निर्भया के दोषियों को फांसी के समय लगे मुर्दाबाद के भी नारे

Samachar Jagat | Friday, 20 Mar 2020 08:53:03 PM
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लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार निर्भया के दोषियों को फांसी हो ही गई. हालांकि फांसी टालने के लिए बचाव पक्ष के वकील ने अंतिम समय तक कोशिश की और देर रात तक बहस की. दिल्ली हाईकोर्ट में देर रात तक ड्रामा चला. खूब बहसें हुईं. लेकिन मध्यरात्रि को हाईकोर्ट ने बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को नहीं सुना और फांसी टलवाने की आखरी कोशिश भी नाकाम रही. दिल्ली हाईकोर्ट ने बचाव पक्ष की अर्जी खारिज कर फांसी पर मुहर लगा दी. सुबह तड़के निर्भया के दोषियों को आखिरकार फांसी हो ही गई. निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले के चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिहाड़ जेल के बाहर शुक्रवार को तड़के सुबह बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे. भीड़ ने 'निर्भया अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए. इस दौरान तिहाड़ जेल के बाहर मुर्दाबाद के नारे भी लगे. यह नारा दोषियों के वकील एके सिंह के खिलाफ थी. लोग 'एके सिंह मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे. लोगों में आक्रोश इस बात का था, क्योंकि वे दोषियों को बचाने के लिए आधी रात तक कोर्ट में दौड़ लगाते रहे.



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फांसी पर लटकाए जाने से पहले दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपने सभी कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल किया और वकील एके सिंह आखिर तक कोशिश करते रहे, लेकिन निर्भया को आखिरकार इंसाफ मिला. चारों दोषियों को तिहाड़ जेल संख्या तीन में सुबह साढ़े पांच बजे फांसी पर लटकाया गया. इस जेल के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. बाहर एकत्र हुए लोगों में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के हाथ में एक पोस्टर था जिसमें लिखा था निर्भया को न्याय मिला. अन्य बेटियों का इंतजार अभी जारी है. योगिता ने कहा कि आखिरकार इंसाफ मिल गया. यह पूरी न्याय प्रणाली की जीत है. दोषियों को फांसी के बाद कुछ लोगों ने एक दूसरे को मिठाई भी खिलाई. लोग हाथों में तिरंगा लिए हुए थे जिन्हें लहराते हुए उन्होंने निर्भया अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए.

निर्भया के परिवार से जुड़े आकाश दीप ने कहा कि वे सात साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई की जीत का गवाह बनने के लिए यहां आए हैं. उन्होंने कहा कि यह मुश्किल लड़ाई थी. लेकिन आज न्याय की जीत हुई. दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को एक महिला के साथ हुए सामूहिक बलात्कार व हत्या के मामले के चारों दोषियों को शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गई. जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने यह जानकारी दी. पूरे देश की आत्मा को झकझोर देने वाले इस मामले के चारों दोषियों मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को सुबह साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी गई. दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर तिहाड़ जेल में पहली बार चार दोषियों को एक साथ फांसी दी गई.

चारों दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपने सभी कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल किया और गुरुवार की रात तक इस मामले की सुनवाई चली. सामूहिक बलात्कार व हत्या के इस मामले के इन दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद तीन बार सजा की तामील के लिए तारीखें तय हुईं लेकिन फांसी टलती गई. लेकिन आज सुबह चारों दोषियों को फांसी दे दी गई. निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि अब उन्हें तसल्ली हुई है कि उनकी बेटी को आज इंसाफ मिल गया है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


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