद्दर, तकिया और यहां तक कि पहनने के कपड़े भी बिस्तर पर ही छोड़ देते हैं, इससे यह साबित होता है कि ऐसे व्यक्ति का जीवन भी अस्त-व्यस्त ही होता है। 

व्यवस्थित जीवन उसी का होता है जो अपने कामों को व्यवस्थित तरीके से करता है। घर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी हो, पेड़-पौधों के रखरखाव की बात हो, मार्केटिंग की बात हो, रसाई बनाने की बात हो, दूध-सब्जी और गेहूं पिसाने की बात हो, घर में टूट-फूट, मरम्मत की बात हो, घर के ऊपर-आगे-पीछे की बात हो, यदि इन सब कामों में सभी घर के सदस्य अपनी पूरी जिम्मेदारी को बखूबी निभाएं तो घर में खुशियों की प्रेम की और सम्मान की बात होगी, घर बनेगा, घर संवरेगा, घर बढ़ेगा, घर सम्मानित होगा, घर की साख बढ़ेगी, घर आदर्श होगा और जब घर ऐसा होगा तो समाज और देश भी उन्नत होंगे।

प्रेरणा बिन्दु:- 
घर के छोटे-छोटे काम करते करते
एक दिन आया कि बड़ा हो गया
बड़े-बड़े काम करने लगा फिर
और अपने पैरों पर खड़ा हो गया।
 



 

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