भारत में 15-18 साल की अवस्था में ही काम करने लगते हैं 2.3 करोड़ किशोर

Samachar Jagat | Friday, 13 Jul 2018 11:58:41 AM
23 million teenagers in India start working at the age of 15-18

नई दिल्ली।  बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन के अध्ययन में सामने आया है कि भारत में 15-18 साल की अवस्था में ही 2.3 करोड़ किशोर काम करने लगते हैं और उनमें से 1.9 करोड़ बच्चे स्कूली पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 से 19 साल उम्र के लगभग 92 लाख किशोर शादीशुदा हैं और इस आयु समूह की करीब 24 लाख लड़कियां तो मां बन गई हैं। भारत में 15 से 18 साल के किशोरों की स्थिति पर रिपोर्ट में जनप्रतिनिधियों , नीति निर्माता और फैसले लेने वाले लोगों समेत सभी पक्षकारों तक पहुंचने की जरूरत पर जोर दिया गया है , जो इस आयु समूह के किशारों से संबंधित मामलों को देखते हैं। 

रिपोर्ट ने यह भी कहा है कि भारत में 15 से 18 वर्ष उम्र के तकरीबन 2.3 करोड़ किशोर बाल श्रम निषेध एवं नियम अधिनियम के संरक्षण में काम रह रहे हैं। यह कानून 15 से 18 साल आयु के किशोरों को गैर खतरनाक व्यवसाय में काम करने की इजाजत देता है। रिपोर्ट के मुताबिक , 2.3 करोड़ में से 1.9 करोड़ बच्चों ने काम और पढ़ाई का एक साथ प्रबंध नहीं कर पाने समेत विभिन्न कारणों से शिक्षा बीच में ही छोड़ दी है । इसमें कहा गया है , स्कूल व्यवस्था का प्राथमिक लक्ष्य लैंगिक समानता बनाने और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा मुहैया कराना है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है अपहरण के 60 प्रतिशत से ज्यादा पीड़ितों की उम्र 15 से 18 होती है , जबकि 25 प्रतिशत बलात्कार पीड़िताएं 15-18 उम्र की होती हैं। रिपोर्ट लांच करने के मौके पर राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष स्तुति कक्कड़ ने कहा , समाज की मानसिकता यह होनी चाहिए कि अगर एक बच्चे को कुछ सहन करना पड़ता है तो उसके साथ पूरे समाज को सहन करना होता है , तभी हम स्थिति के बेहतर हो ने की कल्पना कर सकते है। - एजेंसी 



 

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