Raksha Bandhan 2022: जाने रक्षा बंधन का इतिहास और महत्व

Samachar Jagat | Thursday, 04 Aug 2022 11:36:28 AM
Raksha Bandhan 2022: Know the history and importance of Raksha Bandhan

रक्षा बंधन जिसे आमतौर पर राखी कहा जाता है। एक ऐसा त्योहार है जो भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता का सम्मान करता है। भाई-बहन इस दिन शपथ लेते हैं कि हमेशा एक-दूसरे का ध्यान रखे और एक-दूसरे का समर्थन करें चाहे कुछ भी हो। "रक्षा बंधन" का शाब्दिक अर्थ "सुरक्षा बंधन" है। रक्षा बंधन एक हिंदू त्योहार है जो सावन महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षा बंधन इस साल 11 अगस्त को मनाया जाएगा।भाई अपनी बहन से "राखी" बंधवाता है और जीवन भर उसकी रक्षा और समर्थन करने का वादा करता है।

रक्षा बंधन 2022: इतिहास
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल के दौरान अपने सुदर्शन चक्र के परिणामस्वरूप भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली को घायल कर दिया था। राजकुमारी द्रौपदी ने ये देखाकर अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़ कर खून को बहने से रोकने के लिए चारों ओर से बांध दिया। भगवान कृष्ण ने इस कार्य के  परिणामस्वरूप द्रौपदी को सभी परिस्थितियों में आजीवन सुरक्षा का वादा किया और जब कौरवों ने द्रौपदी गरिमा को नष्ट करने का प्रयास किया। तो भगवान कृष्ण द्रौपदी के लिए खड़े थे ।

रक्षा बंधन 2022: महत्व
हिंदू परंपरा यह कहती है कि एक बहन को अपने भाई के माथे पर 'तिलक' लगाना चाहिए और उसकी लंबी और सुखी जीवन की कामना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधनी चाहिए। बदले में, भाई बहन के पसंद का उपहार देता है या प्यार और सम्मान के संकेत के रूप में उसे पैसे देता है।अब राखी सिर्फ भाई-बहन के रिश्तों के लिए नहीं रह गई अब राखी को बड़ी बहनों, दोस्तों और अन्य दूर के रिश्तेदारों द्वारा बांधी जाती है ताकि लोग रक्षा बंधन को ऐसे माहौल में मना सकें जहां वे सुरक्षित और संरक्षित महसूस करते हैं। रक्षा बंधन पारंपरिक रूप से सुरक्षा की भावना से जुड़ा है।



 

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