नेताओं के मुकदमों के लिए विशेष अदालत

Samachar Jagat | Wednesday, 05 Sep 2018 01:14:13 PM
Special court for leaders' lawsuits

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

सुप्रीम कोर्ट ने नेताओं की संलिप्तता वाले मुकदमों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें गठित करने के बारे में केंद्र सरकार द्वारा विवरण मुहैया नहीं कराने पर अप्रसन्नता व्यक्त की है। बीते सप्ताह अदालत ने कहा कि सरकार इसके लिए तैयार नहीं लगती है। न्यायमूर्ति रंजन गोगाई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि सरकार अपने इस मामले में कुछ आदेश पारित करने के लिए बाध्य कर रही है, जो हम इस समय नहीं करना चाहते। केंद्र सरकार तैयार नहीं है। पीठ ने कहा कि भारत सरकार लगता नहीं है कि इसके लिए तैयार है। पीठ ने अदालत के निर्देशानुसार इस मामले में सरकार द्वारा दायर अतिरिक्त हलफनामेें अवलोकन किया। जिसमें कहा गया था कि 11 राज्यों को ऐसी 121 विशेष अदालतें स्थापित करने के लिए धन उपलब्ध कराया गया है।

ऐसी हरेक विशेष अदालत में लंबित मुकदमों की संख्या के संबंध में अदालत के सवाल पर केंद्र ने कहा कि विधि व न्याय मंत्रालय इन अदालतों को सौंपे गए और इनमें लंबित व यहां निपटाए गए मुकदमों की सूचना प्राप्त करने के लिए संबंधित प्राधिकारियों के बारे में बात कर रहा है। पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद इस मामले को 12 सितंबर के लिए स्थगित कर दिया। केंद्र ने अपने हलफनामें में कहा है कि दिल्ली में दो और आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में एक-एक विशेष अदालत गठित की गई है।

तमिलनाडु के अलावा जहां बताया गया है कि मामला मद्रास हाईकोर्ट के पास विचाराधीन है। सभी राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों ने अपने-अपने राज्यों में विशेष अदालतें गठित करने के लिए अधिसूचनाएं जारी कर दी है। आशा की जाती है कि आगामी 12 सितंबर को पीठ द्वारा सुनवाई के दौरान इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.