पुरूष हॉकी टीम भी स्वर्ण की दौड़ से बाहर, सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारी

Samachar Jagat | Friday, 13 Apr 2018 06:55:37 PM
Men hockey team also out of gold race, losing to New Zealand in semi-finals

गोल्ड कोस्ट। भारतीय पुरूष हॉकी टीम को नौ में से 8 पेनल्टी कार्नर गंवाने और रक्षापंक्ति की गलतियों की वजह से राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में शुक्रवार को यहां अपने से कम रैंकिंग के न्यूजीलैंड के हाथों 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी क्षणों में गोल करने की चूक भारत पर भारी पड़ी जिसकी वजह से गत 2 बार के रजत पदक विजेता को अब कांस्य पदक के लिए भिडऩा होगा।

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भारतीय महिला टीम भी कल सेमीफाइनल में हार गई थी और उसे भी तीसरे स्थान का प्लेआफ मैच खेलना है। न्यूजीलैंड की तरफ से पहले 3 क्वार्टर में ह्यूगो इंगलिस, स्टीफन जेनेस और मार्कस चाइल्ड ने गोल दागे। इंडिया के लिए दोनों गोल हरमनप्रीत सिंह ने किए। उन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने के बाद आठवें पेनल्टी कार्नर पर भी गोल किया।

पहले क्वार्टर में भारत को शुरू में मौका मिला लेकिन मनदीप सिंह चूक गए। यही नहीं भारत ने पेनल्टी कार्नर भी गंवाया। इस बीच कीवी टीम ने मौका भुनाने में गलती नहीं की। ह्यूगो इंगलिस ने रिवर्स शाट से उसके लिये पहला गोल दागा। भारतीय रक्षकों की गलती का फायदा उठाकर न्यूजीलैंड ने जल्द ही अपनी बढ़त दोगुनी कर दी।

मैच के बाद भारतीय कोच सोर्ड मारिन से कहा कि टूर्नामेंट में हमें पर्याप्त पेनल्टी कार्नर मिले। हमने पर्याप्त मौके बनाए, लेकिन हम इन पर गोल नहीं कर पाए। अगर आप के मैच पर गौर करो तो हम 32 बार विरोधी टीम के सर्किल में पहुंचे और वे 14 बार ही ऐसा कर पाए। उन्होंने 3 गोल किए, लेकिन हम केवल दो कर पाए।

खेल गोल करने से जुड़ा होता है और हम पर्याप्त गोल करने में नाकाम रहे। भारतीय टीम न्यूजीलैंड की रक्षापंक्ति में सेंध लगाने के लिए जूझती रही। न्यूजीलैंड ने दूसरे क्वार्टर में पहला पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन पीआर श्रीजेश ने इसे नाकाम कर दिया। न्यूजीलैंड को जल्द ही एक और पेनल्टी कार्नर दिया गया था लेकिन भारत ने रेफरल का सहारा लिया जिसके बाद रेफरी ने अपना फैसला बदल दिया।

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दूसरे क्वार्टर के आखिर में सुमित को कीवी डिफेंडर ने गिरा दिया, जिसके लिए भारत को पेनल्टी कार्नर मिला। कीवी गोलकीपर ने पहला शाट रोक दिया, लेकिन रिबाउंड पर आकाशदीप का शाट कीवी डिफेंडर के कंधे पर लगा, जिसकी वजह से भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिल गया। हरमनप्रीत ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके मध्यांतर तक कीवी बढ़त कुछ कम कर दी।

सुनील ने तीसरे क्वार्टर के शुरू में भारत के लिए पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा पाई। इसके बाद जब न्यूजीलैंड को पेनल्टी कार्नर मिला तब रक्षापंक्ति की गलती भारत को महंगी पड़ी और 2 बार रिबाउंड के बाद वरूण कुमार गेंद को बाहर करने में नाकाम रहे और मार्कस चाइल्ड ने गोल दागकर न्यूजीलैंड को 3-1 से आगे कर दिया।

भारत पांचवें पेनल्टी कार्नर पर भी गोल नहीं कर पाया, जिससे अंतिम क्वार्टर से पहले तक न्यूजीलैंड की 2 गोल की बढ़त बनी रही। अंतिम हूटर बजने से पांच मिनट पहले भारत को लगातार 2 पेनल्टी कार्नर मिले। इनमें से हरमनप्रीत ने एक पर गोल किया, लेकिन भारत बराबरी का गोल करने में नाकाम रहा।



 

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