TOKYO OLYMPICS: गन्ना फेंकते-फेंकते बन गई देश की नंबर-1 भालाफेंक एथलीट, 8 बार तोड़ चुकी हैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड

Samachar Jagat | Tuesday, 20 Jul 2021 10:16:28 AM
Tokyo Olympics: Became country's No.1 javelin thrower by throwing sugarcane, has broken national record 8 times

नई दिल्ली: भारत की महिला भाला एथलीट अनु रानी ने आठ बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है। उन्होंने मार्च में फेडरेशन कप में पिछला रिकॉर्ड तोड़ा था। मेरठ के बहादुरपुर गांव की एथलीट 60 मीटर से ऊपर थ्रो फेंकने वाली देश की पहली महिला एथलीट हैं। तीन साल पहले अनु रानी ने दोहा में वर्ल्ड एथलेटिक्स के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया था। अनु की सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी है।

 


एक किसान परिवार में जन्मी अनु ने कभी नहीं सोचा था कि बचपन में गन्ने को खेतों में फेंकना भाला फेंक का पहला सबक होगा। शुरुआत में जब हमने खेलों में कदम रखा तो लोगों को ताने झेलने पड़े। शुरुआत में तो गुपचुप तरीके से ट्रेनिंग भी कराई जाती थी। सात साल पहले जब लखनऊ में इंटर स्टेट चैंपियनशिप में पहली बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अनु का कहना है कि कोरोना काल में काफी मुश्किलें आईं। विदेशों में प्रतियोगिताएं कम पाई गईं। देश में उनके पास अभ्यास करने के लिए सही साथी की कमी है। उन्हें ओलंपिक में कड़ी चुनौती के बीच बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट ने पिछले महीने अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स में 62.83 मीटर का थ्रो फेंका, लेकिन 64 मीटर ओलंपिक क्वालीफाइंग अंक हासिल नहीं कर सका। रोड टू टोक्यो में 18वीं रैंकिंग के साथ उन्हें ओलंपिक में भाग लेने का मौका मिला।

अनु का कहना है कि शुरुआत में ट्रेनिंग के लिए काफी आर्थिक दिक्कतें आईं। भाले खरीदने के लिए महंगे स्पोर्ट्स शूज नहीं थे। उसने अपने भाई के बड़े जूते पहनने का अभ्यास किया, भले ही वे फिट न हों। भाई ने उसकी प्रतिभा को पहचाना। पहले बांस को भाला बनाकर फेंक दिया जाता था। जब उसे अपने पिता से प्रोत्साहन मिला, तो उसने सपने देखना शुरू कर दिया। अनु कहती हैं कि उनकी सफलता में परिवार का बहुत बड़ा योगदान है। अनु, 'मुझे याद है जब पिता ने कई बार ट्रेनिंग के खर्च के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे। मैंने कुछ करने की ठान ली थी। सबकी मेहनत और संघर्ष बेकार नहीं जाना चाहिए।'' अनु, 2014 इंचियोन एशियाई खेल, एशियाई चैंपियनशिप 2017 भुवनेश्वर कांस्य, 2019 एशियाई चैंपियनशिप रजत पदक, 2016 सार्क खेल गुवाहाटी रजत पदक।



 
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