चारधाम यात्रियों के लिए कारगर होगा मोबाइल एप

Samachar Jagat | Monday, 16 Apr 2018 01:53:23 PM
Mobile Apps for Chardham Yatra

देहरादून। उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों की इसी महीने शुरू होने वाली यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। चारधाम की यात्रा का विशेष आकर्षण मोबाइल एप होगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दिलीप जावलकर के अनुसार इस वर्ष चार धाम यात्रा का विशेष आकर्षण मोबाइल ऐप है। जिसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल ऐप यात्रियों को सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।

इसके माध्यम से अधिकतम जानकारी यात्रियों को आसानी से मोबाइल पर ही उपलब्ध हो सकेगी। श्री जावलकर ने बताया कि इसके अतिरिक्त यात्रियों के फोटो मेट्रिक पंजीकरण तथा विभिन्न प्रकार की सहायता एवं सूचनाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य पर्यटन विकास परिषद द्बारा अनेकों स्थान पर केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रियों को उच्चतम स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रदूषण से बचने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही इस बार पॉलिथीन के प्रयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जा रहा है।

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उल्लेखनीय है कि 18 अप्रैल को यमुनोत्री तथा गंगोत्री, 29 एवं 30 अप्रैल को क्रमश: केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस वर्ष यात्रियों की सुविधा के लिए चारधाम मार्ग में 218 अस्थाई शौचालयों का निर्माण किया गया है तथा 234 सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस के माध्यम से करवाई जा रही है।

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इसके अतिरिक्त, यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर स्वच्छता, पेयजल आदि व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए स्थानीय निकायों हेतु दो करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग के दौरान यात्रियों के साथ किसी प्रकार की ठगी की वारदात से बचने के लिए सभी होटलों एवं ढाबों को खाने-पीने की सामग्री की मूल्य सूची चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बसों एवं टैक्सी चालकों को राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ मधुर व्यवहार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग में यात्रियों को पेय जल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए सौर ऊर्जा चालित वाटर डिस्पेंसर भी लगाए जाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त यात्रा में आने वाले बुजुर्ग श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों, सर्वश्रेष्ठ दवाइयों एवं अन्य उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

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दूसरी ओर, परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ऋषिकेश से रोटेशन में चलने वाली बसों की संख्या 1350 के आसपास है। देहरादून से 100 बसें चारधाम यात्रा के लिए लगाई जा रही है। इसके अलावा उत्तराखंड परिवहन निगम की 100 तथा कुमायूं मोटर आपरेटर यूनियन (केएमओयू) हल्द्बानी की करीब 50 बसें चारधाम यात्रा के लिये लगाई जा रही हैं। छोटी और बड़ी कुल लगभग बारह हजार से अधिक टैक्सियां चारधाम यात्रा में उपलब्ध रहेंगी। विशेष परिस्थितियों में स्कूल बसों का भी प्रयोग किया जा सकेगा।  एजेंसी

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