अब तक जंग से रद्द हुए थे ओलंपिक खेल, इस बार कोरोना ने डाला खलल

Samachar Jagat | Thursday, 26 Mar 2020 12:50:13 PM
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जुलाई में होने वाला ओलंपिक खेल स्थगित हो गया है. ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. जपान के टोक्यो में ओलंपिक होना था और दुनिया भर की टीमें खेलों के महाकुंभ की तैयारी में जुटीं थीं. लेकिन कोरोना वायरस ने सारी तैयारियों पर पानी फेर डाला. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने एलान किया कि कोरोना वायरस की वजह से टोक्यो ओलंपिक खेलों को अगले साल गर्मियों तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक इन खेलों का आयोजन 24 जुलाई से नौ अगस्त तक होना था. लेकिन आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बातचीत के बाद ओलंपिक को स्थगित करना का फैसला लिया. ओलंपिक खेल पहली बार शांतिकाल में स्थगित हुआ है. ओलंपिक खेलों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी बीमारी की वजह से ओलंपिक खेलों को टाला गया है. हालांकि इससे पहले तीन बार ओलंपिक खेलों को टाल दिया गया था. लेकिन इससे पहले सिर्फ जंग की वजह से ही ओलंपिक खेलों को रद्द किया गया था.



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ओलंपिक खेलों ने हालांकि राजनीतिक बहिष्कार (मॉस्को 1980) और आतंकवाद (म्युनिख 1972) का सामना भी किया है लेकिन खेल सिर्फ जंग के कारण ही रद्द हुए हैं. टोक्यो ओलंपिक स्थगित हो गए. अगली तारीखों का एलान बाद में होगा. लेकिन इससे पहले तीन बार जंग ने ओलंपिक खेलों में खलल डाला था. पहली बार 1916 में होने वाले बर्लिन ओलंपिक को रद्द किया गया था. स्टॉकहोम में चार जुलाई 1912 को छठे ओलंपिक खेलों की मेजबानी बर्लिन को सौंपी गई. जर्मन ओलंपिक समिति ने युद्ध स्तर पर तैयारी की. जून में बर्लिन स्टेडियम में टेस्ट स्पर्धाएं भी हुईं. दूसरे दिन आस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रेंक फर्डिनेंड और उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई. इसके बाद के घटनाक्रम प्रथम विश्व युद्ध का कारण बने और बर्लिन ओलंपिक खेल नहीं हो सके.

दूसरी बार 1940 में खेलों को रद्द किया गया. तब ओलंपिक टोक्यो में ही होना था. जूडो के अविष्कारक जापान के महान खिलाड़ी जिगोरो कानो की अगुआई में टोक्यो को 1940 में ओलंपिक की मेजबानी मिली. इतालवी निर्देशक बेनितो मुसोलिनी ने ऐन मौके पर दौड़ से नाम वापस ले लिया. इस बीच जापान और चीन में जंग छिड़ गई और राजनयिक दबाव बन गया कि जापान खेलों की मेजबानी छोड़. आखिरकार जापान ने दबाव के आगे घुटने टेके लेकिन 1964 में टोक्यो ओलंपिक की मेजबानी करने वाला पहला एशियाई देश बना. एक बार फिर टोक्यो में खेलों को स्थगित करना पड़ा है. आखरी बार ओलंपिक 1944 में रद्द हुआ था. लंदन में ओलंपिक होना था.

लंदन ने रोम, डेट्राइट, लुसाने और एथेंस को पछाड़कर मेजबानी हासिल की लेकिन तीन महीने बाद ही ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया. यह खेल हुए ही नहीं और इटली में शीतकालीन खेल भी रद्द हो गए. लंदन ने 1948 में खेलों की मेजबानी की जिसमें जापान और जर्मनी ने भाग नहीं लिया. (खेलों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


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