अनशन से पहले हिरासत में हार्दिक समेत नौ पाटीदार नेता, बिना इजाजत करने वाले थे विरोध

Samachar Jagat | Monday, 20 Aug 2018 08:35:55 AM
Nine Patir leaders including Hardik in custody before the fast

अहमदाबाद। कांग्रेस समर्थित पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) नेता हार्दिक पटेल को रविवार को उनके आठ अन्य साथियों के साथ अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उनके आवास के निकट से उस समय हिरासत में ले लिया जब वह बिना अनुमति के अनशन के लिए निकल रहे थे। इन सभी को इस मामले में गिरफ्तारी के बाद फिर से रिहा कर दिया गया लेकिन इनमें से एक तथा अगस्त 2015 में पाटीदार रैली के बाद हुई हिसा के सिलसिले में यहां दर्ज राजद्रोह के मामले में हार्दिक के साथ एक सह आरोपी अल्पेश कथिरिया को फिर से इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

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क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर एस एल चौधरी ने बताया कि हार्दिक और उनके आठ अन्य साथियों जिसमें पास के पूर्व संयोजक मनोज पनारा, धार्मिक मालविया और अल्पेश कथिरिया भी शामिल हैं, को सोला भागवत/एसजी हाईवे के निकट स्थित उनके आवास से निकलते समय हिरासत में लिया गया। वे बिना अनुमति के अनशन के लिए कार से निकोल की तरफ जाने वाले थे। चौधरी ने बताया कि उन सभी को बाद में भारतीय दंड संहिता की धारा 182 (सरकारी कार्य में बाधा डालना) और 142 के तहत गिरफ्तार कर लिया लेकिन उन्हें जमानत पर रिहा भी कर दिया गया। बाद में अल्पेश को राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद में उनके संदिग्ध समर्थकों ने सूरत के पूना इलाके में एक बीआटीएस सिटी बस को आग लगा दिया तथा दो अन्य पर पथराव और तोडफोड़ की। कुछ स्थानों पर बीआरटीएस के स्टेशन पर भी तोड़फोड़ की गयी। शहर के पूना सरथाणा और योगी चौक जैसे पाटीदार बहुल इलाके में ऐसी घटनाओं की सूचना है। इस घटना में किसी के हताहत होेने की सूचना नहीं है। ये घटनाएं ऐसे इलाके में की गयी हैं जहां निगरानी वाले सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। हार्दिक ने इस घटना के बाद ट्वीट कर लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की और दावा किया कि इस सबके पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ है। हिसा और गुजरात की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को उनका समर्थन नहीं है।

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इससे पहले, हार्दिक ने रिहाई के बाद कहा कि राज्य की भाजपा सरकार के इशारे पर उन्हें पकड़ा गया और अनशन करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया गया। उन्हें पुलिस इंस्पेक्टर जे एन चावड़ा ने जान से मारने की धमकी भी दी। वह आगामी 25 अगस्त को जरूरत पड़ने पर अपने आवास पर ही अनशन करेंगे। अगर उन्हें जेल भेजा गया तो वह वहां ही अनशन शुरू कर देंगे।

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ज्ञातव्य है कि किसानों की कर्ज माफी और पाटीदार आरक्षण के मुद्दे को लेकर हार्दिक ने 25 अगस्त से यहां निकोल क्षेत्र अथवा किसी अन्य इलाके में अनशन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी और ऐसा नहीं होने पर उन्होंने इसके विरोध में आज से अपने 500 समर्थकों के साथ निकोल इलाके में एक दिन का सांकेतिक उपवास करने की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अगर अनशन के लिए स्थल नहीं मिला तो वे कार में बैठ कर ही अनशन करेंगे। घर से निकलते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। बाद में उन्हें और अन्य आठ को क्राइम ब्रांच ले जाया गया।

उधर, इसके विरोध में सूरत में प्रदर्शन कर रहे पास के लगभग 20 कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया गया। वे सभी राम धुन कर मिनी बाजार के पास विरोध जता रहे थे। इन लोगों ने कथित तौर पर इससे पहले रास्ते पर कचरे का ढेर भी बिखेर दिया था। इससे पहले हार्दिक ने एक ट्वीट में दावा किया कि उनके करीब डेढ सौ समर्थकों को गिरफ्तार किया गया था और उनके समेत 59 लोगों को उनके घर में नजरबंद किया गया। उन्होंने कहा कि 26 समर्थकों को चोटिला में पकड़ा गया और 58 पूर्व अहमदाबाद में। 



 

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