भिवाड़ी में दलित नाबालिग बालक के साथ पुलिस की बर्बरता अत्यंत अमानवीय: Gehlot

Hanuman | Monday, 27 Apr 2026 03:19:29 PM
Police Brutality Against Dalit Minor Boy in Bhiwadi Is Extremely Inhumane: Gehlot

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की भजनलाल सरकार से कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू किया गया अनिवार्य एफआईआर का नियम अब भी सख्ती से लागू किए जाने की मांग की है।

अशोक गहलोत ने आज इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि भिवाड़ी में दलित नाबालिग बालक के साथ पुलिस की बर्बरता अत्यंत अमानवीय है और भाजपा सरकार की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। जयपुर के चिकित्सालय में बालक की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। यह निंदनीय है कि पुलिस ने परिजनों की प्राथमिकी (एफआईआर) तक दर्ज नहीं की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा पुलिस महानिदेशक से बात करने के बाद एफआईआरदर्ज हुई। ऐसे में न्याय की आशा कैसे की जा सकती है? यह एक गंभीर प्रश्न है।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 'अनिवार्य एफआईआर' का नियम इसीलिए बनाया था ताकि पीड़ितों को न्याय मिलने का विश्वास रहे। इस कारण अपपाध के आंकड़े भले ही बढ़े परन्तु पीड़ितों को न्याय मिलना सुनिश्चित हुआ और शिकायत लेकर जयपुर आने वाले पीड़ितों की संख्या बेहद कम हो गई।

किंतु वर्तमान में राजस्थान की स्थिति ऐसी हो गई है जहाँ दलित और महिलाएँ न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मुख्यमंत्री को अविलंब इस प्रकरण में हस्तक्षेप करना चाहिए एवं दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई हो जो एक मिसाल कायम करे। साथ ही, अनिवार्य एफआईआर की व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जाए।

PC:  aajtak
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें



 


ताज़ा खबर

Copyright @ 2026 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.