पटना। पटना उच्च न्यायालय ने एक महिला अनुमंडल पुलिस अधिकारी के शादी का लालच देकर यौन प्रताडना मामले में भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस के 2009 बैच के अधिकारी पुष्कर आनंद को गुरुवार को अंतरिम जमानत दे दी।
बिहार के कैमूर जिला की एक अदालत ने गत 5 मई को वर्ष 2014 में कैमूर जिले में पुष्कर के पदस्थ के दौरान वहां अपने अधीनस्थ काम कर रही एक महिला अनुमंडल पुलिस अधिकारी को शादी का लालच देकर यौन प्रताडना मामले में पुष्कर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
पटना उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने अंजना मिश्र ने पुष्कर द्वारा इस मामले में अंतरिम जमानत की याचिका को स्वीकार कर लिया।
पुष्कर के वकील ने दलील पेश की कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप गलत और बेबुनियाद हैं, क्योंकि इसका कोई मेडिकल आधार नहीं है।
कैमूर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षीक पुष्कार आनंद पर जिला मुख्यालय भभुआ में अनुमंडल पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात एक महिला अधिकारी ने पुष्कार पर 29 दिसंबर 2014 को कथित तौर पर यौन प्रताडना का आरोप लगाए जाने पर राज्य सरकार ने इस मामले की जांच का आदेश देते हुए इसकी जांच के लिए गठित की गई एक तीन सदस्यीय कमेटी ने आरोप को सही पाया था।
इस मामले के बारे में गत 9 अप्रैल को बिहार के पुलिस महानिदेशक पी के ठाकुर ने बताया था कि इसकी जांच कर रही कमेटी के इस मामले में साक्ष्य पाए जाने पर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
यह पूछे जाने पर क्या इस मामले में आरोपी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया जाएगा ठाकुर ने कहा था कि जांच अभी पूरी होनी बाकी है और कानूनी रूप से जो भी कार्रवाई होगी की जाएगी।