महिला ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या की

Samachar Jagat | Monday, 09 Jul 2018 01:21:57 PM
Woman committed suicide by hanging herself

सुप्रीम  कोर्ट ने देश में पुलिस सुधार के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। साथ ही सभी राज्यो और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश जारी किए हैं कि किसी भी पुलिस अधिकारी को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त नहीं करें। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की पीठ ने सभी राज्यों से कहा है कि वे उन पुलिस अफसरों के नाम लोक सेवा आयोग के पास विचार के लिए भेजें जो पुलिस महानिदेशक या पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्ति के संभावित दावेदार हैं। पीठ ने कहा है कि लोक सेवा आयोग इस पद के लिए तीन सबसे उपयुक्त पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार करेगा।

 इनमें से किसी भी एक अधिकारी को राज्य पुलिस का मुखिया नियुक्त करने के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र होगी। पीठ ने कहा है कि ऐसा प्रयास होना चाहिए कि पुलिस महानिदेशक के पद के लिए चयनित और नियुक्त अधिकारी के पास पर्याप्त सेवा काल बचा हो। हालांकि, यह जरूरी नहीं है। अदालत ने कहा है कि नियुक्ति से संबंधित कोई भी नियम स्थगित रखा जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल पूर्व सन् 2006 में यह निर्देश दिए थे कि पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति मेरिट के आधार पर और पारदर्शी तरीके से हो।

 पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक जैसे अधिकारियों का कम से कम दो साल का निश्चित कार्यकाल हो। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के जांच संबंधी कार्यों और कानून व्यवस्था के कार्यों को अलग-अलग करने, पुलिस उपाधीक्षक से नीचे के अधिकारियों के तबादले, तैनाती, पदोन्नति और सेवा से संबंधित मामलों पर निर्णय के लिए पुलिस प्रतिष्ठान बोर्ड गठित किया जाए।

 यहां यह उल्लेखनीय है कि इस मामले पर पिछले साल 8 सितंबर 2017 को सुनवाई हुई थी। उस समय अदालत को बताया गया कि 2006 के इस फैसले में पुलिस महानिदेशकों और पुलिस अधीक्षकों के कार्यकाल की न्यूनतम अवधि सुनिश्चित करने जैसे निर्देशों पर राज्य सरकारों ने अभी तक अमल नहीं किया है। यहां यह बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सुधारों के लिए पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की याचिका पर 2006 में सुनाए गए फैसले में सुधार के लिए केेंद्र के आवेदन पर ये निर्देश दिए। 

कोर्ट ने प्रकाश सिंह प्रकरण में दिए गए निर्देशों में से एक निर्देश में सुधार के लिए केंद्र की अर्जी पर सुनवाई कर रहा था। इसमें पुलिस महानिदेशकों का कम से कम दो साल का कार्यकाल सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने जैसा निर्देश भी शामिल था। यह भी उल्लेखनीय है कि 2006 में बने मॉडल पुलिस विधेयक 2006 अब भी लंबित है। पूर्व अटार्नी जनरल सोली सोराबजी की अध्यक्षता मेें गठित समिति ने इस विधेयक का मसौदा तैयार किया था।



 

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