सरकार पारम्परिक शिल्प एवं लघु उद्यमों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध: योगी

Samachar Jagat | Monday, 09 Jul 2018 10:54:55 AM
Government committed to preserve traditional crafts and small enterprises: Yogi

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पारम्परिक शिल्प एवं लघु उद्यमों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। योगी रविवार देर शाम यहां सर्किट हाउस सभागार में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पारम्परिक शिल्प एवं लघु उद्यमों के संरक्षण और उसमें अधिक से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना की शुरुआत गत 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर की गई थी। उन्होंने कहा कि पीतल नगरी मुरादाबाद मेटल हैण्डीक्राफ्टस के लिए विश्व में प्रसिद्ध है।

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राज्य सरकार परम्परागत उत्पादों के निर्यात, प्रोत्साहन सहित स्थानीय उद्यमों में निवेश प्रोत्साहन के लिए भी निरन्तर प्रयत्नशील है और इसके लिए सिंगल विण्डो सिस्टम की शुरुआत के लिए ‘निवेशमित्र पोर्टल’ प्रारम्भ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्राण्डिग के प्राथमिक उद्देश्य के साथ-साथ रोजगार सृजन, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी सामथ्र्य के विकास, तकनीकि उन्नयन, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल विकास और ग्रामीण सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों तथा हस्तशिल्पी इकाइयों के उपयोगार्थ कॉमन फैसिलिटी सेन्टर, टेस्टिंग लैब, डिजाइन स्टूडियों, एग्जीबिशन कम व्यापार केन्द्रों जैसी महत्वपूर्ण अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं इन सब के माध्यम से प्रदेश के विकास के लिए ओडीओपी योजना क्रियान्वित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों एवं निर्यातकों से कहा कि उनके द्वारा सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उनके इस योगदान एवं वृहद् अनुभवों को ²ष्टिगत रखते हुए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की अवधारणा को जिलो में तेजी से क्रियान्वित करने में उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त किए जाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि धातु शिल्प कार्यों के लिए मुरादाबाद जिला विश्वख्याति है। ऐसे में सबका दायित्व है कि धातु शिल्प कार्यों एवं उत्पादों को उत्कर्षता की सीमा तक पहुंचाने के लिए इस उद्योग एवं व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों एवं कारीगरों, वर्करों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।

उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वर्तमान सरकार ने यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन करके उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि वे जिलों में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ को दृष्टिगत रखते हुए उसी परम्परा के अनुरूप नया प्रयास करें। सरकार उद्यमियों को हर सम्भव सहयोग एवं उद्योग लगाने के लिए मूलभूत सुविधाएं दे रही है।

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उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी, कारीगर एवं वर्कर आधुनिकता को दृष्टिगत रखते हुए धातु शिल्प उत्पादों में गुणात्मक सुधार लाएंगे, तो निश्चित ही जिले का चहुंमुखी विकास होगा और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इस अवसर पर एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि मेटल आर्ट वेयर उत्पादों के निर्माण में प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रुप से लगभग 2.50 से तीन लाख लोग इस कार्य में लगे हैं।

मुरादाबाद जिले में 1500 छोटी-बड़ी निर्यातक इकाइयां हैं। इनके द्वारा औसतन छह हजार करोड़ रुपए का निर्यात प्रतिवर्ष उत्तरी अमेरिका, यूरोपीय ,खाड़ी और एशिया के कई देशों में किया जाता है। प्रत्येक जिले में उत्पाद की प्रसिद्धि, विपणन सामथ्र्य, विकास सम्भाव्यता और रोजगार देने की क्षमता के आधार पर एक उत्पाद विशेष का चिन्हांकन किया जा चुका है।



 

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