दर्शनार्थियों को लुभा रही है सिद्धायतन में सिद्ध भगवान की प्रतिमा

Samachar Jagat | Monday, 16 Apr 2018 02:51:58 PM
The idol of devotees is proven in Siddhayatan
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सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में स्थित छोटा करीला क्षेत्र में विकसित सिद्धायतन में प्रतिष्ठित सिद्ध भगवान की प्रतिमा अपनी अनूठी संरचना से दर्शनार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर के शिखर पर विशेष रूप से तैयार किए गए जेम स्टोन के कलश इस स्थान की प्रतिष्ठा में और इजाफा करते हैं। यहां के संयोजक ब्रह्मचारी राकेश ने बताया कि आमतौर पर जैन तीर्थंकर की प्रतिमाएं कमलासन पर विराजती हैं। लेकिन यहां प्रतिमा अलग से सिद्ध सिला पर विराजमान हैं। 

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ब्रह्मचारी राकेश का कहना है लगभग एक दशक पहले उनके मन में अतिदुर्लभ सिद्ध भगवान की स्फटिक प्रतिमा और सिद्धायतन की स्थापना का विचार आया। वर्ष 2015 में इसे मूर्त स्वरूप मिला। आंध्रप्रदेश के गुंटूर से स्फटिक का यह रेयर पीस लाया गया। लगभग 1100 किलो का 51 इंच ऊँचा, 2.5 मीटर व्यास का यह पाषाण था। फिर जयपुर की लेब और सागर विश्वविद्यालय के ज्यूलॉजी विभाग की लेब सहित अन्य लेब में इसकी प्रामाणिकता का बारीकी से परीक्षण कराया गया।

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इससे संतुष्ट होने पर जयपुर में कुशल कारीगरों ने प्रतिमा को गढ़ा। इसमें 18 माह से अधिक का समय लगा। सिद्धायतन की स्थापना और प्रतिष्ठा में समाज के लोगों का स्वैच्छिक सहयोग मिला। हाल ही में सिद्धायतन की प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर विविध धार्मिक आयोजन बड़ी सादगी के साथ संपन्न हुए।-एजेंसी

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