प्रेरणा : 2016 में ग्रेजुएशन की, पति से अलग रहकर दो बच्चों को खुद के दम पर पाला, जोधपुर नगर निगम में स्वीपर की नौकरी तक की और फिर 40 साल की उम्र में ऐसे बनीं RAS अधिकारी?

Samachar Jagat | Friday, 16 Jul 2021 06:08:01 PM
Prerna: Graduation in 2016, separated from husband and raised two children on his own, even worked as a sweeper in Jodhpur Municipal Corporation and then Asha Kandara became an RAS officer at the age of 40?

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा (आरएएस) 2018 का हाल ही में परिणाम जारी हुआ है। इस परीक्षा में यूं तो कई लोगों का चयन हुआ है लेकिन एक महिला का चयन बहुत खास है। ये महिला नगर निगम में स्वीपर के पद पर कार्यरत है। लेकिन अब इस महिला ने राजस्थान की सबसे बड़ी सरकारी सेवा चयनित होकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्वीपर से लेकर आरएएस के सफर में हालांकि उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार स्वीपर के पद से अब आरएएस आफिसर के रूप में पहचान बनाई है। महिला का नाम आशा कंदारा है। आशा जोधपुर की निवासी हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आशा विवाहित हैं। दो बच्चों की मां भी हैं। लेकिन पति के साथ झगड़ों से तंग आकर उन्होंने अकेले ही रहना पसंद किया। अकेले ही मेहनत करके अपने बच्चों का पालन पोषण किया। 2016 में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद के ही आशा ने आरएएस को अपना लक्ष्य बनाया और तैयारी शुरू कर दी। आशा ने कहा कि मुझे शादी टूटने, जातिगत भेदभाव से लेकर लैंगिक पूर्वाग्रह सब कुछ सहना पड़ा। लेकिन मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी। लड़ने का फैसला किया। पिता के साथ जोधपुर में रहते हुए ही जोधपुर नगर निगम में 2018 में स्वीपर के लिए परीक्षा पास करके नौकरी करना शुरू किया। 

आशा कंदारा ने कहा कि 2018 में प्री परीक्षा पास करने के बाद मेरा हौसला और बढ़ गया। जिसके बाद मैंने मुख्य परीक्षा भी पास कर ली। स्वीपर की नौकरी के साथ-साथ ही उन्होंने आरएएस की तैयारी भी जारी रखी। आखिरकार 13 जुलाई को उन्हें वो खुशखबरी मिल ही गई जिसके लिए वो इतने दिनों से संघर्षरत थीं। 



 
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