कोरोना के खतरों से बेपरवाह घर लौटने के लिए सड़कों पर उतरे कामगार

Samachar Jagat | Wednesday, 20 May 2020 12:30:00 PM
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देश में लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ा दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इसका एलान किया और लोगों से अपील की कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें. लेकिन इस अपील के कुछ ही घंटे बाद देश के दो बड़े शहरों मुंबई और सूरत में लोगों ने लॉकाडाउन को ताक पर रखा. वजह खाने-पीने की मुश्किल और भूख. मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले हजारों प्रवासी मजदूर सड़कों पर उतर आए. इन लोगों की मांग थी कि इन्हें इनके गांव जाने दिया जाए. इसी तरह सूरत में भी सैकड़ों मजदूर अपने गांव में वापस जाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए.

याद करें ऐसा ही नजारा दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर भी पहली बार लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिखाई दिया था. वही अफरातफरी. कोरना से ज्यादा भूख की दहशत. अपनों के बीच रहने की जिद. मामला संवेदनशील इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि बहुतों का मानना था कि उन्हें मौत भी आए तो अपनों के बीच आए. लेकिन भारतीय मीडिया की बलिहारी मजदूरों में भी मस्जिद तलाश लिया. बांद्रा स्टेशन में मस्जिद के पास जमा हुए लोग तो लगे इसे ही रपेटने. मजदूरों का मजहब क्या होता है चैनलों के स्टूडियो वाले क्या जानें.

मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर सड़कों पर आए प्रवासी मजदूरों का कहना था कि उनके पास खाने को कुछ नहीं है. उन्हें उनके गांव वापस जाने दिया जाए. पुलिस प्रशासन ने इन लोगों को समझाने की कोशिश की और इन पर लाठीचार्ज भी करना पड़ा. घटना के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे हजारों लोग बांद्रा स्टेशन के बाहर जमा हो गए थे. ये सभी मजदूर थे और लॉकडाउन की वजह से अपने घरों में मौजूद थे. उन्हें भरोसा था कि लॉकडाउन खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसलिए वे अधीर होकर घरों से बाहर निकल आए. हम उनके खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं.

यह भी बताया जारहा है कि ये सभी लोग ट्रेन चलने की अफवाह पर बांद्रा स्टेशन पर जमा हो गए थे. बांद्रा की घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लॉकडाउन का मतलब लॉकअप नहीं, प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र में डरने की जरूरत नहीं, सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी. सूरत में भी मंगलवार को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए. रिपोर्ट के मुताबिक, ये लोग यहां के वाराछा इलाके में स्थित कपड़ा मिलों में काम करने वाले मजदूर थे. इनका कहना था कि लॉकडाउन में खाना-पीना नहीं मिल रहा है और ऐसे में इन्हें इनके गांव जाने दिया जाए. सरकार इसकी व्यवस्था करे.

सूरत में कुछ दिन पहले भी प्रवासी मजदूरों ने हंगामा किया था. वैसे लोगों का कहना है कि हालात ऐसे ही बने रहे तो प्रवासी मजदूर किसी दिन सरकार की नहीं सुनेंगे और पैदल ही घरों के लिए निकल पड़ेंगे. उनके सामने रोजी-रोटी का संकट है. मुंबई और सूरत में मजदूरों के सड़क पर उतरने के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोग बस, ट्रेन चलने को लेकर अफवाह फैला रहे हैं. यह साजिश है इसलिए कोई भी इस पर ध्यान न दे. 

लॉकडाउन खत्म होने और अपने घर लौटने की उम्मीद में मुबंई के बांद्रा में भारी संख्या में प्रवासी मजदूर जमा हो गए थे. ये मजदूर अपने घर लौटना चाह रहे थे. लेकिन इस बीच वहां बढ़ती भीड़ के कारण भगदड़ मच गई और इसे नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने घटना का एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि लॉकडाउन बढ़ने पर प्रवासी मजदूरों ने मुंबई के बांद्रा में प्रदर्शन किया और घर वापस भेजा का नारा लगाया.

कोरोना से बुरी तरह प्रभावित मुंबई में इस कदर भीड़ का उमड़ना काफी डराने वाला है. मजदूरों को हटाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी. पुलिस की कार्रवाई के बाद भीड़ कम हो गई है. लोगों में अनिश्चितता है कि लॉकडाउन कब तक चलेगा ऐसे में लोग घबरा गए हैं. स्थानीय नेताओं का कहना है कि लोगों को समझाया जा रहा है कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी और हर संभव मदद की जाएगी.

बांद्रा स्टेशन पर जमा हुई भीड़ को लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. आदित्य ठाकरे ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया. आदित्य ठाकरे ने ट्वीट किया कि बांद्रा स्टेशन की मौजूदा स्थिति, या यहां तक कि सूरत में दंगा भी हो रहा है यह केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए घर वापस जाने की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं होने का एक परिणाम है. वे भोजन या आश्रय नहीं चाहते, वे घर वापस जाना चाहते हैं. मुंबई की घटना पर भाजपा ने राज्य सरकार पर अक्षमता का आरोप लगाते हुए हमला बोला ही था कि सूरत से भी ऐसी ही खबर आई जहां सत्ता में भाजपा है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विशलेषण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).




 
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