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SBI Mutual Fund SIF: देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Mutual Fund ने अपने Specialized Investment Fund (SIF) पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए एक नई निवेश रणनीति पेश की है। कंपनी ने 'Magnum Equity Ex-Top 100 Long Short Fund' लॉन्च करने की घोषणा की है। यह फंड उन निवेशकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो बड़े मार्केट कैप शेयरों से आगे बढ़कर मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में अवसर तलाशना चाहते हैं, साथ ही जोखिम को नियंत्रित रखने की भी कोशिश करते हैं।
नई रणनीति में इक्विटी निवेश के साथ सीमित स्तर पर Long-Short Strategy और डेरिवेटिव्स का उपयोग किया जाएगा, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम किया जा सके।
कब खुलेगा NFO? जानिए महत्वपूर्ण तारीखें
यदि आप इस नई SIF रणनीति में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इन प्रमुख तारीखों पर ध्यान देना जरूरी है।
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NFO शुरू होने की तारीख: 7 अगस्त 2026
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NFO बंद होने की तारीख: 20 अगस्त 2026
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फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड Specialized Investment Strategy
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बेंचमार्क: BSE 500 TRI (Total Return Index)
NFO अवधि समाप्त होने के बाद यह फंड नियमित रूप से निवेश और रिडेम्प्शन के लिए उपलब्ध रहेगा।
किन कंपनियों में होगा निवेश?
इस नई निवेश रणनीति का मुख्य फोकस उन कंपनियों पर रहेगा, जो मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर भारत की टॉप-100 कंपनियों से बाहर हैं।
फंड हाउस के अनुसार, निवेश का प्राथमिक उद्देश्य ऐसे व्यवसायों की पहचान करना होगा, जिनमें भविष्य में बेहतर ग्रोथ की संभावना हो। इसके साथ ही पोर्टफोलियो में जोखिम को संतुलित रखने के लिए डेरिवेटिव्स के माध्यम से सीमित शॉर्ट पोजिशन भी ली जाएंगी।
एसेट एलोकेशन कैसा रहेगा?
SBI Mutual Fund ने इस SIF रणनीति के लिए संभावित एसेट एलोकेशन भी साझा किया है।
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65% से 100% तक निवेश टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में किया जा सकता है।
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35% तक निवेश आवश्यकता अनुसार टॉप-100 कंपनियों के शेयरों में भी किया जा सकेगा।
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35% तक राशि डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में रखी जा सकती है।
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20% तक निवेश InvITs में किया जा सकता है।
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35% तक निवेश गोल्ड ETF, सिल्वर ETF और अन्य म्यूचुअल फंड योजनाओं की यूनिट्स में किया जा सकता है।
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नियामकीय सीमा के तहत 35% तक राशि विदेशी इक्विटी, ओवरसीज ETFs और विदेशी डेट सिक्योरिटीज में भी निवेश की जा सकती है।
इस तरह फंड का पोर्टफोलियो कई एसेट क्लास में फैला होगा, जिससे विविधीकरण (Diversification) का लाभ मिल सकता है।
न्यूनतम निवेश कितना होगा?
SEBI के Specialized Investment Fund (SIF) नियमों के अनुसार इस योजना में निवेश के लिए न्यूनतम राशि तय की गई है।
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पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹10 लाख रखा गया है।
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जिन निवेशकों के PAN स्तर पर पहले से Magnum SIF में कुल होल्डिंग ₹10 लाख या उससे अधिक है, वे भविष्य में प्रति आवेदन कम से कम ₹1 लाख का अतिरिक्त निवेश कर सकते हैं।
यानी यह योजना मुख्य रूप से अपेक्षाकृत बड़े निवेशकों के लिए बनाई गई है।
कौन संभालेंगे इस फंड की जिम्मेदारी?
इस नई SIF रणनीति का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे। इससे पहले भी वह SBI Mutual Fund की पहली SIF पेशकश Magnum Hybrid Long Short Fund का प्रबंधन कर चुके हैं।
फंड हाउस को उम्मीद है कि रिसर्च आधारित स्टॉक चयन और Long-Short रणनीति के जरिए निवेशकों को बेहतर जोखिम-समायोजित (Risk-adjusted) रिटर्न देने की कोशिश की जाएगी।
एग्जिट लोड क्या रहेगा?
यदि निवेशक यूनिट्स के आवंटन के तीन महीने के भीतर निवेश निकालते हैं या किसी दूसरी योजना में स्विच करते हैं, तो 1% का एग्जिट लोड देना होगा।
वहीं, तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद रिडेम्प्शन पर कोई एग्जिट लोड लागू नहीं होगा।
टैक्स नियम भी जान लें
मौजूदा कर नियमों के अनुसार, यदि इस योजना की यूनिट्स 12 महीने से अधिक समय तक रखी जाती हैं, तो उन पर मिलने वाले Long Term Capital Gain (LTCG) पर 12.5% टैक्स (साथ में लागू सरचार्ज और सेस) लगाया जाएगा।
हालांकि, एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स छूट के दायरे में रहेगा।
कंपनी ने क्या कहा?
SBI Funds Management के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO देबाशीष मिश्रा के अनुसार, नई रणनीति का उद्देश्य रिसर्च आधारित निवेश के जरिए निवेशकों को भारतीय बाजार में उभरते अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
कंपनी का मानना है कि विविधीकृत पोर्टफोलियो और Long-Short दृष्टिकोण निवेशकों को बदलते बाजार माहौल में बेहतर संतुलन प्रदान कर सकता है।
गौरतलब है कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान SBI Mutual Fund का औसत Assets Under Management (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा, जिससे यह देश के सबसे बड़े फंड हाउसों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले योजना से जुड़े दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।