राजा दशरथ ने संतान प्राप्ति के लिए इस स्थान पर कराया था पुत्रेष्टि यज्ञ

Samachar Jagat | Tuesday, 09 Oct 2018 02:33:32 PM
King Dasharath was done putrakameshti yagna on this place For child birth

धर्म डेस्क। श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि श्रृंगवेरपुर धाम का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। रामायण और पुराणों के अनुसार रघुवंश के विस्तार के लिए राजा दशरथ ने श्रृंगवेरपुर में ही श्रृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था। यज्ञ के पश्चात दशरथ के तीनों रानियों से त्रेता युग के महानायक पुरूषोत्तम श्रीराम समेत चार पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम के जन्म की वजह से श्रृंगवेरपुर को संतान तीर्थ भी कहा गया है । 

श्रापित होने के कारण राजा दशरथ को कोई संतान नहीं हो रही थी। श्रृंगी ऋषि के यज्ञ के फलस्वरूप तीनों रानियों कौशल्या, सुमित्रा तथा कैकेयी से श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। यज्ञ की साधना बेहद कठिन थी। महीनों तक यज्ञ चलने के बाद इसके संकल्प को पूरा करने के लिए इसे संपन्न कराने वाले को अपना पूरा जीवन उसी स्थान पर ही बिताना था । राजा दशरथ के अनुरोध पर दिव्य ज्ञानी और त्रिकालदर्शी श्रृंगी ऋषि संतान के रूप में ब्रह्मरुपी श्रीराम के अवतरण को जानकर पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए तैयार हो गए थे।

गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है कि रघुकुल में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म पर अयोध्या समेत समूचे अवध में कई दिनों तक उत्सव मनाया गया था। श्रृंगी ऋषि के चमत्कार से प्रभावित होकर राजा दशरथ अपनी तीनों रानियों और चारो पुत्रों को आशीर्वाद दिलाने के लिए दोबारा श्रृंगवेरपुर गए और श्रृंगी ऋषि का आशीर्वाद लिया। - एजेंसी 

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