टेस्ट मैच: इशांत-बुमराह की घातक गेंदबाजी से इंडिया की जोरदार वापसी

Samachar Jagat | Saturday, 08 Sep 2018 09:05:45 AM
Ishant-Bumrah fierce bowling brings India back strongly

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

लंदन। इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह की आखिरी सत्र में घातक गेंदबाजी से इंडिया ने शुक्रवार को यहां शानदार वापसी करके इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच का पहला दिन पूरी तरह से अपने नाम कर दिया।

इंग्लैंड का स्कोर एक समय एक विकेट पर 133 रन था लेकिन पहले दिन का खेल समाप्त होने तक वह 7 विकेट पर 198 रन बनाकर जूझ रहा था। पहले 2 सत्र में विकेट से महरूम रहे इशांत ने 28 रन देकर 3 और बुमराह ने 41 रन देकर 2 विकेट लिए हैं। स्पिनर रविद्र जडेजा ने भी 57 रन के एवज में 2 विकेट हासिल किये। मोहम्मद शमी ने भी अच्छी गेंदबाजी की लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिला।

अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे एलिस्टेयर कुक की धीमी लेकिन ठोस पारी और दूसरे छोर से मोईन अली के पिच पर टिके रहने के दृढ़ इरादों की वजह से भारत पहले दो सत्र में केवल एक विकेट हासिल कर पाया, लेकिन चाय के विश्राम के बाद एकदम से कहानी बदल गई।

कुक ने बेहद धीमी बल्लेबाजी की लेकिन वे पिछली 9 पारियों के बाद पहली बार अर्धशतक जमाने में सफल रहे। उन्होंने 190 गेंदें खेलकर 71 रन बनाये तथा इस बीच अपने सलामी जोड़ीदार कीटोन जेनिग्स (23) के साथ पहले विकेट के लिये 60 और मोईन अली (50) के साथ तीसरे विकेट के लिये 73 रन की उपयोगी साझेदारियां की। 

तीसरा सत्र पूरी तरह से भारत के नाम रहा जिसमें उसने छह विकेट हासिल किये। बुमराह ने कुक और कप्तान जो रूट (शून्य) को चार गेंद के अंदर पवेलियन भेजकर भारत को वापसी दिलायी। कुक के लिए उनकी मूव करती गेंद बल्ले को चूमकर विकेट पर लगी जबकि बुमराह की इनस्विंगर रूट के समझ से परे थी। वे उनके पैड पर टकराई और जोरदार अपील पर अंपायर की उंगली उठ गई।

इंडिया ने मोईन और कुक के खिलाफ अपने दोनों रिव्यू गंवा दिये थे लेकिन रूट ने डीआरएस का सहारा लिया। उन्हें हालांकि इसका फायदा नहीं मिला और इंग्लैंड के कप्तान को बिना खाता खोले पवेलियन लौटना पड़ा। इशांत ने अगले ओवर में जेमी बेयरस्टॉ को भी खाता नहीं खोलने दिया। 

उनकी आफ स्टंप से जाती गेंद को बेयरस्टॉ ने लाइन में आये बिना खेलने की कोशिश की और विकेटकीपर ऋषभ पंत को आसान कैच थमाया। बेयरस्टॉ पिछली चार पारियों में तीसरी बार खाता नहीं खोल पाये और इंग्लैंड का स्कोर एक विकेट पर 133 रन से चार विकेट 134 रन हो गया। 
बेन स्टोक्स (11) भी ज्यादा देर तक मोईन का साथ नहीं दे पाए।

जडेजा की सीधी लेकिन अपेक्षाकृत तेज गेंद विकेट के ठीक सामने उनके पैड पर टकराई और अंपायर को फैसला देने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। मोइन की 170 गेंद की धैर्यपूणã पारी का अंत आखिर में इशांत ने किया। इस अनुभवी गेंदबाज ने उन्हें स्ट्रोक खेलने के लिये मजबूर किया और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पंत के दस्तानों में समा गई। 

इशांत ने इसी ओवर में नये बल्लेबाज सैम कुरेन (शून्य) को भी पवेलियन की राह दिखा दी जिन्होंने पिछले मैच में अपनी दो साहसिक पारियों से पासा पलट दिया था। इशांत के अगले ओवर में जोस बटलर भी पवेलियन लौट सकते थे। कैच की उनकी अपील पर अंपायर की उंगली भी उठ गयी थी लेकिन रीप्ले से पता चला कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी। 

भारत ने 87 ओवर बाद नई गेंद ली, लेकिन इससे असर नहीं पड़ा। स्टंप उखड़ने के समय बटलर 11 और आदिल राशिद चार रन पर खेल रहे थे। इससे पहले रूट के लगातार पांचवें मैच में टास जीतने के बाद अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे कुक जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो भारतीय टीम ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर’ पेश किया। 

जडेजा ने जेनिग्स को केएल राहुल के हाथों कैच कराकर टीम को पहली सफलता दिलाई। राहुल का श्रृंखला में यह 12वां कैच था। शमी को शुरू में मूवमेंट नहीं मिला लेकिन दूसरे स्पैल में उन्होंने काफी प्रभावशाली गेंदबाजी की तथा कुक और मोईन को परेशान किया।

भाग्य हालांकि उनके साथ नहीं था और अच्छे प्रयास के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिली। इंग्लैंड ने गत मैच में जीत दर्ज करने वाली अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया जबकि इंडिया ने चोटिल रविचंद्रन अश्विन की जगह जडेजा और हार्दिक पंड्या के स्थान पर हनुमा विहारी को टीम में रखा। इंग्लैंड पांच मैचों की श्रृंखला में 3-1 से पहले ही अपने नाम कर चुका है। 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.