राज्यों को जीएसटी राजस्व के सही आवंटन के लिये सेवा कंपनियों के लेखांकन सॉफ्टवेयर की जांच होगी

Samachar Jagat | Sunday, 04 Nov 2018 03:38:19 PM
The accounting software for service companies will be examined for the correct allocation of GST revenue to the states

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नई दिल्ली। महानिदेशक लेखापरीक्षा कार्यालय ने बैंकों और दूरसंचार कंपनियों जैसे बड़े सेवा प्रदाताओं को लेखांकन (अकाउंटिंग) के लिये उपयोग होने वाले सॉफ्टवेयर की जांच करने के लिए कहा है, ताकि राज्यों को जीएसटी राजस्व के आवंटन के हिसाब-किताब में त्रुटि दूर की जा सके। अधिकारी ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में गिरावट के कारणों का पता लगाने के लिये केंद्रीय और राज्य कर अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी।


बैठक में कुछ राज्यों ने सेवाओं की अंतर-राजीय आपूर्ति के मामले में राजस्व के आवंटन से जुड़े मुद्दे उठाए थे। कुछ राज्यों को लगता है कि कुछ सेवा प्रदाता उनके राज्य के ग्राहकों से एकत्र किये गये कर को कायदे से वहीं जमा कराने के बजाय किसी दूसरे राज्य में जमा करते हैं जो कि जीएसटी के नियमों के अनुसार ठीक नहीं है।

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आपूर्ति के स्थान (पीओएस) के नियमों के तहत, कर का भुगतान उसी जगह या उसी राज्य में करना होता है, जहां उसकी खपत हो रही हो। हालांकि, सेवाओं की आपूर्ति के मामले में खपत की जगह का पता लगाना कठिन है। इसलिये जीएसटी नियमों में इसके लिये विस्तृत नियम निर्धारित किये गये हैं।

अधिकारी ने बताया, "लेखांकन महानिदेशक जांच करेंगे कि अलग-अलग राज्यों में काम कर रहे सेवा प्रदाताओं के लेखांकन सॉफ्टवेयर उन राज्यों के सरकारी कोष में ही कर जमा कर रहे हैं या नहीं।" महानिदेशक ने सेवा प्रदाताओं को तीन-चार महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। अधिकारी ने कहा कि जीएसटी नयी कर व्यवस्था है तो हो सकता है कि सेवा प्रदाता खासकर बैंकिंग और दूरसंचार क्षेत्र पीओएस के हिसाब से राज्य में कर नहीं जमा कर रहे हों।

अधिकारी ने कहा कि महानिदेशक लेखांकन इस बात की तह तक जायेंगे कि सेवा प्रदाताओं द्वारा उपयोग किया जा रहा सॉफ्टवेयर संबंधित राज्यों में जीएसटी सही तरीके से जमा करा रहा है या नहीं। जीएसटी संग्रह में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिये वित्त सचिव हसमुख अधिया ने केंद्र और राज्य सरकारों के जीएसटी अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर, बिहार और उत्तराखंड के जीएसटी राजस्व को बढ़ाने को लेकर चर्चा हुयी।

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जीएसटी क्रियान्वयन के पहले साल (जुलाई 2017- मार्च 2018) में इन राज्यों के जीएसटी राजस्व में औसतन 16 प्रतिशत की गिरावट रही। चालू वित्त वर्ष में यह घटकर 13 प्रतिशत पर रह गया। चालू वित्त वर्ष में केवल छह राज्यों- मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड, सिक्किम और आंध्र प्रदेश- का राजस्व अधिशेष रहा। बाकी 25 राज्यों के राजस्व में गिरावट आई है और केंद्र उन्हें मुआवजा दे रहा है। - एजेंसी

 

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