World Autism Awareness Day : मानसिक बीमारी Autism को करीब से जानें, क्योंकि इसका कोई इलाज नहीं है, पीड़ित बच्चों के प्रति आपका बिहेवियर ही कुछ बदलाव ला सकता है?

Samachar Jagat | Friday, 02 Apr 2021 12:16:11 PM
World Autism Awareness Day: Get to know Mental Illness Autism closely, as there is no cure for it, can your behavior change for children suffering?

लाइफस्टाइल डेस्क। आज शुक्रवार 2 अप्रैल को दुनिया भर में विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है। लोगों में ऑटिज्म के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ये डे मनाया जाता है। दरअसल, ऑटिज़्म एक मानसिक रोग है, जिसमें बच्चे का दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है। ऑटिज्म के शुरुआती लक्षण 1-3 साल के बच्चों में नजर आते हैं। ये दिवस यूनाइटेड नेशंस के विश्व संयुक्त राष्ट्र दिवस में भी शामिल है। इस वर्ष ये दिन कोरोना को लेकर विशेष थीम पर आयोजित किया जा रहा है। थीम है 'कार्यस्थल में समावेश: एक महामारी की दुनिया में चुनौतियां और अवसर'।

तो आइये आज जानते हैं विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के बारे में...ऑटिज़्म क्या है, लक्षण और इलाज क्या है...

क्या है ऑटिज़्म?

डॉक्टर्स के अनुसार, ऑटिज्म एक मानसिक रोग है। इस रोग से सर्वाधिक बच्चे पीड़ित होते हैं। एक बार आटिज्म की चपेट में आने के बाद बच्चे का मानसिक संतुलन संकुचित हो जाता है। इस कारण बच्चा परिवार और समाज से दूर रहने लगता है। इसका दुष्प्रभाव बड़े लोगों में अधिक देखने को मिलता है

ऑटिज़्म का कैसे पता करें?
1. 12 से 13 माह के बच्चों में ऑटिज्म के लक्षण नजर आने लगते हैं।
2. इस विकार में व्यक्ति या बच्चा आंख मिलाने से कतराता है।
3. किसी दूसरे व्यक्ति की बात को न सुनने का बहाना करता है।
4. आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं देता है। अव्यवहारिक रूप से जवाब देता है।
5. माता-पिता की बात पर सहमति नहीं जताता है।
6. आपके बच्चे में इस प्रकार के लक्षण हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लें।

ये सावधानियां बरतें ?
- आप अपने बच्चे के एक्टिविटी में बदलाव लाने की कोशिश करें।
- उसके खानपान, रहन-सहन और जीवनशैली पर अधिक ध्यान दें।
- अपने बच्चे को संकुचित न होने दें। उसे रोजाना नए लोगों से परिचय कराएं।
- इसके बाद लगतार काउंसलिंग से बच्चे की सेहत में अवश्य सुधार देखने को मिल सकता है।

क्या इसका इलाज है?
प्रारंभिक तौर पर इसका कोई सटीक इलाज नहीं है। डॉक्टर्स बच्चों की स्थिति और लक्षण के बाद तय करते है कि बच्चे को क्या इलाज देना है। प्राथमिक स्तर पर इलाज थैरेपी बेस्ड होता है। बिहेवियर थेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। थेरेपी से बच्चे काफी हद तक सही हो जाते हैं।

ऑटिज्म से पीड़ि‍त बच्चों को ऐसे दें खुशी, यही इलाज
-बच्चे को कुछ भी समझाते समय उसके साथ धीरे-धीरे एक-एक शब्द बोलें और बच्चे के साथ उसे दोहराने की कोशिश करें।
- बच्चों के साथ खेलें, उन्हें समय दें।
-बच्चों को मुश्किल खिलौने खेलने को ना दें।
- बच्चों को तस्वीरों के जरिए चीजें समझाने की कोशिश करें।
 



 
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