कोरोना की जांच से लेकर कामगारों-किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा राहुल ने

Samachar Jagat | Wednesday, 20 May 2020 12:29:59 PM
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देश में कोरोना की दहशत के बीच ही इसके खिलाफ जंग भी जारी है. लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ा कर केंद्र सरकार ने लोगों को घरों में रहने का ही संदेश दिया है. हालांकि सात राज्यों ने पहले ही तीस अप्रील तक लॉकडाउन बढ़ाने का एलान कर डाला था. इसे सियासी नजरिये से भी देखा जारहा है. क्योंकि ऐसा करने वाले सभी राज्य गैरभाजाप शासित हैं. लॉकडाउन बढ़ाए जाने का कांग्रेस ने स्वागत तो किया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल भी किया कि जनता के लिए सरकार ने अब तक क्या किया, यह उन्होंने नहीं बताया. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कोरोना को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कामगारों व किसानों का मुद्दा तो उठाया ही है, इस बात का अंदेशा भी जताया है कि विदेशी कंपनियां कहीं देशी कंपनियों को हड़प न ले. इतना ही नहीं कोरोना टेस्टिंग को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना की लड़ाई में उसकी जांच सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है, लेकिन इस मामले में हम लाओस, नाइजर और होंडुरास के साथ खड़े हैं, जहां दस लाख लोगों पर क्रमश: 157, 182 और 162 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि भारत ने टेस्टिंग किट खरीदने में देरी की और अब इसकी काफी कमी दिख रही है. कोरोना टेस्टिंग के मामले में हम लाओस, नाइजर और होंडुरास के साथ खड़े हैं, जहां दस लाख लोगों पर क्रमश: 157, 182 और 162 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं. बड़े पैमाने पर जांच ही कोरोना से लड़ाई में मददगार है. आज के समय में हम इस मामले में काफी पीछे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि पूरे देश में एक ही तरह का लॉकडाउन लागू करने से करोड़ों किसानों, मजदूरों व कारोबारियों को बहुत पीड़ा हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस से ज्यादा प्रभावित इलाकों के अलावा दूसरे क्षेत्रों में कारोबार धीरे-धीरे शुरू करना चाहिए.

कोविड-19 की महामारी के कारण वैश्विक उत्‍पादन, सप्‍लाई, व्‍यापार और पर्यटन पर विपरीत असर पड़ेगा. राहुल गांधी ने कहा कि आर्थिक मंदी ने कई भारतीय कॉरपोरेट को कमजोर कर दिया है. उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में किसी विदेशी कंपनी के देश के किसी कॉरपोरेट का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं ले पाने को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया. उन्होंने यह चिंता मीडिया में आई उन खबरों पर प्रकट की है, जिनमें कहा गया था कि विदेशी संस्थानों ने स्टॉक बाजार के गिरने के मद्देनजर भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि भीषण आर्थिक मंदी ने कई भारतीय कॉरपोरेट को कमजोर कर दिया है, उन्हें अधिग्रहण के लिए आसान निशाना बना दिया है. सरकार को राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में विदेशी कंपनियों को किसी भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथों में लेने की इजाजत नहीं देनी चाहिए. मीडिया में ऐसी खबरें भी आई थीं कि चीन के सेंट्रल बैंक ने भारत में आवास ऋण देने वाली सबसे बड़ी कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन की 1.01 फीसद हिस्सेदारी खरीदी है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विशलेषण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).




 
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