फोन के प्रति बढ़ती दीवानगी से मौत को न्योता

Samachar Jagat | Monday, 17 Jun 2019 03:29:55 PM
Invitation to death from rising enlightenment towards the phone

वेज्ञानिकों का कहना है कि दिन भर फोन में झांकते रहने से उमर कम होती है। इससे तनाव बढ़ता है, जो बुरा होता है। डॉक्टर अक्सर चेतावनी देते हैं कि फोन से बढ़ने वाला तनाव आदमी की जान ले सकता है। तनाव इंसानों के शरीर में कोर्टिसोल हार्मोंन का स्त्राव करता है। यह हार्मोंन दिल को तेजी से पंप करता है और शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ा देता है। पहले लोगों को कभी-कभी इस स्थिति का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब फोन का इनबॉक्स भी तनाव देने वाला बन गया है। औसतन हर 36 सेकेंड में इनबॉक्स में नोटिफिकेशन आने से तनाव का स्तर बढ़ता है। मायो क्लीनिक ने चेतावनी देते हुए कहा, कोर्टिसोल का अत्यधिक स्त्राव और तनाव वाले हार्मोंन के बढ़ने के कारण इंसानों के शरीर की सारी कार्यप्रणाली गड़बड़ हो जाती है। इसके परिणाम स्वरूप कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती है, जैसे प्रजनन की क्षमता में कमी आना, अवसाद, मधुमेह, दिल का दौरा। फोन तनाव के सबसे बड़े कारणों में से एक है। दिनभर फोन में झांकते रहने से तनाव बढ़ेगा और उम्र कम होने का खतरा ज्यादा होगा। 

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न्यूयार्क टाइम्स में छपे एक लेख में बताया गया है लोगों की फोन के प्रति बढ़ती दीवानगी से डॉक्टर चिंतित है क्योंकि उनकी उम्र कम हो रही है। लोग औसतन रोज चार घंटे तक फोन में देखते रहते हैं। ज्यादातर लोग इस बात की अनदेखी करते हैं कि वह रोज कितने समय फोन और अन्य उपकरणों पर बर्बाद कर देते हैं। यह उनकी उत्पादकता के लिए तो बुरा है ही, साथ ही इससे सेहत पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टिकट के स्कूल ऑफ मेडिसन साइकाइट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी आपका फोन आसपास होता है तो कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। जब फोन में नोटिफिकेशन आने की ध्वनि सुनाई देती है या ऐसा लगता है कि आपका फोन बज रहा है तब भी कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह एक तनाव की प्रतिक्रिया है, जो शरीर को बेहद बुरी लगती है और शरीर आराम पाने के लिए फोन चेक करने को आगे बढ़ता है। 

वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे ही आप फोन के बारे में सोचते हैं, आपको तनाव महसूस होता है और फिर उसे कम करने के लिए अपना फोन चेक करते हैं। लेकिन फोन चेक करने से तनाव और बढ़ जाता है। कोई परेशान करने वाला मैसेज, कोई छूटा हुआ कार्य या कोई डराने वाली हेडलाइन पढ़ते ही कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी होती है। धीरे-धीरे फोन की लत के कारण यह तनाव बढ़ता जाता है और हम असामयिक मृत्यु की और बढ़ जाते हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि फोन के कारण बढ़ते कोर्टिसोल के स्तर को कम करने के लिए कुछ आसान उपाय करने चाहिए। अपने फोन का नोटिफिकेशन बंद कर दें या अपने फोन को बदसूरत बनाकर रखें ताकि उसे देखने का मन न करें। अगर फोन की लत बेहद गंभीर है तो डिजिटल डिटॉक्स प्रोग्राम का सहारा ले। ध्यान लगाने का अभ्यास करे।



 

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