Rajasthan: सेवानिवृत वरिष्ठ आरएएस अधिकारी पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Samachar Jagat | Saturday, 21 Nov 2020 06:00:02 PM
Rajasthan: Retired senior RAS officer arrested taking bribe of five lakh rupees

बाड़मेर, जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (एसीबी) ने बीकानेर में अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन के पद से हाल में सेवानिवृत हुए वरिष्ठ आरएएस अधिकारी प्रेमाराम परमार को उसके दलाल सहित पांच लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने आज बताया कि वरिष्ठ आरएएस अधिकारी प्रेमाराम परमार 31 अक्टूबर को बीकानेर में उपनिवेशन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुआ था। सेवानिवृत्ति से पहले उसके बारे में ब्यूरो को ऐसी शिकायतें मिलीं कि वह पौंग बांध विस्थापितों, भूतपूर्व सैनिकों, महाजन फायरिग फील्ड के विस्थापितों और भूमिहीन किसानों से नहरी क्षेत्र में भूमि आवंटन करने की एवज में भारी रिश्वत ले रहा है। उन्होंने बताया कि इस पर अतरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम एन के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच के लिये ब्यूरो कइे कई दल गठित किये गये।

श्री सोनी ने बताया कि ब्यूरो के दलों ने जाल बिछाते हुए कल रात प्रेमाराम को उसी के निवास पर उसके दलाल नजीर खां सहित पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके तुरंत ही बाद ब्यूरो के दलों ने उसके जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर सहित कई ठिकानों पर रातभर छापे मारे जिसमें नकदी, गहने और अचल सम्पत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गये हैं। बरामद सम्पति में 2० लाख रुपये नकद बरामद किये गये। नहर क्षेत्र में भू आवंटन से सम्बन्धित कुछ पत्रावलियां सहित भारी मात्रा में नहरी क्षेत्र में भू आवंटन के दस्तावेज बरामद हुए हैं।

उन्होंने बताया कि इनके अलावा उसके जयपुर स्थित आवास से आठ लाख रुपए नगद एवं सम्पत्ति के दस्तावेज, जोधपुर आवास से सात लाख 72 हजार रुपये नकद, 15 लाख रुपये के स्वर्णाभूषण और जमीन जायदाद के दस्तावेज, एलएण्डटी कम्पनी में शेयर के दस्तावेज, बाड़मेर आवास से करीब तीन लाख रुपये नगद, 2० लाख रुपये के स्वर्णाभूषण आदि मिले हैं।

श्री सोनी ने बताया कि उसके जोधपुर आवास में तलाशी के दौरान महंगी विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गयीं। उसके जालोर में 36 बीघा जमीन और फार्म हाऊस के दस्तावेज भी मिले हैं। उसके खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति रखने का भी मामला दर्ज किया जायेगा।

श्री दिनेश एम एन ने बताया कि दलाल नजीर खान विस्थापितों को बहुत ही कम पैसे देकर उनके नाम पर उपनिवेशन विभाग की मिलीभगत से अच्छी जमीन आवंटित करवाकर अपने अथवा अन्य के नाम रजिस्ट्री करवा लेता था और बाद में उन्हें महंगे दामों में बेच देता था। जो विस्थापित इनके जरिए जमीन आवंटित नहीं करवाता था, उसे बंजर भूमि देरी से आवंटित की जाती थी। उन्होंने बताया कि इस पूरी काररवाई को बीकानेर में यूनिट प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनियां,पुलिस उपाधीक्षक शिवरतन गोदारा और एसीबी मुख्यालय से भेजे गये पुलिस निरीक्षक राजेश दुरेजा और उनके दल ने अंजाम दिया। (एजेंसी)   



 
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