विराट कोहली को तल्ख अंदाज में चेतेश्वर पुजारा ने कुछ इस तरह दिया जवाब

Samachar Jagat | Wednesday, 18 Mar 2020 07:12:35 AM
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भारतीय टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज ने टीम के कप्तान विराट कोहली को उनके ही अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि वे किसी के मनोरंजन के लिए बल्लेबाजी नहीं करते. विराट कोहली ने न्यूजीलैंड सीरीज के बाद चेतेश्वर पुजारा की धीमी बल्लेबाजी की आलोचना की थी. चेतेश्वर पुजारा यूं तो बहुत बोलते नहीं हैं. उनका बल्ला ही बोलता है लेकिन विराट कोहली के सार्वजनिक आलोचना पर वे बोले और तल्ख अंदाज में बोले. न्यूजीलैंड में धीमी बल्लेबाजी की वजह से चेतेश्वर पुजारा सुर्खियों में रहे. न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली का धैर्य जवाब दे गया था और उन्होंने सार्वजनिक रूप से पुजारा की धीमी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े कर दिए थे. दरअसल, इस मैच में पुजारा ने पहली पारी में 42 गेंद पर 11 रन और दूसरी पारी में 81 गेंद पर 11 रनों की पारी खेली ‌थी. यहां तक कि क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी पुजारा ने 54 रनों के लिए 140 और 24 रनों के लिए 88 गेंदें खेली ‌थीं. अब इस मामले में पुजारा ने अपनी बात रखी है



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चेतेश्वर पुजारा की मौजूदगी में सौराष्ट्र की टीम ने बंगाल को फाइनल में हरा कर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीता. इस मैच में पुजारा ने एक बार फिर धीमी, लेकिन अहम पारी खेली. पुजारा ने 237 गेंद पर 66 रन बनाए थे. पुजारा ने कहा कि रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनने के बाद टीम ने शानदार तरीके से इसका जश्न मनाया. शाम को पार्टी हुई और फिर अगले दिन हम फिल्म भी देखने गए. चेतेश्वर पुजारा ने अपनी बल्लेबाजी के अहम पहलुओं पर रोशनी डाली.

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि मौजूदा वक्त में कोई भी उनके जैसा बल्लेबाज नहीं बनना चाहता तो उन्होंने बिना झिझके कहा- हां, मैं इससे सहमत हूं. लेकिन युवा पीढ़ी मेरे खेल को समझती है. और फिर टेस्ट मैच अब बहुत कम खेले जा रहे हैं. ऐसे में जबकि सीमित ओवर प्रारूप के मैचों की संख्या बढ़ रही है तो युवा पीढ़ी मेरी बल्लेबाजी शैली को नहीं अपनाते क्योंकि वे टेस्ट क्रिकेट के अधिक मुफीद है. ऐसा नहीं है कि मैं तेज नहीं खेल सकता. मैं सीमित ओवर प्रारूप में भी खेल सकता हूं. अधिकतर लोगों ने मुझे सफेद गेंद से खेलते हुए टीवी पर नहीं देखा है.

चेतेश्वर पुजारा से बंगाल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी फाइनल में खेली गई पारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बल्लेबाज को पिच के हिसाब से अपनी पारी को आगे बढ़ाना होता है. पुजारा के मुताबिक पहली पारी में मैंने करीब 60 रन बनाने के लिए दो सौ से अधिक गेंदें खेली. लेकिन टीम के मेरे साथी और मैं जानता था कि पिच कितनी मुश्किल थी. वह फाइनल था और मुझ पर जिम्मेदारी ‌थी. हालात के हिसाब से धीमा खेलने को लेकर मेरी बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं है. अगर मुझे यह पता है कि पिच मुश्किल है और मैं अपने शॉट नहीं खेल सकता तो मैं ऐसा नहीं करूंगा. न्यूजीलैंड में भी हालात ऐसे ही थे. मेरा काम किसी का मनोरंजन करना नहीं, अपनी टीम के लिए मैच जीतना है

चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि वे सोशल मीडिया के लिए बल्लेबाजी नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले अधिकतर लोग मेरा खेल और टेस्ट क्रिकेट नहीं समझते, क्योंकि वे अधिक वनडे और टी20 क्रिकेट देखते हैं. इस बात को समझना होगा कि मेरा लक्ष्य किसी का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि अपनी टीम के लिए मैच जीतना है. चाहे वह भारतीय टीम हो या फिर सौराष्ट्र की. किसी दिन मैं तेज खेलता हूं तो किसी दिन धीमा. मैं क्रिकेट प्रशंसकों का सम्मान करता हूं. मैं ऐसा खिलाड़ी नहीं हूं जो छक्के लगाता है. मैं सोशल मीडिया को नजरअंदाज करने की कोशिश करता हूं. जब मैं खेल रहा होता हूं तो सोशल मीडिया पर ध्यान नहीं देता. मैं मनोरंजन के लिए बल्लेबाजी नहीं करता. (क्रिकेट पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


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