Guru Purnima: आज है गुरु पूर्णिमा का पर्व, यहाँ जानिए महत्व और पूजा विधि

Samachar Jagat | Saturday, 24 Jul 2021 09:14:31 AM
Today is the festival of Guru Purnima, here's the importance and worship method

हर साल गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 24 जुलाई को मनाया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते हैं। इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसी दिन सनातन धर्म के पहले गुरु महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। ऐसा माना जाता है कि महर्षि वेदव्यास ने ही वेदों का ज्ञान दिया था और इसीलिए महर्षि वेदव्यास सनातन धर्म में आदि गुरु के रूप में उभरे।

 

यहां जानिए गुरु पूर्णिमा का महत्व: कहा जाता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन सभी गुरुओं के साथ भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की भी पूजा की जाती है. दरअसल, हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई को सुबह 10.45 बजे शुरू हुई और 24 जुलाई को सुबह 08.08 बजे समाप्त हुई. आप सभी को बता दें कि महर्षि वेदव्यास श्रीमद्भागवत, महाभारत, ब्रह्मसूत्र, मीमांसा के अलावा 18 पुराणों के निर्माता माने जाते हैं. इसी तिथि को व्यासजी ने सबसे पहले अपने शिष्यों को शास्त्रों का ज्ञान दिया था।

गुरु पूर्णिमा पूजा विधि: जी हां, इस दिन आपको सुबह जल्दी उठना चाहिए। इसके बाद आपको नहाना चाहिए और साफ कपड़े पहनना चाहिए। अब किसी साफ जगह पर सफेद कपड़ा बिछाकर पीछे की ओर व्यास बना लें। फिर उस पर गुरु व्यास की मूर्ति स्थापित करें और उन्हें रोली, चंदन, फूल, फल और प्रसाद चढ़ाएं। अब 'गुरुपरमपरसिद्धार्थं व्यासपूजं करिश्ये' मंत्र का जाप करें और सूर्य मंत्र का जाप करें। फिर अपने गुरु का ध्यान करें और इस दिन भगवान विष्णु की भी पूजा करें। इस दिन आटे की पंजीरी बनाकर चढ़ानी चाहिए।



 

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