मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड के अधिकारियों को बचाने में लगे हैं नीतीश कुमार

Samachar Jagat | Saturday, 21 Mar 2020 08:32:04 AM
1063208807667498

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही सुशासन को ढोल पीटते रहे हों लेकिन उनके पंद्रह साल के शासन में नौकरशाहों की पौबारह रही है. सृजन घोटाला से लेकर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड तक में नौकरशाहों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता. लेकिन उन्हें सियासी संरक्षण हासिल था. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संरक्षण उन्हें मिला हुआ था. सियासी गठजोड़ तो था ही, लेकिन काम नौकरशाह करते थे और पटना में बैठे उनके आका उनके कुकृत्यों को छुपाने के लिए हर तरह का तिकड़म इस्तेमाल करते थे. नीतीश कुमार के हाथ भी साफ नहीं हैं. सीबीआई भले मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड या सृजन घोटाले में सत्ता में बैठे लोगों को बचा ले गई हो और सरकार में शामिल भाजपा या जदयू नेता अपने को पाक-साफ कह रहे हों लेकिन दरअसल ऐसा है नहीं.



loading...

सीबीआई ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड में मूंछ और तोंद वाले अंकल की तलाश नहीं की. बिहार के कई मंत्री और सत्ताधारी नेताओं पर भी आरोप लगे लेकिन जांच का दायरा शेल्टर होम के संचालकों तक ही सीमित रखा सीबीआई ने. हैरत की बात यह है कि बरसों से सरकार के संरक्षण में बच्चियों के साथ बलात्कार होता रहा लेकिन इसकी भनक नीतीश कुमार और उनकी पुलिस को नहीं लगी तो सवाल तो उठेंगे ही. सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि शेल्टर होम का संचालक नीतीश कुमार का सखा था और नीतीश कुमार उसे और उसके अखबार को करोड़ों की रकम हर साल देते रहे हैं.

नीतीश कुमार पर तो यह आरोप भी लगते रहे हैं कि भागलपुर यात्रा के दौरान वे सर्किट हाउस की बजाय सृजन की संचालिका के यहां ही रात गुजारते थे. जदयू के नेता भी इसकी पुष्टि करते हैं. इसलिए शक की गुंजाइश भी है और हजारों करोड़ का यह घोटाला बिना किसी सियासी संरक्षण के तो हो नहीं सकता था. अधिकारी तो शामिल थे ही इस खेल में लेकिन बिना सरकार के इशारे पर इतना लंबा खेल कहां से हो पाता. दिलचस्प यह है कि बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार के वित्त मंत्री रहते यह सारा खेल हुए. कहा यह भी जा रहा है कि सृजन को लाइसेंस दिलाने में भी उन्होंने भरपूर मदद की थी.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में यूं तो मुख्य आरोपियों को सजा तो हो गई लेकिन सरकार ने सीबीआई की सिफारिश पर अब तक अमल नहीं किया है और जो कयास लगाए जा रहे हैं सरकार उन पर अमल भी नहीं करेगी. सरकारी सूत्रों के मुताबिक बिहार के शेल्टर होम की सीबीआई जांच में दोषी पाए 25 पूर्व डीएम सहित 71 सरकारी अधिकारियों पर नीतीश सरकार फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करने जा रही है. सीबीआई ने इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा बिहार के मुख्य सचिव से की थी. लेकिन राज्य सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने जा रही है.

सीबीआई ने मुजफ्फरपुर सहित बिहार के 17 शेल्टर होम की जांच की थी. इसमें पटना, भागलपुर, मोतिहारी, मुंगेर, कैमुर, मधेपुरा, मधुबनी और अररिया के शेल्टर होम शामिल हैं. पिछले दिनों सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था जिसमें कहा गया था कि उसने शेल्टर होम में गड़बड़ी के लिए 25 पूर्व डीएम सहित 71 अधिकारियों को भी दोषी माना है. उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा बिहार सरकार से की गई है. सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उसने बिहार के मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंप दी है.

सीबीआई की रिपोर्ट में जिन पूर्व डीएम के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है उनमें से कई अभी बेहद अहम पदों पर हैं. इस रिपोर्ट में सबसे ज्यादा पूर्वी चंपारण के पांच पूर्व डीएम पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. शेल्टर होम में हुए घिनौने कारनामे ने देश भर में बिहार की छवि धूमिल की थी. लेकिन राज्य सरकार फिलहाल उसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने जा रही है. बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि सरकार अभी यह पता लगा रही है कि अधिकारियों ने कितनी गड़बड़ी की. सरकार को सीबीआई की अगली कार्रवाई का भी इंतजार है. अगर सीबीआई किसी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दायर करती है तब राज्य सरकार कार्रवाई करेगी.

हालांकि आमिर सुबहानी यह भी कह रहे हैं कि सरकार बेहद गंभीर है और अगर कोई अधिकारी दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. लेकिन किनके खिलाफ कौन सी कार्रवाई होगी यह सरकार नहीं बता रही है. वैसे आम धारणा यह है कि 25 आईएएस अधिकारियों के साथ कुल 71 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नीतीश सरकार के बूते की बात नहीं लगती. यह आम धारणा रही है कि नीतीश कुमार की सरकार आईएएस अधिकारी ही चला रहे हैं. जो सरकार चला रहे हैं उनके खिलाफ ही कार्रवाई कैसे हो जाएगी. वैसे कई सामाजिक संगठन सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं. बहुत मुमकिन है कि सरकार के इस ढुलमुल रवैये के खिलाफ कई संगठन अदालत जाने की तैयारी कर रहीं हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 
loading...

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.