08 जुलाई: एक क्लिक में पढ़ें 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Sunday, 08 Jul 2018 03:58:41 PM
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FIFA World Cup 2018: रूसी खिलाड़ी सर्गेई इग्नाशेविच ने लिया संन्यास

Russian footballer player Sergei Ignashevich took retirement

मॉस्को। रूस के फुटबाल विश्वकप 2018 क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हो जाने के बाद उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी सर्गेई इग्नाशेविच ने निराशा में कुछ ही घंटे बाद अपने करियर से संन्यास ले लिया है। बताते चलें कि रूस को अपनी मेजबानी में हो रहे फीफा विश्वकप में शनिवार को उसे क्रोएशिया से पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर होना पड़ा था।

38 साल के रूसी डिफेंडर ने अपना सारा समय रूसी क्लबों के साथ बिताया और विश्वकप में अपनी टीम को क्वार्टरफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह टूर्नामेंट के सभी पांचों मैचों में खेले थे।अंतरराष्ट्रीय फुटबाल महासंघ (फीफा) ने बताया कि सर्गेई ने 127 मैचों में खेला और नौ गोल किये। वह अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने वाले रूस के सबसे अनुभवी फुटबालर हैं।

वह वर्ष 2005 में सीएसकेए मॉस्को के यूईएफए कप खिताब के दौरान टीम के कप्तान रहे थे। रूसी खिलाड़ी ने वीडियो पोस्ट के जरिये संन्यास की घोषणा करते हुये कहा यह मेरा आखिरी विश्वकप था और मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर का भी आखिरी मैच। यदि मैं विश्वकप के लक्ष्य के लिये नहीं खेल रहा होता तो बहुत पहले ही संन्यास ले लिया होता।

कहा इस विश्वकप से मेरा हौंसला बहुत बढ़ा है। मुझे बहुत मजा आया और शांति महसूस कर रहा हूं कि अपने करियर को अच्छे स्तर पर छोड़ रहा हूं। मैंने एक महान टीम के साथ और बढिय़ा कोचों के साथ खेला जिसके खिलाड़यिों ने खेल के लिये अपना पूरा योगदान दिया है।- एजेंसी

जयपुर सहित आस-पास के इलाकों में महसूस किए गए भूकंप के झटके

Earthquake shocks felt in adjoining areas including Jaipur

जयपुर। आज सुबह राजधानी जयपुर सहित आस-पास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। कुछ समय के लिए आज सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर ये झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है और भूकंप का केंद्र करीब 10 किलोमीटर गहराई में जयपुर ही था। वहीं ये झटके करीब 4 से 5 मिनट तक महसूस किए गए। राजधानी में आए इस भूकंप से जान-माल की हानि की अभी तक कोई खबर नहीं आई है। वहीं रविवार का अवकाश होने के कारण काफी कम लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। आपको बता दें कि इससे पहले इसी साल 31 जनवरी को भी जयपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 

आखिर क्यों आता है भूकंप :-

पृथ्वी के स्थलमण्डल में ऊर्जा के अचानक मुक्त हो जाने से उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों की वजह से भूकंप आता है।आपको बता दें कि भूकंप का मापन भूकम्पमापी यंत्रों से किया जाता है, जो सीस्मोग्राफ भी कहलाता है। कई बार तो भूकंप के झटके किसी को महसूस ही नहीं होते हैं और कई बार भूकंप भारी तबाही का कारण बन जाता है। जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तब धरती फट जाती है और बड़ी - बड़ी इमारतें गिरकर मलबे में बदल जाती हैं। 

क्या होती है भूकंप की गहराई :-

भूकंप आने पर इससे हलचल कितनी गहराई तक हुई है, इसे ही भूकंप की गहराई कहा जाता है। भूकंप की गहराई जितनी ज्यादा होती है सतह पर उसकी तीव्रता उतनी ही कम महसूस होती है। रिक्टर स्केल पर 5 से कम तीव्रता वाले भूकंपों को हल्का माना जाता है। साल में करीब 6000 ऐसे भूकंप आते हैं जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 से कम होती है।

अचानक भूकंप आने पर ऐसे करें बचाव :-

अचानक भूकंप आने पर घर से बाहर खुले में निकलें, अगर घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के अंदर छिप जाएं।

30 लाख देसी पेड़ों की दीवार बचायेगी दिल्ली को धूल की घुटन भरी परत से

Delhi will save the wall of 30 million indigenous trees from a densely packed layer of dust

नई दिल्ली। राजस्थान से आकर दिल्ली के ऊपर छाने वाली धूल की समस्या से निपटने के लिए अब राजधानी को करीब तीस लाख पेड़ों की दीवार से घेरा जाएगा। पिछले दिनों राजस्थान की आंधी के कारण दिल्ली के ऊपर छायी धूल की परत की समस्या से निजात दिलाने के लिए केन्द्र और दिल्ली सरकार की एजेंसियों ने 50 किस्म के देसी पेड़ों की दीवार से राजधानी की तीन ओर से घेराबंदी शुरु कर दी है।

इसमें यमुना तट और अरावली वन क्षेत्र को घेरते हुये दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सीमा तक लगभग 31 लाख पेड़ों से नैसर्गिक अवरोधक (नेचुरल बैरियर) बनाया जायेगा। केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना के दो मकसद हैं।

पहला, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायुप्रदूषण के लिये जिम्मेदार पाॢटकुलेट तत्वों (पीएम 2.5 और पीएम 10) को देसी पेड़ों द्वारा अवशोषित करना और दूसरा मकसद, हर साल पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान में आने वाली आंधी से जनित धूल के गुबार की दमघोंटू परत से दिल्ली को बचाना है।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित इस योजना में नेचुरल बैरियर के लिये पर्याप्त घने और अधिक ऊंचाई वाले पिलखन, गूलर, आम और महुआ सहित देसी पेड़ों को चुना गया है। ये वृक्ष वायुमंडल में हवा के कम दबाव के क्षेत्र के कारण अतिसूक्ष्म धूलकणों को ऊपर उठने से रोकते हैं। साथ ही धूलभरी आंधी में उड़कर आने वाले धूलकणों को भी ये पेड़ जमीन से कुछ मीटर की ऊंचाई पर संघनित होने से रोकते हैं।

इसके अलावा पीपल, नीम, बरगद, बेर, आंवला, जामुन, अमलताश, हर्र और बहेड़ा सहित अन्य प्रजातियों के ऐसे वृक्ष भी इसमें शामिल हैं जो सामान्य से अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इनमें 24 घंटे ऑक्सीजन उत्सॢजत करने वाले पीपल के सर्वाधिक पेड़ लगाये जायेंगे। विभाग के निदेशक डा. अनिल कुमार ने बताया कि धूल और हवा में घुले सूक्ष्म दूषित तत्व, साल भर हरे भरे रहने वाले स्थानीय पेड़ों की पत्तियों पर आसानी से जमा हो जाते हैं। पत्तियों पर जमा दूषित तत्व बारिश होने पर मिट्टी में समा जाते हैं। इसलिये यह तरीका दिल्ली के वायु प्रदूषण से निपटने में कारगर और स्थायी समाधान साबित हो सकता है।

इस परियोजना को दिल्ली सरकार का वन विभाग दो साल के भीतर अंजाम देगा। दिल्ली वन संरक्षक कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सात जुलाई से इस योजना की औपचारिक शुरुआत हो गयी है। उन्होंने बताया कि स्थानीय परिस्थितियों में जल्द पनपने की प्रवृत्ति वाले देसी पेड़ दिल्ली के मौलिक पर्यावास को भी बहाल करेंगे।

इसके तहत केन्द्रीय एजेंसी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), दिल्ली मेट्रो, उत्तर रेलवे और दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और नयी दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) सहित तीनों नगर निगम (एमसीडी) अपने क्षेत्राधिकार वाले इलाकों में ये पेड़ लगायेंगे।

उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियां बारिश के मौसम में आगामी 15 जुलाई से 15 सितंबर तक वन महोत्सव के दौरान सघन वृक्षारोपण अभियान चलायेंगी। इनमें 21 लाख देसी पेड़ और दस लाख झाड़ीनुमा पेड़ (कनेर, गुड़हल, बहुनिया और चांदनी आदि) लगाये जायेंगे। इनमें 4.22 लाख पेड़ वन विभाग, चार लाख पेड़ तीनों एमसीडी, तीन लाख पेड़ एनडीएमसी, 35 हजार पेड़ सीपीडब्ल्यूडी और 8.75 लाख पेड़ डीडीए लगायेगा

सभी एजेंसियां दो साल तक इनका सघन पोषण करेंगी। इसके बाद इनकी सामान्य निगरानी करते हुये स्वतंत्र एजेंसी से पेड़ों के विकास की लेखा परीक्षा (सर्वाइवल ऑडिट) करायी जायेगी। इसका मकसद पेड़ों के जीवित बचने की जांच करना है। स्वतंत्र एजेंसी के रूप में देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) द्वारा सर्वाइवल ऑडिट की प्रक्रिया मार्च 2019 से शुरू कराने का प्रस्ताव है। इसकी ऑडिट रिपोर्ट मार्च 2020 में पेश किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है।- एजेंसी

भाजपा जम्मू-कश्मीर में नहीं बनाएगी सरकार, राज्यपाल शासन जारी रहेगा

BJP will not create J and K government,Governor's rule will continue

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में पीडीपी के असंतुष्टों के साथ मिल कर भाजपा के सरकार बनाने के प्रयास की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रवीन्द्र रैना ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में शांति, सुशासन और विकास के लिए राज्यपाल शासन जारी रखने के पक्ष में है ।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में किसी दल से गठबंधन नहीं करेगी । जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रवीन्द्र रैना ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा अलगाववाद, आतंकवाद और पत्थरबाजी पर पूरी तरह से लगाम लगाकर शांति एवं अमन कायम करना चाहती हैं  ताकि वहां के लोग इज्जत और ऐहतराम के साथ भजदगी गुजर बसर कर सकें ।

 पीडीपी के साथ इतने समय तक गठबंधन सरकार चलाने के बाद अचानक अलग होने के फैसले के कारण पूछने पर रैना ने कहा कि राज्य में तीन साल तक गठबंधन सरकार रही । हम चाहते थे कि सेना आतंकवाद, अलगाववाद पर प्रहार करे और राजनीतिक दल प्रदेश के विकास का काम करें । लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था। राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ रहा था। राज्य में महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी के असंतुष्टों के साथ भाजपा के सरकार बनाने के प्रयासों से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर रैना ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।

महबूबा मुफ्ती पर परोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के विकास के लिए अरबों रुपए मंजूर किए लेकिन इसका बड़ा हिस्सा खर्च नहीं किया गया। राज्यपाल शासन में यह सुनिश्चित होगा कि धन का विकास कार्यों में पूरा उपयोग किया जाए । उल्लेख है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने एक खबर ट्वीट की थी जिसमें दावा किया गया था कि पीडीपी विधायकों का एक बड़ा धड़ा भाजपा आलाकमान के संपर्क में है और भगवा दल राज्य में सरकार बनाने की कोशिश में है।

मुकेश अंबानी का कार्यकाल पांच साल और बढ़ा, सालाना वेतन जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Mukesh gets re-chairman of Reliance for five years

मुंबई। बाजार पूंजीकरण के आधार पर देश की दूसरी बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरधारकों ने मुकेश अंबानी को अगले पांच वर्ष के लिए फिर से अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) नियुक्त करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। 61 वर्षीय मुकेश अंबानी वर्ष 1977 से कंपनी के निदेशक मंडल है और जुलाई 2002 में उनके पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद अध्यक्ष बनाया गया था।

गत पांच जुलाई को कंपनी की 41वीं वार्षिक आम बैठक में अंबानी को कंपनी का पांच वर्ष के लिए पुन: अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव किया था। उनकी नयी नियुक्ति 19 अप्रैल 2019 से प्रभावी होगी। कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि उसके 616.45 करोड़ शेयरधारकों में से 50818 करोड़ शेयरधारकों ने अंबानी को पुन: अध्यक्ष बनाने के पक्ष में मतदान किया है। कुल मत में से 98.5 फीसदी ने अंबानी के पक्ष में एवं 1.48 प्रतिशत ने विरोध में पड़े थे।

प्रस्ताव के अनुसार अंबानी को वार्षिक 4.17 करोड़ वेतन मिलेगा और 59 लाख रुपए पूर्वनिर्धारित व्यय और भत्ते मिलेगा। इसमें सेवानिवृत्ति लाभ शामिल नहीं है। कंपनी के शुद्ध लाभ के आधार पर वह बोनस के हकदार भी होंगे और पत्नी एवं सेवादारों के साथ कारोबारी यात्राओं का पूरा व्यय और कंपनी के कामकाज के लिए कारों का उपयोग, आवास पर संचार से संबंधित सभी व्यय रिलायंस करेगी। अंबानी और उनके परिवार की सुरक्षा पर होने वाला व्यय भी कंपनी ही भरेगी। एजेंसी

अमेरिका में गोलीबारी, भारतीय छात्र की मौत

US firing,Indian student dies

वाशिंगटन। अमेरिका में मिसौरी के कंसास शहर में एक रेस्त्रां में अज्ञात हमलावर ने गोलीबारी की। इसमें भारत के तेलंगाना निवासी एक छात्र की मौत हो गई। पुलिस ने हमलावर के सम्बंध में सूचना देने वालों को 10 हजार डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। कंसास पुलिस का दावा है कि हमलावर ने लूटपाट के इरादे से गोलीबारी की है। इसमें शरत कोप्पू (26) की मृत्यु हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी का फुटेज डाल कर बदमाश को पकड़वाने में लोगों से मदद करने का आग्रह किया। वीडियो में बदमाश सफेद और भूरी रंग की शर्ट में नजर आ रहा है।

शरत के दोस्त ने शनिवार को तेलंगाना के वारांगल जिले में रहने वाले उसके परिजनों को घटना के बारे में फोन पर जानकरी दी। कंसास में यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी में एमएस की पढ़ाई करने वाला शरत शुक्रवार शाम अपने दोस्तों के साथ जेस फिश एडं चिकन मार्केट में एक रेस्त्रां में बैठा था।

इस दौरान हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दोस्तों ने तत्काल शरत को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शरत के पिता राम मोहन ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राज्य के प्रवासी मामलों के मंत्री के टी रामा राव से बेटे के शव को घर लाने में मदद मांगी है। शरत के परिजनों ने विदेश मंत्री से इस मामले को देखने और दोषियों को पकड़वाने में मदद की भी गुहार लगाई है। परिजनों के अनुसार, अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास से शरत के शव को अंतिम संस्कार के लिए हैदराबाद भेजे जाने का अनुरोध किया गया है।

शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शरत की हत्या पर दुख जताया है और पीडि़त परिवार को हर मदद मुहैया कराने का भरोसा दिया है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार शरत हैदराबाद के वास्वी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई पूरी करने के बाद इसी शहर की एक सॉफ्टवेयर कम्पनी में नौकरी करने लगा था और एमएस करने के लिए वह इसी वर्ष जनवरी में अमेरिका गया था। उसे यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी में पढऩे के लिए पूर्ण स्कॉलरशिप मिली थी। 

फिल्म 'भारत' के लिए 6.50 करोड़ फीस लेंगी प्रियंका चोपड़ा!

Priyanka Chopra will take Rs 6.50 crore for Bharat

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अपकमिंग फिल्म भारत से फिल्मी पर्दे पर कमबैक करने जा रही हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही यह फिल्म लगातार सुर्खियों में छाई हुई हैं। हाल ही में फिल्म को लेकर प्रियंका चोपड़ा द्दारा ली गई फीस को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही थी।

कहा जा रहा था कि इस फिल्म के लिए प्रियंका ने काफी फीस ली हैं। लेकिन अब सामने आ रहा है कि फिल्म भारत के लिए 6.50 करोड़ की फीस चार्ज कर सकती है। फिल्म में प्रियंका और सलमान खान की जोड़ी नजर आयेगी। फिल्म में प्रियंका की फीस को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

पहले कहा जा रहा था कि वह यह फिल्म फ्री में करने वाली हैं। बाद में चर्चा हुयी कि प्रियंका इसके लिए 12 करोड़ी की मोटी फीस वसूलेंगी। बताया जा रहा है कि प्रियंका चोपड़ा 'भारत' फ्री में नहीं कर रही हैं। वह इसके लिए 6.50 करोड़ की फीस चार्ज करेंगी। फिल्म 'भारत' में प्रियंका चोपड़ा पांच लुक्स में नजर आएंगी। यह लुक फिल्म में उनके किरदार के 28 साल की उम्र से लेकर 60 साल की उम्र को दिखाएगा। मेकअप, प्रोस्थेटिक और वीएफएक्स की मदद से इस पूरे एजिंग प्रोसेस को फिल्माया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि  'भारत' दक्षिण कोरिया की साल 2014 में आई फिल्म 'ओड टू माई फादर' से प्रेरित है। बताया जा रहा है कि सलमान की इस मेगाबजट फिल्म में दर्शकों को देश का 70 सालों का इतिहास दिखाया जाएगा, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की कहानी भी होगी। प्रियंका चोपड़ा और सलमान खान के साथ ही तब्बू, दिशा पाटनी और सुनील ग्रोवर भी अहम भूमिका निभाते दिखेंगे।

ऐतिहासिक जामिया मस्जिद तीसरे दिन भी बंद

Historic Jamia Mosque closes on third day

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर शहर में किसी भी विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जामिया मस्जिद को एतिहातन रविवार को लगातार तीसरे दिन भी बंद रखा गया। अलगाववादियों ने सुरक्षा बलों के साथ वर्ष 2016 में अनंतनाग में मारे गए हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर आज हड़ताल का आह्वान किया है।

अलगाववादियों ने दुखतरान-ए-मिलत (डीएम) प्रमुख असिया अंद्राबी तथा उसके सहयोगियों को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर पूछताछ के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दिल्ली तलब किये जाने के विरोध में शनिवार को हड़ताल का आह्वान किया था। मस्जिद में शुक्रवार को भी नमाज अदा नहीं हो सकी। जामिया मस्जिद का इलाका हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारुक का गढ माना जाता है।

उन्हें सभा को संबोधित करने से रोकने के लिए शुक्रवार को तड़के घर में नजरबंद किया गया। ऐतिहासिक मस्जिद के सभी गेटों को बंद कर दिया गया है और मुख्य जामिया बाजार एवं उससे सटे हुए इलाकों में लोगों को आने से रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबल तथा राज्य पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पाबंदियों के कारण शुक्रवार से मस्जिद में नमाज अदा नहीं हो सकी है।

जामिया मस्जिद की ओर जाने वाली सड़कों को राजौरी कदल, रंगेर स्टॉप तथा गोजवाड़ा में कटीले तारों से बंद कर दिया गया है। एस के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) की ओर जाने वाले मरीजों और चिकित्सकीय कर्मचारियों के वाहनों को हालांकि दस्तावेजों की जांच करने के बाद जाने की अनुमति दी जा रही है।

फार्महाउस में अवैध निर्माण को लेकर सलमान और परिवार के सदस्यों को वन विभाग का नोटिस

Notice of forest department to Salman and family members for illegal construction in the farmhouse

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान एक बार फिर मुसिबतों में फंसते नजर आ रहे हैं। जी हां आपको बता दें कि अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को  अवैध निर्माण को लेकर भेजे गए नोटिस के बाद अब सलमान खान को भी नोटिस जारी किया गया हैं। महाराष्ट्र वन विभाग ने अभिनेता सलमान खान के पनवेल स्थित फार्महाउस में अवैध निर्माण होने का दावा करते हुए उन्हें और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्यों को नोटिस भेजा है।

वन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक सलमान के पिता सलीम खान के नाम से नौ जून को नोटिस भेजा गया था। यह पड़ोसी रायगढ़ जिले के पनवेल में ही एक और संपत्ति के एनआरआई मालिक की शिकायत पर भेजा गया था। नोटिस के अनुसार सलीम खान को जवाब देने के लिए सात दिन का वक्त दिया गया।

इसमें कहा गया है कि पनवेल के वाजापुर इलाके में स्थित अॢपता फार्म्स के मालिकाना हक सलमान खान , उनकी बहनों अलवीरा और अर्पिता, भाइयों अरबाज और सुहैल तथा मां हेलेन के पास हैं। जवाब देने के लिए दिये गये सात दिन का वक्त गुजर जाने के बाद खान परिवार के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुणगंतीवार ने आज कहा कि उचित प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

इस बारे में जब सलीम खान से संपर्क किया गया तो उन्होंने पीटीआई से कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई गयीं। उन्होंने कहा, ''मेरे सारे निर्माण कार्य नियमित हैं और जरूरी शुल्क भी अदा किये गये। कोई अवैध निर्माण नहीं किया गया है।"

झांसी-कानपुर हाईवे पर चलती कार में लगी आग, बाल बाल बचे सवार

Fire in a moving car on the Jhansi-Kanpur highway, children and children survivors

झांसी। उत्तर प्रदेश में झांसी-कानपुर हाईवे पर रविवार को एक चलती कार में आग लग गयी और सवार लोगों ने किसी तरह कार से निकलकर जान बचायी। पुलिस ने बताया कि झांसी निवासी शराब के ठेकेदार मनोज शिवहरे अपने दोस्तों और बच्चों के साथ कार से चिरगांव की ओर जा रहे थे। तभी रास्ते में बडागांव थाना क्षेत्र के गोरामछिया गांव में अचानक कार में आग लग गई।

कार में अन्य लोगों के साथ दो बच्चे भी थे, उन्हें भी सकुशल निकाल लिया गया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया कार में आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। मनोज शिवहरे ने बताया कि जब उनकी कार थाना बड़ागांव क्षेत्र स्थित गांव गोरामछिया से निकली तभी अचानक बन्द हो गई। चालक ने इग्नीशन ऑन करके गाड़ी को दोबारा चालू करना चाहा, इसी बीच घर्रर की आवाज के साथ गाड़ी में अचानक आग लग गई।

इस आग से कार में सवार लोगों में हड़कम्प मच गया। सभी जल्दी से बाहर की तरफ भागे। इधर, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आनन-फानन में इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी गई। मौके पर फायर बिग्रेडकर्मी व पुलिस ने पहुंचकर आग पर काबू पाया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पंहुची डायल 100 की पीआरवी 0377 ने तेजी से काम करते हुए हाईवे पर स्थिति को नियंत्रण में लिया और वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला। इतना ही नहीं झांसी-कानपुर हाईवे पर दुर्घटना के चलते लगा जाम इस सेवा में शामिल पुलिसकर्मियों के तेजी से काम करने के कारण बहुत जल्दी खुल गया और हाईवे पर यातायात सामान्य हो गया।- एजेंसी

 



 
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