शेम-शेम और वाकआउट के बीच रंजन गोगोई ने राज्यसभा सदस्य की ली शपथ

Samachar Jagat | Monday, 23 Mar 2020 08:13:55 AM
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भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने गुरुवार को राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ले ली. शर्म के नारों और विपक्ष के वाकआउट के बीच जब वे ईश्वर के नाम पर शपथ ले रहे थे उनके चेहरे पर लिखी इबारत से साफ पढ़ा जा सकता था कि सब कुछ ठीक नहीं है. उस चेहरे पर उस लोकतंत्र की दुहाई भी थी और उनका कहा हुआ वह वाक्य भी कि रिटायरमेंट के फौरन बाद कोई पद स्वीकारता है तो वह बदनुमा दाग है.



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कई फैसलों की हल्की-हल्की झलक भी रंजन गोगोई के चेहरे पर थी. वे फैसले जो उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद सवालों में आ गए थे. वे फैसले चाहे अयोध्या मामले का हो या फिर राफेल विमान सौदे का, सीबीआई में वर्चस्व की लड़ाई का मामला, तीन तलाक या अनुच्छेद 370 के मामले,उनकी अगुआई वाले बेंच के सभी फैसले सवालों में आ गए. यह फैसले सरकार के हक में गए थे इसलिए राज्यसभा के लिए उनके मनोयन का एलान होते ही सवाल खड़े किए जाने लगे. रंजन गोगोई पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि अपने तब के मुख्य न्यायाधीश के खिलफ लोकतंत्र की आवाज उठाई थी. लेकिन अब यह लोकतंत्र को उनसे जोड़ कर देखा जा रहा है और उनकी नीयत को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है.

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली तब इस दौरान कांग्रेस सहित विपक्षी सांसदों ने शेम-शेम के नारे लगाए. विपक्ष के विरोध किए जाने पर उन्होंने कहा कि वे बहुत जल्दी स्वागत करेंगे. कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने गोगोई की नियुक्ति को न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमले बताकर इसकी आलोचना की. मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने से एक पहले गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने अयोध्या मसले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से वाकआउट किया.

उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गोगोई जैसे ही शपथ लेने निर्धारित स्थान पर पहुंचे, वैसे ही विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया. हंगामे पर आपत्ति जताते हुए सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि ऐसा व्यवहार सदस्यों की मर्यादा के अनुरूप नहीं है. गोगोई ने अंग्रेजी में शपथ ली. शपथ लेने के बाद उन्होंने सभापति और अन्य सदस्यों का अभिवादन किया. सदन में हंगामे पर सभापति नायडू ने कहा कि आप संवैधानिक प्रावधानों को जानते हैं, आप उदाहरणों को जानते हैं, आप राष्ट्रपति के अधिकारों को जानते हैं. नायडू ने कहा कि आपको सदन में ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए. किसी मुद्दे पर पर आप अपनी राय सदन के बाहर व्यक्त करने के लिए स्वतंत्रता हैं.

फिर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्षी सदस्यों का आचरण पूरी तरह से अनुचित था. प्रसाद ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग इस सदन के सदस्य रहे हैं. उन लोगों में पूर्व न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मनोनीत किया गया था. नायडू ने कहा कि हमें सदस्य का सम्मान करना चाहिए. हालांकि सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कई सदस्यों ने गोगोई को बधाई दी. वे सदन में मनोनीत सदस्य सोनल मान सिंह के पास वाली सीट पर बैठे थे. 

रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के लिए मनोनीत करने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना की जा रही है. तब गायक-संगीतकार विशाल ददलानी ने ट्वीट कर रंजन गोगोई को बधाई भी दी और तंज भी कसा. विशाल ददलानी का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. विशाल ददलानी ने रंजन गोगोई के राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर ट्वीट करते हुए कहा कि गोगोई जी को बधाई, हमारी बिल्कुल निष्पक्ष न्याय-व्यवस्था को बधाई, और भारत की अंधी-बहरी जनता को अपने ऐसी खबरों से हमेशा ‘अज्जस्ट’ करने की क्षमता पर बधाई. मजाल है कि कोई कह दे के इसके बदले में वह हुआ था. ऐसी फिज़ूल की सोच रखनेवालों को शर्म आनी चाहिए. कोई तो शर्म कर ले, आखिर. विशाल ददलानी के अलावा निर्देशक अनुभव सिन्हा ने भी रंजन गोगोई को लेकर ट्वीट किया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


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