महिलाओं में बांझापन के लिए जिम्मेदार है य़ह हार्मोन

Samachar Jagat | Friday, 30 Aug 2019 04:48:16 PM
This hormone is responsible for infertility in women

इंटरनेट डेस्क  स्वस्थ शरीर से हर तरह के फायदे होते है। स्वस्थ शरीर द्वारा हम मन चाही प्रत्येक चीजें प्राप्त कर सकते है। यह तभी संभव है जब हम इसकी पूरी तरह से देखभाल करें, क्योंकि आज के दौर में बदलती जीवन शैली और खानपान के बदलते तौर तरीक, रहन-सहन की गलत आदतों से शरीर में पाये जाने वाने विभिन्न हार्मोनों में बदलाव देखने को मिलते है। हार्मोनों में बदलाव होने से शरीर में अनेक तरह की समस्या पैदा होने लगती है। यदि किसी महिला के शरीर में इस तरह के हार्मोन असंतुलित होने लगते है तो उसमें बांझापन होने का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इसी तरह का एक हार्मोन पाया जाता है मुलेरियन हार्मोन जिसमें किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो यह गर्भधारण के लिये खतरा पैदा कर सकता है।  


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यह हार्मोन अंडाशय में बनता है। इस हार्मोन में असंतुल होने पर यह अंडाणुओं के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यदि इसके स्तर में कमी पाई जाती है तो यह इंफर्टिलिटी (बांझपन) का एक कारण हो सकता है। महिलाओं के रक्त में इस हार्मोन का स्तर अधिक पाया जाता है तो यह उनके अच्छे ओवेरियन रिजर्व यानी अंडाशय द्वारा पर्याप्त मात्रा में एग्स सेल्स उत्पन्न होने का संकेत माना जाता है। यह हार्मोन छोटे विकसित फॉलिकल्स के जरिए बनता है।

टैस्ट:

इस प्रकार की समस्या से बचने के लिए डाँक्टर द्वारा मुलेलियन हार्मोन एवं एस्ट्रोडिल की जांच की जाती है। जिनसे गर्भाशय की स्थिति व गर्भस्थ शिशु के विकास की जानकारी मिलती है। इसके आधार पर इलाज तय होता है।

इस कारण उत्पन्न होती है ये समस्या :

उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के अंडाशय में अंडों की कमी होने लगती है। ऐसा शरीर में पोषण तत्त्वों की कमी से होता है। खराब गुणवत्ता वाला भोजन करने, रक्तसंचार बेहतर न होने, असंतुलित हार्मोन व अन्य सेहत संबंधी समस्याओं के कारण भी महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पातीं है।



 

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